कलम छोड़ो हड़ताल पर बैठे जिला परिषद कर्मचारियों को जिला प्रशासन द्वारा चेतावनी जारी

ड्यूटी पर तैनात होने के निर्देश जारी …अन्यथा जिला प्रशासन द्वारा व्यक्तिगत नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी..

 

जिला परिषद कैडर के पंचायत सचिवों की पिछले आठ दिनों से जारी हड़ताल में शामिल होने व कार्य अवरुद्ध होने पर जिला प्रशासन सिरमौर ने संज्ञान लेते हुए चेतावनी नोटिस जारी कर दिए हैं। वहीं सोमवार को ड्यूटी पर तैनात होने के निर्देश जारी किए गए हैं अन्यथा जिला प्रशासन द्वारा व्यक्तिगत नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाए जाने के फरमान जारी किए हैं। गौर हो कि विगत 30 सितंबर से जिला परिषद कैडर के कर्मचारी पंचायती राज अथवा ग्रामीण विकास विभाग में एकमात्र विलय की मांग को लेकर कलम छोड़ो हड़ताल पर विभिन्न विकास खंडों में बैठे हैं। कलम छोड़ो हड़ताल के आठ दिनों बाद भी कोई ठोस नतीजा न निकलने के चलते हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को अब जिला प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लेते हुए चेतावनी नोटिस जारी किया है।

इस बीच पंचायतों में कार्य बाधित न हो के लिए जिला प्रशासन ने विकल्प के तौर पर ग्राम सेवकों, सिलाई अध्यापिकाओं और पंचायत चैकीदारों को पंचायत सचिवों के कार्य को सौंप दिया, मगर इस बीच राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम-2005 के प्रावधानों के मुताबिक पंजीकृत जॉब कार्ड होल्डरों को समयसीमा के भीतर रोजगार उपलब्ध करवाना व मजदूरी का भुगतान समय पर करने के अतिआवश्यक प्रावधान के बीच व्यवस्थाएं चरमराने के चलते जिला प्रशासन ने भी सख्त रवैया अपना लिया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सिरमौर एलआर वर्मा ने जारी नोटिस में कहा है कि कलम छोड़ो हड़ताल से नरेगा के काम प्रभावित होने पर पूरी तरह से पंचायत सचिवों की सेवाएं केंद्रीय नागरिक सेवाएं आचरण नियमावली के विपरीत मानी जाएंगी। उन्होंने कहा है कि यदि नौ अक्तूबर को हड़ताल पर गए कर्मचारी ऑफिस में ड्यूटी तैनाती नहीं देते हैं तो नियमों के अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।