पांवटा साहिब के बनौर पंचायत के गांव खतवाड़ में बरसात ने मचाई तबाही…

बरसात से परिवारों के खेत खलियान तबाह…

 

हिमाचल प्रदेश में लगातार भारी बरसात हो रही है। जिससे करोड़ों का नुकसान जिला सिरमौर में हुआ है। विधानसभा क्षेत्र पांवटा साहिब के बनौर पंचायत के गांव खतवाड़ में बारिश तो हुई, लेकिन अपने पीछे बड़ी तब छोड़ गई।

 

खतवाड़ के लगभग सात परिवार खतरे के निशाने पर हैं। परिवार की बात करें तो घर खंडहर बनने को तैयार हो गया है। खेत खलिहान पूरी तरह से तबाह हो गए हैं।

 

इस परिवार के पास खून पसीने से बनाया गया एक घर था, लेकिन अब घर छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। परिवार के लोगों की बातें सुनकर आप स्वयं भी तकलीफ में आ जाएंगे।

गौर हो कि इस क्षेत्र में माइनिंग इलाका भी आता है। दशकों से माइन चलती है एक ओर जहां गरीब परिवार का रोजगार जुड़ा हैं तो वहीं दूसरी ओर कई लोग लखपति और करोड़पति बन गए हैं।

 

इस तबाही का कारण अवैध खनन नहीं बल्कि वैज्ञानिक तरीके से की गई माइनिंग है। कुछ माइनो के डंपिंग यार्ड बने हैं। जहां सारा मलबा फेंका जाता है। मगर कुछ माईने अवैध तरीके से मलबे की डंपिंग करती है।

 

जो कि बरसात के मौसम में नीचे आता है और अपने साथ खेल खलिहान सब तबाह कर ले जाता है।

 

किसी के खेत चले गए किसी की गोशाला अब घर भी खतरे के निशाने पर है। ग्रामीण निवासी सोहन सिंह का कहना है कि इससे सभी का रोजगार जुड़ा है मगर दूसरी ओर देखा जाए तो जमीन खेत घर आदि खत्म होने की कगार पर हैं।

 

कुंदन सिंह का कहना है कि माइनों का कार्य सही तरीके से चलना चाहिए जिससे ग्रामीणों के घर आदि न उजड़े।

 

रामभज चौहान का कहना है कि माइनिंग से आपत्ति नहीं है बल्कि अवैज्ञानिक तरीके से होने वाली माइनिंग से खतरा है।

 

उनका पूरा परिवार आज डर के साए में जीने को मजबूर है। घरों में दरारें देख कर आप खुद भी चौंक जाएंगे।

 

मदन सिंह का घर वर्षों पहले तबाह हो चुका है। और ये सभी लोग मनाते है कि इसके लिए माइनो से आने वाला मलबा, जिम्मेदार है जिससे भूमि कटाव हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें सुरक्षित जगह जमीन दी जाए।