BIG BREAKING : बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत मंडी संसदीय क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर लड़ेगी चुनाव

मंडी : बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत मंडी संसदीय क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेगी और कांगड़ा से राजीव भारद्वाज के नाम की धोषणा की गई है। कंगना रनौत का जन्म 23 मार्च 1987 को मंडी जिला के सरकाघाट के भावला में हुआ था। वह हिन्दी फिल्मों की एक प्रसिद्ध अभिनेत्री हैं। कंगना ने कुछ समय पहले ही बिलासपुर के सोशल संवाद कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया था और अपना संबोधन हिमाचल प्रदेश की जनता के समक्ष रखा था। इसके साथ ही कंगना का एक घर मनाली में भी है।

 

कांग्रेस डूबता जहाज, कांग्रेस नेता कर रहे मलाईदार बातें : जनक

शिमला, भाजपा नेता एवं विधायक के डॉ जनक राज ने कांग्रेस नेता ठाकुर रामलाल का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को अपना कुनबा संभालना चाहिए और भाजपा की चिंता है छोड़ देनी चाहिए, जहां कांग्रेस के नेता वोट दिखाकर भाजपा को डालते हैं और फिर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर लेते हैं और इतिहास में पहली बार ऐसा होता है जब निर्दलीय विधायक भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण करते हैं और इस्तीफा देते हैं आज से पहले इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ।
यह सरकार निश्चित रूप से वेंटिलेटर पर है और वेंटिलेटर पर ही रहेगी रामलाल ठाकुर जितना मर्जी प्रयास कर ले पर सरकार की स्थिति ठीक होना असंभव लग रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हालत डूबते हुए जहाज की तरह है और ऐसा लगता है कि यह जहाज जल्दी ही डूब जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 में उनके नेता चुनाव लड़ना नहीं चाहते हैं और स्वयं रामलाल ठाकुर खुद भी चुनाव लड़ने से मना कर चुके हैं।
जिस संगठन की प्रदेश अध्यक्ष ही चुनाव नहीं लड़ना चाहती तो उससे संगठन की ताकत क्या रह गई होगी वह जग जाहिर है।

उन्होंने कहा कि इनके एक वरिष्ठ मंत्री गोमा जी प्रेस वार्ता कर रहे थे और उनके साथ बैठे नेता अपने संगठन के नेताओं के बारे में मलाईदार बातें कर रहे थे। इससे समझ आता है कि इन नेताओं कि अपने नेताओं के प्रति क्या मानसिकता है।

आपदा प्रबंधन : शैक्षणिक संस्थानों में 04 अप्रैल को होगी माॅक ड्रिल
धर्मशाला, 24 मार्च। कांगड़ा जिला में आपदा प्रबंधन को लेकर सभी शैक्षणिक संस्थानों में माॅक ड्रिल आयोजित की जाएगी। यह जानकारी देते हुए जिलाधीश हेमराज बेरवा ने बताया कि इस बाबत सभी उपमंडलाधिकारियों, शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा तथा प्रारंभिक शिक्षा को माॅक ड्रिल के आयोजन को लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिलाधीश ने बताया कि कांगड़ा जिला में 04 अप्रैल 1905 को भूकंप के कारण 20 हजार लोगों ने जान गंवाई थी जबकि एक लाख से भी ज्यादा भवन क्षतिग्रस्त हुए थे इस तरह की आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन पर विशेष बल दिया जा रहा है ताकि आपदा की स्थिति में नुक्सान को कम किया जा सके। जिलाधीश ने बताया कि जिला स्तर तथा उपमंडल स्तर पर आपदा प्लान तैयार किए गए हैं इसके साथ ही स्कूलों, अस्पतालों में भी आपदा प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी स्तर पर नुक्सान को कम किया जा सके।
उन्होंने कहा कि इसी आपदा प्रबंधन प्लान को परखने के लिए नियमित तौर पर माॅकड्रिल का आयोजन किया जाता है ताकि आपदा के दौरान आपदा प्रबंधन प्लान के हिसाब से कार्य किया जा सके और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किसी तरीके से आपदा की स्थिति से निपटना है उसका भी अभ्यास हो सके।