पांवटा साहिब में फैल सकती है महामारी..बरसात के बाद जल जन्य रोग और मच्छरों का कोई इलाज नहीं कर पाई नगर परिषद

बरसात थमते नजर आएंगे दुष्परिणाम..

 

पांवटा साहिब में बरसात के बाद नालियों और घर के आसपास जमा पानी में मच्छरों का आतंक बढऩे लगा है। नगर परिषद पांवटा साहिब ने समय रहते इसकी रोकथाम के लिए फॉगिंग से धुआं, मैलाथाइन पाउडर व लिक्विड का छिडक़ाव नहीं किया तो बरसात के थमते ही इसके दुष्प्रभाव दिखने लगेंगे। मलेरिया विशेषज्ञ बताते हैं कि हर साल मच्छर जनित रोगों की शिकायतें बरसात थमने के बाद ही शुरू होती हैं। अधिकांश नालियों के आसपास पसरी गंदगी और पानी के ठहराव से मच्छर पनपते हैं। इसकी रोकथाम के लिए नगर परिषद हर साल लाखों रुपए भी खर्च करती है। इसके बाद भी परिणाम शून्य होता है। इससे मच्छरों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इससे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसे खतरनाक रोग के मरीज बढ़ेंगे।

भले ही नगर परिषद ने इस साल समय रहते नालों की सफाई करवा दी हो, लेकिन गली-मोहल्लों में छोटी नालियां अभी भी गंदी है। इससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। इससे निजात पाने के लिए नगर परिषद को नालियों की सफाई और जिन जगहों में नालियां नहीं हैं वहां निर्माण करवाना भी बेहद जरूरी है, उधर, इस बारे में नगर परिषद के अधिकारी संजय तोमर ने बताया कि नगर परिषद द्वारा मच्छरों से निजात दिलाने के लिए नालियों में छिडक़ाव के लिए टैंडर कर दिया है। जल्द ही शहर में छिडक़ाव करवाया जाएगा।

वायरल पीडि़तों की संख्या बढ़ी

इस मौसम में वायरल की शिकायत भी बढ़ रही है। अस्पताल में रोजाना वायरल से ग्र्रसित मरीज आ रहे हैं, जिनमें बुखार, सर्दी-खांसी के साथ वायरल के लक्षण पाए जाते हैं। ऐसे मरीजों को डाक्टर एंटीबायोटिक लेने और खान-पान में सावधानी रखने का परामर्श दे रहे हैं। सिविल अस्पताल पांवटा के डा. एवी राघव बताते हैं कि इस मौसम में संक्रमण तेजी से फैलता है। सिविल अस्पताल पांवटा में रोजाना ओपीडी में वायरल से ग्रसित करीब 200 मरीज जांच करवाने आ रहे हैं।