उफनते पानी को पार करने के लिए लिया जा रहा जेसीबी का सहारा… 10 साल बाद भी नहीं सुधरे हालात- नाथूराम चौहान

उफनते पानी को पार करने के लिए लिया जा रहा जेसीबी का सहारा

धमन गाँव को जोड़ने वाला सिंघरोह खड्ड में आजकल उफनते पानी को पार करने के लिए जेसीबी का सहारा लिया जा रहा है। परिवार के परिवार जेसीबी में बैठकर इस खड़ को पार कर रहे हैं।

 

वही नाथूराम चौहान जो कि शिलाई क्षेत्र में आप पार्टी के प्रत्याशी रहे हैं उन्होंने सवाल खड़े करते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से विधायक हर्षवर्धन चौहान धमौन गांव को जोड़ने के लिए एक पुल का निर्माण नहीं करवा पाए हैं जबकि दस करोड़ इस खड़ पर पुल बनाने के लिए शैक्शन हुए थे।

 

नाथूराम चौहान ने कहा कि जब कच्ची ढांग का रास्ता बंद हो जाता है तब धमोन वैकल्पिक मार्ग के तौर पर प्रशासन और लोगों को याद आता है आज भी इस खड़ से तेज बहाव पानी को पार करने के लिए जेसीबी में बैठकर लोगों को निकाला गया जो इस क्षेत्र के राजनीतिज्ञों के लिए बड़े शर्म की बात है।

 

ग्रामीणों के आवागमन के लिए रास्ते बिल्कुल बंद हो चुके हैं। फिलहाल पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा जेसीबी लगाकर रास्ता खोलने के लिए पाइप दबाए जा रहे हैं।

 

लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि यह पाइप बिछाना केवल एक औपचारिकता है यदि खड़ में ज्यादा पानी आ जाता है तो पानी पाइपों को अपने साथ बहाकर ले जाएगा।

 

आपको बताते चलें कि चुनाव के दौरान धमोन गांव की प्रबुद्ध जनता को लोकसभा चुनाव हो या फिर विधानसभा हर चुनाव के दौरान लॉलीपॉप दिया जाता है कि जल्द ही गांव को पुल के माध्यम से जोड़ा जाएगा।

आपको बताते चलें की धमोन गांव के लिए आज भी टूटे-फूटे रास्तों से जाना पड़ रहा है। हर बरसात में ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है । आज भी दर्जनों गांव के लिए सड़क व पुल सुविधा से महफूज रखा गया है। लोगों को जेसीबी के ऊपर बैठकर खड्ड को पार करवाया जा रहा है।

 

शिलाई क्षेत्र के विधायक व उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान धमोंन गांव के लोगों के साथ काफी अच्छे तालुकात रखते हैं। फिर भी उनके द्वारा इस गांव की अनदेखी की जा रही है।

 

हाल ही में हुई बरसात कारण धमोंन गांव को जोड़ने वाले सिंगरों से निकलने वाला खड्ड का दृश्य देखकर आप आप अपने दांतो तले उंगली दबाने को मजबूर हो जाएंगे ।

 

लोगों को आने जाने के लिए जेसीबी में बैठा कर खड्ड पार करवाए जा रहा है। यदि कोई हादसा हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा ।