पांवटा साहिब में हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय द्वारा एक नोटिफकेशन के चलते माजरा थाने के आपराधिक मामलों को पांवटा की अदालतों से अलग कर नाहन की अदालतों में जोड़ा गया है।

पांवटा साहिब में हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय द्वारा एक नोटिफकेशन के चलते माजरा थाने के आपराधिक मामलों को पांवटा की अदालतों से अलग कर नाहन की अदालतों में जोड़ा गया है। 8जिसको लेकर पांवटा बार एसोसिएशन द्वारा हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा लिए गए उपरोक्त निर्णय की निंदा करते हुए चौथे दिन भी लीन हड़ताल पर है। इस दौरान माजरा ,मिश्रवाला ,धौलाकुआं ,पुरुवाला पंचायत के प्रधान बीडीसी सदस्य व स्थानीय लोग भी पांवटा बार एसोसिएशन के साथ हड़ताल में शामिल हो गए है वह इस हड़ताल को अपना समर्थन दिया है। पंचायतो के प्रधानों ,बीडीसी सदस्यों व स्थानीय लोगो ने उच्च न्यायलय से इस इस फैंसले को रद्द करने की अपील करते हुए कहा कि मजारा थाने की अदलात नाहन जाने से गरीब आदमी को भारी परेशानी का समाना करना पड़ेगा उन्होंने कहा की इस दौरान लोगो का पैसे के साथ साथ समय भी खराब होगा। बता दे कि बार एसोसिएशन पांवटा साहिब के सदस्यों हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले के मद्देनजर, जिसके तहत माजरा थाने के आपराधिक कार्यों को पांवटा अदालतों से अलग कर दिया गया है और नाहन अदालतों से जोड़ा गया है। जिसको लेकर बार एसोसिएशन में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बार एसोसिएशन पांवटा साहिब हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा लिए गए उपरोक्त निर्णय की निंदा करता है क्योंकि यह अनुचित, अन्यायपूर्ण और न्याय दरवाजे पर न्याय की अवधारणा के खिलाफ है” यह निर्णय न केवल व्यापक हित के खिलाफ है यह जनता के साथ-साथ बार एसोसिएशन पांवटा साहिब के सदस्यों के हितों के भी खिलाफ है