शिक्षक दिवस पर सरकारी विद्यालय निहालगढ़ स्पेशल आयोजन

शिक्षक दिवस पर सरकारी विद्यालय निहालगढ़
स्पेशल आयोजन

समाजसेवी व Head (HR&Admin _K S chouhan मौजूद

अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाने वाले गुरु को भगवान का दर्जा दिया जाता है. हमारे जीवन में गुरु का बड़ा महत्व है. भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस (Teachers Day) मनाया जाता है. वही शिक्षक दिवस के अवसर पर राजकीय उच्चतर् माध्यमिक पाठशाला, निहालगढ़ में बायोलोजिकल ई लिमिटेड पोंटा साहिब के सहयोग से पर्यावरण के प्रति जागृति अभियान का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम का आयोजन बायोलोजिकल कम्पनी के 70 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किया गया ।

 


इस अवसर पर पर्यावरण सम्बन्धी पेंटिंग , कविता पाठ , भाषण प्रतियोगिता , नारा लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गयी जिसमें छात्र छात्राओं ने बड़ी संख्या में बढ़-चढ़कर भाग लिया ।इसके साथ साथ छात्रों व कर्मियों के सहयोग से कम्पनी द्वारा विद्यालय परिसर में साफ़ सफाई का अभियान भी चलाया ।

वही K S Chouhan ने कहा कि शिक्षक दिवस पर देश में शिक्षकों के अद्वितीय योगदान को प्रोत्साहित और उन सभी शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता और समर्पण के माध्यम से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया है बल्कि अपने छात्रों के जीवन को भी समृद्ध बनाया है.

 

पहली बार कब मनाया गया था शिक्षक दिवस?
दरअसल, डॉ. एस राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को हुआ था. सन 1962 में जब डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने भारत के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला, तो उनके छात्र 5 सितंबर को एक विशेष दिन के रूप में मनाने की अनुमति मांगने के लिए उनके पास पहुंचे. इसके बजाय, उन्होंने समाज में शिक्षकों के अमूल्य योगदान को स्वीकार करने के लिए 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का अनुरोध किया. डॉ. राधाकृष्णन ने एक बार कहा था कि “शिक्षकों को देश में सर्वश्रेष्ठ दिमाग वाला होना चाहिए.” 1954 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.


कार्यक्रम में बायोलॉजिकल इ की ओर से :
1. K S chouhan – Head (HR&Admin)
2. Ajai Saxena -Head (Safety)
3 Manoj Verma
4. Kanika Sharma
5. Deepika
6. Nitu Ram
7 Rakesh Dobhal
8 Kulwant Singh
विशेष रूप से उपस्थित रहे ।

विद्यालय् की प्रधानाचार्य अंजू सूरी ने कार्यक्रम आयोजन हेतु कम्पनी के अधिकारियों का स्वागत करते हुए उनके प्रति साधुवाद प्रगट किया ।अपने सम्बोधन में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में 4R यानी Refuse ,Reduce , Recycle & Recreate का महत्व समझाते हुए पुनर्चक्रण के माध्यम से जल, जंगल, ज़मीन के संरक्षण के द्वारा संसाधनों की रक्षा पर बल दिया । मंच संचालन का दायित्व आचार्य राधेश्याम जी ने बहुत मनमोहक ढंग से निभाया।इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक अरुण शर्मा ,राम गोपाल , सहित सभी स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय रहे छात्रों को श्री के.एस.चौहान , श्री अजय सक्सेना व प्रधानाचार्य अंजू सूरी द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया।
कंपनी के Safety Head श्री अजय सक्सेना जी ने Waste Management पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को प्लास्टिक के इस्तेमाल व उससे होने वाले नुक़सान के बारे में अवगत करवाया । मानव संसाधन व कम्पनी प्रशासन के हेड श्री KS चौहान जी ने भी इस अवसर पर छात्रों को सम्बोधित करते हुए पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार बने रहने की अपील की व धन्यवाद ज्ञापन के द्वारा विद्यालय् परिवार और विशेष रूप से प्रधानाचार्य सुश्री अंजू सूरी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया तथा कम्पनी की और से शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी ।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय गीत के साथ समारोह का समापन किया गया व सभी के लिए इस अवसर पर मिष्ठान का वितरण भी किया गया ।