वेरी आयरन स्टील फैक्ट्री के जहरीले धुएं से सैकड़ों लोगों की जान खतरे में ग्रामीण

पोलूशन विभाग के लाख बार मना करने के बाद भी फैक्ट्री की मनमानी जारी

 

फेक्ट्री के खिलाफ ग्रामीण उतरे सड़कों पर जमकर

नारेबाजी…..

 

सिरमौर जिले में उद्योग पोलूशन विभाग के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं पोलूशन विभाग के लाख बार मना करने के बावजूद भी उद्योग चंद सिक्कों के लालच में जहरीला धुआं छोड़कर लोगों के लिए आफत बन गए हैं ऐसा ही ताजा मामला वेरी आयरन स्टील फैक्ट्री सामने आया है जिसके धोने को देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे

 

जानकारी मुताबिक परेशान लोगों ने कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की लेकिन उसके बावजूद भी कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई जा रही है इस फैक्ट्री के जहरीले धुएं से आसपास के तो लोग बल्कि यहां बसे गांव के लोगों को भी परेशानियां झेलनी पड़ रही है जहरीला धुआं घरों के अंदर घुस कर लोगो के आशियाना को बहन लगा रहा है।

 

लोगों ने बताया कि वेली आयरन फैक्ट्री पिछले कई सालों से जहरीला गंदा धुआं उगलती आ रही है। आज क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस फैक्ट्री के खिलाफ मोर्चाबंदी की और जमकर नारेबाजी भी की

 

ग्रामीणों ने बताया कि अब लोगों के सब्र का बांध टूटा है आसपास के ग्रामीण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं समेत सड़कों पर उतर आए हैं। आरोप बेहद संगीन हैं। इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास के नाम पर लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। फैक्ट्री परिसर हर रोज जहरीला धुआं छोड़ा जाता है। यह धुंआ आसपास के क्षेत्र में फेल कर मिट्टी, फसलों, पानी, हवा सहित खाने पीने की हर चीज को दूषित कर रहा है। प्रदूषण की वजह से क्षेत्र में लोगों का जीना मुहाल है। कई लोग तो इस क्षेत्र से पलायन का मन बना चुके हैं। क्षेत्र के बहुत से लोग चर्म रोग, दमा, खांसी, टीवी और कैंसर जैसी घातक बीमारियों से पीड़ित हैं। बावजूद इसके प्रशासन और सरकार ने कंपनी को दुआओं करने की खुली छूट दे रखी है।

 

बाइट – स्थानीय बुजुर्ग

 

वीओ – गांव के लोग पिछले लंबे समय से फैक्ट्री की इस मनमानी के खिलाफ हर स्तर पर शिकायत कर चुके हैं। मगर समाधान कहीं से नहीं हो रहा है। आज ग्रामीणों ने फैक्ट्री के खिलाफ सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया और फैक्टरी प्रबंधन को चेतावनी दी कि अगर आज से ही स्थिति नहीं सुधरी तो ग्रामीण यहां पर उग्र आंदोलन शुरू कर देंगे। ग्रामीणों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और फैक्टरी के खिलाफ रणनीति बनाने के लिए फैक्ट्री के समीप ही एक बैठक का आयोजन किया। बैठक के बाद फेक्ट्री के खिलाफ रोष मार्च निकाला गया। ग्रामीणों में हैरानी इस बात को लेकर है कि बार-बार शिकायत करने पर भी आखिर जहरीला धुवां उगलने वाले उद्योग के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों को सबसे अधिक परेशानी टायरों के तारे जलाने से निकलने वाले काले धुंए से है। लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि फैक्ट्री परिसर में तारों को ना जलाया जाए और फैक्ट्री से निकलने वाले धुंए को संशोधित करके चिमनी के माध्यम से छोड़ा जाए, मगर कंपनी प्रबंधन लोगों की कोई बात नहीं मान रहा है।

 

बाइट- स्थानीय युवती बाइट- स्थानीय लोग