राहुल गांधी के साथ हुआ षड्यंत्र, देश में हो रही लोकतंत्र की हत्या- CM सुक्खू

https://we.tl/t-bqmgLo79Cb

राहुल गांधी के साथ हुआ षड्यंत्र, देश में हो रही लोकतंत्र की हत्या- CM सुक्खू

एंकर— सूरत कोर्ट से राहुल गांधी को मिली सजा के बाद लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी की बतौर सांसद सदस्यता रद्द कर दी है. इसके बाद से ही कांग्रेस पूरे देश भर में इसका विरोध जाहिर कर रही है. कांग्रेस पार्टी इसे खुलेआम लोकतंत्र की हत्या करार दे रही है. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राहुल गांधी से डर गई है. उन्होंने कहा कि जिस तरह राहुल गांधी की भारत यात्रा को अपार समर्थन मिला, उससे बीजेपी बुरी तरह घबराई हुई है.

VO— हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी षड्यंत्र रच रही है. यह सब कुछ राजनीतिक षड्यंत्र के तहत हुआ. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी शहीद इंदिरा गांधी के पोते और शहीद राजीव गांधी के बेटे हैं. उन्होंने कहा कि इसी तरह इंदिरा गांधी की सदस्यता भी रद्द करने का काम किया था. इसके बाद इंदिरा गांधी ने देश भर में किस तरह वापसी की, यह सभी जानते हैं. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जनता साफ तौर पर यह महसूस कर रही है कि भाजपा अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने का काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी की सदस्यता को याद करवा कर बीजेपी को लग रहा है कि उन्होंने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है, लेकिन यह उनकी गलतफहमी है. उन्होंने कहा कि इससे कांग्रेस पार्टी की विचारधारा और अधिक मजबूत होकर उभरेगी. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राहुल गांधी की सदस्यता को रद्द किए जाने को लोकतंत्र की हत्या करार दिया.

 

एंकर —बसंत ऋतु आते ही हिमाचल के ऊपरी क्षेत्र के जंगलो में बुरांश के
पेड़ो में फूल खिलने से जंगल दिखने लगते है मनमोहक व आकर्षक । बुरांश
के फूलो को ग्रामीण लोग प्रयोग करते है कई बीमारियों में औषधी के रूप
में। ऐसे में मार्च और अप्रैल महीनों में पहाड़ बुरांश के फूलों के
गुलाबी रंगो से हो जाते है गुलजार ।

वी -ओ —- ऊपरी हिमाचल के जंगलो में बुरांश के सदाबहार पेड़ जंगलो की
शोभा बढ़ाने में अहम् भूमिका निभाते है। हिमाच्छादित घने जंगलो में
मार्च, अप्रैल महीने में बुरांश के फूल खिलते ही वीरान जंगल आकर्षक और
मनमोहक हो जाते है। इन दिनों जंगल बुरांश के फूलो से लबा लब होने के
कारण स्वर्ग की परिकल्पना कराते है। बुरांश के फूलों को ग्रामीण लोग कई
बीमारियों में औषधि के रूप में इस्तेमाल करते है। बुरांश के फूलों से
बना शरबत हृदय रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इन
पंखुड़ियों का उपयोग सर्दी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और बुखार को
दूर करने के लिए किया जाता है। स्थानीय लोग इसका इस्तेमाल स्क्वैश चटनी
और जैम बनाने में करते हैं। वसंत ऋतु में आने वाले पर्वों के दौरान
देवी देवताओ के रस्मो में ग्रामीण बुरांश के फूलों का प्रयोग करते है।
बुरांश उत्तराखंड का राजकीय वृक्ष है, जबकि हिमाचल और नागालैंड का
राजकीय पुष्प भी है। बुरांश का वानस्पतिक नाम रोडोडेंड्रोन अरबोरियम
एसएम है। बुरांश को अंग्रेज़ी में रोडोडेंड्रोन और संस्कृत में कुर्वाक
के नाम से भी जाना जाता है। बुरांश के पेड़ो की ऊंचाई पच्चीस से चालीस फ़ीट
तक होती है और पंद्रह सौ से चार हजार मीटर की ऊंचाई में अधिक पाया जाता
है। यह एक सदाबहार पेड़ है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी और इंटरनेशनल सेंटर फॉर
जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी (आईसीजीईबी) के शोधकर्ताओं ने
हिमालय की पहाड़ियों में पाए जाने वाले बुरांश के पेड़ से कोरोना का इलाज
ढूंढने का दावा किया है।

बाइट — किन्नौर चौरा गाँव के रतन चंद ने बताया फागुन लगते ही बुरांश के
फूल खिलने लगते है। जब बुरांश के फूल जंगल में खिलते है तो जंगल सुन्दर
लगने लगते है। बुरांश बारह महीने हरा रहता है। बुरांश में फूल आने के
बाद करीब दो महीना फूल रहते है। बुरांश के फूलों नवरात्रि में भी
इस्तेमाल करते है। इस के कई औषधीय गुण भी है।

बाइट –रामपुर के शनेरी गाँव के उमा दत्त भरद्वाज ने बताया हमारे जंगलो
में बुरांश के पेड़ो खिले है। बुरांश में फूल खिलते जंगल सुन्दर दिखने
लगते है। बुरांश के फूलो को औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है।

बाइट –रामपुर के पाशाड़ा गाँव की शीला चौहान ने बताया आज कल जंगलो में
बुरांश खूब खिले है। जब वे जंगलो में गुच्छी खोजने जाते है तो बुरांश
फूलो से जंगल मनमोहक लगते है। दिन में थकान के बाद बुरांश का जूस पीते
है तो थकान मिट जाती है।