आवारा कुत्ते, बंदर और बिल्लियां खूखार…एक महीने में 100 से ज्यादा पहुंचाए अस्पताल

पांवटा साहिब (सिरमौर)। तापमान बढ़ते ही शहर और आसपास गांवों में आवारा कुत्ते, बंदर और बिल्लियां खूखार होती जा रही हैं। सबसे ज्यादा आवारा कुत्ते लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। इन दिनों सिविल अस्पताल पांवटा में औसतन प्रतिदिन 5 से 8 मामले पहुंच रहे हैं। एक माह के भीतर 100 से अधिक मरीज रेबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंच चुके हैं।

 

समय रहते लावारिस कुत्तों की धरपकड़ और नसबंदी अभियान शुरू नहीं किया गया तो हालात ज्यादा बिगड़ सकते है। समाजसेवी मनिंद्र सिंह मनी, पंकज भटनागर, मोहब्बत अली, भरत राणा, अंजना शर्मा और मनोज चौहान ने कहा कि 21 जनवरी 2018 में पांवटा के साथ लगती अमरकोट पंचायत में आवारा कुतों ने सात वर्ष के बच्चे को नोच कर मौत के घाट उतार दिया था। अब शहरी व आसपास के गांवों मे फिर से कुत्तों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। इन दिनों पांवटा साहिब की कॉलोनियों में लावारिस कुत्तों की लगातार संख्या बढ़ती जा रही है। अधिकतर की नसबंदी (स्टेरलाइज) नहीं है। जिससे प्रजनन के बाद कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है।

 

रोज आवारा कुत्तों द्वारा लोगों पर हमला और काटने के मामले बढ़ रहे हैं। गांव शहरी क्षेत्रों में आवारा कुते हमला कर रहे है। इसलिए नगर परिषद पांवटा साहिब व स्थानीय प्रशासन को गंभीर विषय पर चिंतन मनन करके कोई समाधान निकालना होगा। सतौन में पिछले सप्ताह ही बिल्ली ने एक बच्ची समेत तीन लोगों को काट लिया है। इनको रेबीज के इंजेक्शन लग रहे है।

 

निरंतर बढ़ रहे कुते, बंदर व बिल्ली द्वारा काटने के मामले: डॉ. अमिताभ जैन

सिविल अस्पताल पांवटा के प्रभारी डॉ. अमिताभ जैन ने पुष्टि की है। कहा कि मामले आ चुके है। इन सबकों एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए जा रहे है। इंजेक्शन का पर्याप्त स्टॉक है। कुते व बंदरों व बिल्ली के काटने पर 24 घंटे बाद तक रेबीज का इंजेक्शन हर हाल में लगवा लेना चाहिए। पिछले कुछ दिनों से रोज 5 से 8 तक मामले आने लगे है।

 

बग समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा: ठाकुर अजमेर सिंह

इस तरह की सूचनाएं मिल रही। समस्या गंभीर है, अतिशीघ्र कुत्तों को पकड़ने और नसबंदी की मुहिम शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए पूरी तरह से रणनीति बनेगी।

 

अजमेर सिंह, बनगर परिषद कार्यकारी अध्यक्ष, पांवटा साहिब

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