रामपुर बंजारन में बारिश ने कहर ढाया…किसानों की खेतों में खड़ी करोड़ों की जमीन-फसल तबाह

किसानों की खेतों में खड़ी करोड़ों की जमीन-फसल तबाह..

 

सिरमौर जिला में बारिश के जख्मों ने जिला के लोगों का आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। भले ही भारी बारिश का दौर अभी रुक चुका है परंतु सिरमौर जिला में बारिश के नुकसान के घाव लगातार सामने आ रहे हैं। जिला सिरमौर के तहसील पांवटा साहिब के अंतर्गत आने वाले रामपुर बंजारन में बारिश ने कहर ढाया है। हालत यह है कि रामपुर बंजारन में करोड़ों रुपए की किसानों की खेतों में खड़ी फसलें मटियामेट हो गई हैं। ऐसे में रामपुर बंजारन गांव के लोगों ने अब प्रशासन के माध्यम से सरकार से सहायता की गुहार लगाई है। पांवटा विकास खंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रामपुर बंजारन के किसानों ने इस सिलसिले में उपमंडलाधिकारी पांवटा साहिब को नुकसान का पूरा विवरण सौंपते हुए उचित मुआवजे की मांग की है।

पंचायत समिति सदस्य रामपुर भारापुर स्वर्ण सिंह, पूर्व पंचायत प्रधान ओम प्रकाश, वार्ड सदस्य ग्राम पंचायत रामपुर भारापुर कृष्णा देवी, स्थानीय निवासी आज्ञा राम, तेज राम, देशराज, जगत राम, राजेश कुमारी, नवल किशोर, नीलम, दयाल कौर, रामकुमार, राकेश कुमार, मोहन लाल आदि समेत पांच दर्जन से अधिक प्रभावित लोगों ने उपमंडलाधिकारी पांवटा साहिब को दी गई नुकसान की रिपोर्ट में कहा है कि धौलाकुआं से गिरिनगर जाने वाले मार्ग पर धौलाकुआं के पास बने पुल के दोनों तरफ वार्ड को नियंत्रित करने के लिए जो बड़े-बड़े डंगे लगाए गए थे तथा सुंकर नदी को चैनेलाइज किया गया था वह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। यही नहीं गुलशन कैमिकल फैक्ट्री के साथ जो डंगा बहुतकनीकी संस्थान तक लगाया गया था वह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे आसपास के घरों व आबादी के साथ-साथ फसलों को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यदि तुरंत प्रभाव से सुंकर नदी पर सुरक्षा की व्यवस्था नहीं की गई तो भारी जानमाल का नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों के मुताबिक इस नुकसान का मुख्य कारण नदी में अवैध खनन है। प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर व जेसीबी अवैध खनन में प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यहां से खनन सामग्री पंजाब व हरियाणा को तस्कर की जा रही है। परिणामस्वरूप सुंकर नदी गहरी होती जा रही है जिससे लोगों के घरों के रास्ते बंद हो रहे हैं तथा बारिश के दौरान फसलों व घरों को खतरा पैदा हो रहा है।