प्रदेश सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे प्रधान पांवटा में जिला परिषद कर्मियों की हड़ताल के समर्थन में उतरे पंचायत प्रधान ।

प्रदेश सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे प्रधान

पांवटा में जिला परिषद कर्मियों की हड़ताल के समर्थन में उतरे पंचायत प्रधान

प्रधान यूनियन पांवटा जिला परिषद कर्मचारियों के समर्थन में उतर आए हैं। मंगलवार को प्रधान यूनियन के अध्यक्ष देवराज नेगी जिला परिषद कर्मचारियों ने धरना स्थल पर मिले और उन्हें अपना समर्थन दिया। देवराज नेगी ने बताया कि पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक व जेई के बिना पंचायतों का कार्य सुचारू रूप से चला पाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक जिला परिषद कैडर के अधिकारियों व कर्मचारी की हड़ताल खत्म नहीं होती है तब तक वे अपनी पंचायतों में विकास कार्य शुरू नहीं करेंगे।

इस मौके पर पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष मनीष तोमर ने कहा कि पंचायतों का कार्य अन्य कर्मचारियों को सौंपना तर्क संगत नहीं है। उन्होंने प्रदेश सरकार से अपील की है कि जिला परिषद कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उनका शीघ्र विभाग में विलय किया जाए।

उन्होंने कहा कि जिला परिषद कर्मचारियों की सभी मांगें जायज हैं। प्रधान संघ उनकी मांगों का समर्थन करते हैं। पूरे प्रदेश में पंचायती राज विभाग के अधीन जिला परिषदों में लगभग 4700 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसमें पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, जेई, एसडीओ, डाटा एंट्री ऑप्रेटर, कनिष्ठ लेखापाल, कनिष्ठ अशुलिपिक व सेवादार शामिल हैं। ये कर्मचारी पिछले 24 वर्ष से विभाग में समायोजन की राह देख रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उन्हें विभाग में समायोजित नहीं करती है तब तक वह हड़ताल पर डटे रहेंगे। समय लेते प्रदेश सरकार मान जाए नहीं तो प्रधान संघ को भी सड़कों पर उतरना पड़ेगा और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी करनी पड़ेगी

पिछले वर्ष लिखित आश्वासन मिले, कोई कार्रवाई नहीं हुई

पिछले वर्ष कर्मचारियों ने 13 दिन की हड़ताल की। उस दौरान भी लिखित आश्वासन मिले लेकिन उससे आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। 23 सितम्बर, 2022 को छठे वेतन आयोग की अधिसूचना हुई थी उसे रोक दिया गया। कर्मचारियों को डीए, छठा पे कमीशन व नियमितीकरण आदि का लाभ नहीं दिया। इससे कर्मचारियों में आक्रोश है और वह कमल छोड़ हड़ताल करने को विवश हैं।

 

बाइट मनीष तोमर