राजपुर अस्पताल की दुर्दशा को देखते हुए 11 पंचायतों के प्रतिनिधियों ने जारी किया फरमान…

सडक़ से हटेंगे अवैध कब्जे

जिला सिरमौर के उपमंडल पांवटा साहिब के अंतर्गत आने वाले राजपुर हॉस्पिटल की दुर्दशा को लेकर आंजभौज की 11 पंचायतों के बुद्धिजीवी वर्ग की एक आपात बैठक राजपुर में संपन्न हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि राजपुर हॉस्पिटल के रास्ते के अवैध कब्जे शीघ्र हटाए जाएंगे। इस अवसर पर भूमि दान-दाताओं को सम्मानित किया गया। राजपुर के लक्ष्मी नारायण मंदिर के प्रांगण में हुई इस बैठक में क्षेत्र की 11 पंचायतों के प्रतिनिधि वर्ग एवं बुद्धिजीवी वर्ग ने हिस्सा लिया। जिसमें राजपुर हॉस्पिटल एवं कर्मचारियों के हॉस्पिटल रिहायशी मकानों की दुर्दशा पर चर्चा की गई। साथ ही विभाग के नाम जो रजिस्ट्री नहीं हुई है उस पर भी चर्चा की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से अवैध कब्जों एवं जो पुराने ऑफिस यहां विद्यमान थे उन्हें वापसी लाने का फैसला लिया गया है।

इस अवसर पर हॉस्पिटल के पुराने एंबुलेंस रोड को खोलने की मांग की गई। हॉस्पिटल आरकेएस की पुरानी कमेटी को भंग करके नई कमेटी का गठन करने का निर्णय लिया गया, जिसमें अश्वनी सिंगला को प्रधान, उपाध्यक्ष निशिकांत, संतराम चौहान, राजेंद्र नेगी, सचिव मनीष तोमर, सह-सचिव जगदीश चौहान, रणदीप पुंडीर, नरेंद्र परमार, कोषाध्यक्ष श्याम सिंह पुंडीर को संयुक्त रूप से बनाया गया। जबकि हर एक पंचायत से सदस्यों को चुना गया, जिसमें भरली आगरों से रणदीप सिंह, सुरेश कुमार टीटू, टौंरू डांडाआंज पंचायत से श्याम सिंह, पंच राम, भैला से अर्जुन सिंह, मनीष, राजपुर से अश्विनी, संतोष, संजीव, अंबोया पंचायत से निशिकांत शामिल हुए। उधर, इस मामले में सीएमओ सिरमौर डा. अजय पाठक ने बताया कि यह हर्ष का विषय है कि हॉस्पिटल के इस मुद्दे को लेकर बुद्धिजीवी वर्ग की बैठक हुई है। उन्होंने कहा कि विभाग रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पर अतिशीघ्र कार्रवाई कर अमल में लाएगा।