फसल बेचने के लिए इजाजत वाले फैसले पर भडक़े किसान…एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

पांवटा साहिब के कई गांव में किसान अपनी निजी जमीन पर जिस जमीन पर सरकार का कोई हक नहीं है धान, गेहूं, गन्ना, मक्की की फसल के साथ-साथ यहां पर पॉपलर और सफेदा के भी खेती करते है, जिससे किसान अपनी और फसलों और लकड़ी को काट कर नजदीक मंडियों में बेचा करते है। इस प्रकिया में किसानों को पेड़ काटने के लिए बिना वन विभाग की परमीशन से हरियाणा के जगाधरी लक्कड़ मंडी में व्यापार करते है थे, लेकिन अब ऐसा करने के लिए किसानों को वन विभाग और सरकार से परमिशन लेनी पड़ेगी, जिसको लेकर पांवटा किसान यूनियन के लोगों में रोष है। किसानों ने कहा कि अपनी जमीन की फसल और पेड़ बेचने के लिए वन विभाग और सरकार की परमिशन की कोई जरूरत नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह किसान के अपनी निजी जमीन में से काटी गई फसल है। इस बात को लेकर भारतीय किसान यूनियन अध्यक्ष ब्लॉक पांवटा साहिब जसविंदर सिंह बिलिंग और उनके सदस्यों ने एक ज्ञापन एसडीएम पांवटा गुंजित चीमा को सौंपा।