हिमाचल की टॉप 10 खतरे

 

कागड़ा में बारिश, मंडी-सिरमौर में गिरे ओले, प्रदेश में चार दिन खराब रहेगा मौसम*

हिमाचल प्रदेश में चार दिन मौसम खराब रहने के आसार हैं। 26 अप्रैल की रात से ताजा पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में ये बदलाव आने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 26 से 29 अप्रैल तक प्रदेश के मैदानी, मध्य व उच्च पर्वतीय भागों में बारिश की संभावना है। इस दौरान चोटियों पर बर्फबारी हो सकती है। कुछ भागों में अंधड़ चलने का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। मंगलवार को भी प्रदेश में कई जगह मौसम खराब रहा। कांगड़ा में बारिश हुई, जबकि मंडी और सिरमौर में बारिश के साथ-साथ ओले गिरे। ओलों से गेहूं और नकदी फसलों सेब, मटर, टमाटर को नुकसान हुआ है। मंगलवार को कांगड़ा के कई इलाकों में बारिश हुई। इससे खेतों में काट कर रखी गेहूं को नुकसान हुआ है। इसके अलावा मंडी के कई क्षेत्रों में बारिश हुई, जबकि सराज घाटी में ओले गिरने से सेब बागवानों को नुकसान हुआ है। बागवानों के एंटी हेलनेट भी ओलों से फट गए। जिला सिरमौर के नौहराधार क्षेत्र में भी ओलावृष्टि हुई, जिससे नकदी फसलों मटर, टमाटर और सेब के बगीचों को नुकसान हुआ है। राजधानी शिमला में दिन भर हल्के बादल छाए रहे। न्यूनतम तापमान शिमला में न्यूनतम तापमान 10.2, सुंदरनगर 12.5, भुंतर 11.5, कल्पा 5.0, धर्मशाला 14.2, ऊना 14.5, नाहन 16.9, केलांग माइनस 0.1, पालमपुर 12.0, सोलन 10.0, मनाली 7.2, कांगड़ा 15.0, मंडी 13.5, बिलासपुर 16.0, हमीरपुर 14.0, चंबा 12.0, डलहौजी 11.0, जुब्बड़हट्टी 12.6, कुफरी 7.9, कुकुमसेरी 0.7, नारकंडा 5.2, भरमौर 12.0, रिकांगपिओ 8.5, सेऊबाग 9.0, धौलाकुआं 9.0, बरठीं 13.0, मशोबरा 9.4, पांवटा साहिब 19.0, सराहन 9.5 और देहरागोपीपुर 19.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। अधिकतम तापमान धौलाकुआं में अधिकतम तापमान 30.9. शिमला 18.9, डलहौजी 16.9, चंबा 2

 

 

 

*प्रकाश सिंह बादल के निधन पर दो दिन का राष्ट्रीय शोक, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ने जताया दुख*

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल का मंगलवार रात निधन हो गया। उन्होंने मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई दिग्गज राजनेताओं ने बादल के निधन पर दुख जताया। केंद्र सरकार ने बादल के निधन पर दो दिन (26 और 27 अप्रैल) के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और सरकारी मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी जताया दुख राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के निधन पर ट्वीट करके शोक जताया। उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह बादल आजादी के बाद से सबसे बड़े राजनीतिक दिग्गजों में से एक थे। हालांकि, सार्वजनिक सेवा में उनका अनुकरणीय करियर काफी हद तक पंजाब तक ही सीमित था, लेकिन देश भर में उनका सम्मान किया जाता था। उनका निधन एक शून्य छोड़ गया है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने बताया राष्ट्र के लिए भारी क्षति प्रकाश सिंह बादल का निधन पंजाब और राष्ट्र के लिए भारी क्षति है। उन्हें सदैव असाधारण नेतृत्व, दूरदृष्टि और जनता के कल्याण के प्रति समर्पण के लिए याद रखा जाएगा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिजनों और मित्रों के साथ हैं। ओम शांति।

 

चंबा मे वन विभाग की टीम ने देवदार के 115 स्लीपरों से लदा ट्रक पकड़ा*

हिमाचल प्रदेश के चंबा में वन विभाग की टीम ने देवदार के 115 स्लीपरों से लदा ट्रक पकड़ा है। लंगेरा-चंबा मार्ग पर कैंथली के पास वन विभाग की टीम को यह सफलता मिली। पकड़े गए देवदार के स्लीपरों की कीमत बाजार में पांच लाख के करीब बताई जा रही है। वन विभाग की टीम ने देवदार के स्लीपरों समेत ट्रक को पुलिस के हवाले कर दिया है। साथ ही वन खंड अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतने अधिक देवदार के स्लीपरों को लेकर ट्रक चालक उसे कहां पहुंचाने की फिराक में था। पुलिस जांच में ही इस बात का खुलासा होगा। वनमंडलाधिकारी सलूणी सुशील कुमार गुलेरिया की अगुवाई में वन खंड अधिकारी किहार हमीद, वन खंड अधिकारी बनोगा कुलदीप कालिया, वन रक्षक लेखराज, विवेक, शारदा और वन कर्मी श्याम लाल की टीम ने चंबा-लंगेरा मार्ग पर कैंथली के पास सोमवार देररात गुप्त सूचना के आधार पर ट्रक की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसमें देवदार के स्लीपर पाए गए। विभागीय टीम ने ट्रक चालक से देवदार के स्लीपरों से संबंधित दस्तावेज मांगे तो वह मौके पर लकड़ी संबंधी दस्तावेज नहीं दिखा पाया। इसके बाद टीम ने ट्रक समेत लकड़ी को अपने कब्जे में लेकर किहार थाने में इसके बारे में सूचना दी। वनमंडलाधिकारी सलूणी सुशील कुमार गुलेरिया ने मामले की पुष्टि की है। बताया कि अवैध रूप से लकड़ी लेकर जा रहे ट्रक के बारे में सूचना मिली। सूचना के आधार पर टीम ने ट्रक की तलाशी ली। बताया कि मौके पर ट्रक चालक लकड़ी संबंधी कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा पाया। इसके बाद किहार पुलिस को सूचित किया गया

 

 

हिमाचल में 263 नए कोरोना पॉजिटिव, सक्रिय मामलों की संख्या 1,270

हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को 263 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज आए हैं। प्रदेश में अब कोरोना सक्रिय मरीजों की संख्या 1,270 रह गई है। अस्पतालों में 19 मरीज भर्ती हैं। 6 लोग स्वस्थ हुए हैं। उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि अस्पतालों में भर्ती सभी मरीजों की हालत ठीक है। मंगलवार को प्रदेश में 4,443 लोगों के सैंपल लिए गए। जिला कांगड़ा में 72, हमीरपुर और मंडी 37-37, सिरमौर 27, ऊना 22, चंबा 18, बिलासपुर 15, सोलन 14, कुल्लू 10, शिमला आठ, जिला किन्नौर में दो और लाहौल-स्पीति में एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया है।

 

 

हिमाचल के वाटर सेस को केंद्र सरकार ने बताया असंवैधानिक, यह है बजह*

केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कहा, उत्पादित बिजली पर टैक्स नहीं लगा सकते राज्य
अपने संसाधन बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार द्वारा उठाए गए एक बड़े कदम को केंद्र सरकार ने असंवैधानिक बता दिया है। यह मामला हिमाचल की नदियों के पानी से बनने वाली बिजली पर वाटर सेस लगाने का है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री की सहमति से एक पत्र सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजा है। हिमाचल के मुख्य सचिव को 25 अप्रैल को ही यह पत्र मिला। इसे ऊर्जा मंत्रालय के डायरेक्टर आरपी प्रधान ने लिखा है। इसमें कहा गया है कि राज्य बेशक यह तर्क दे रहे हों कि वे अपने यहां पानी पर टैक्स लगा रहे हैं, लेकिन यह टैक्स उत्पादित बिजली पर लग रहा है और बिजली पर टैक्स लगने के कारण दूसरे राज्यों या ग्रिड में बिजली की कीमत बढ़ रही है। यह संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ है। कोई भी राज्य ऐसा कदम नहीं उठा सकता, जिसका असर दूसरे राज्यों के लोगों पर हो। इस पत्र में हिमाचल के साथ-साथ उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पहले लिए गए इसी तरह के फैसले पर भी सवाल उठाए गए हैं।
ऐसे सभी राज्यों को वाटर सेस या एयर सेस लगाने जैसे फैसले वापस लेने के निर्देश भी इस पत्र में दिए गए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले ऊर्जा मंत्रालय ने ही बिजली या पानी पर लग रहे टैक्स को देखते हुए विद्युत आबंटन के लिए एक नया ऑर्डर ऑफ मेरिट बनाने का फैसला लिया था। उसमें उन राज्यों को बिजली बाद में देने का प्रावधान था, जो अपने यहां बिजली या पानी पर टैक्स लगाते हैं। पावर सरप्लस हिमाचल इस फैसले से ज्यादा प्रभावित नहीं हो रहा था, लेकिन अब ऊर्जा मंत्रालय द्वारा भेजी गई

 

 

OPS नहीं दे पाए, मुफ्त पानी क्या देंगे, CM का पलटवार, कांग्रेस ने पुरानी पेंशन-महिलाओं को दिए 1500 रुपए*

भाजपा के घोषणापत्र पर सीएम का पलटवार, कांग्रेस ने पुरानी पेंशन-महिलाओं को दिए 1500 रुपए
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि भाजपा सत्ता में रहते कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन नहीं दे पाई। अब शहर में 40 हजार लीटर मुफ्त पानी की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 15 अप्रैल को कर्मचारियों के लिए डीए की किस्त जारी कर दी है। महिलाओं को 1500 रुपए देने की गारंटी को भी सरकार ने चरणबद्ध पूरा करने की शुरुआत कर दी है। इसके अलावा सुखाश्रय और डे-बोर्डिंग स्कूलों समेत युवाओं को रोजगार से जोडऩे के प्रयास भी किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह बात कांग्रेस के घोषणापत्र जारी करते समय कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब केंद्र, राज्य और नगर निगम में सरकार भाजपा की थी, तो शिमला शहर के लोगों को गंदा पानी पिलाया गया। इससे पीलिया फैला और कई लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में ऐलान कर दिया है कि अब ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल नहीं होगा, बल्कि मुख्य पेयजल स्रोत में आरओ लगाए जाएंगे। यहां से पानी शुद्ध होकर घरों तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने प्रदेश को कर्ज के बोझ तले दबा दिया है। मौजूदा सरकार इस कर्ज को उतारने के साथ ही विकास की गति को बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एटिक की ऊंचाई बढ़़ाने की बात कही है। इसका फायदा शिमला शहर के 60 हजार भवन मालिकों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए बकायदा कैबिनेट में प्रस्ताव लाया गया है और नियमों में बदलाव के साथ ही सरकार ने यह फैसला किया है। सरकार के साढ़े चार साल हैं और शिमला के विकास को लेकर जो भी वादे किए जा रहे हैं,
[26/04, 12:06] +91 86290 95190: *पेपर लीक मामले में दो और गिरफ्तार, महिला कर्मी की भतीजी और एजेंट की पत्नी को विजिलेंस ने उठाया*

जेओए आईटी पोस्ट कोड 939 के पेपर लीक मामले में विजिलेंस ने कार्रवाई करते हुए दो ओर लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी महिला कर्मी उमा आजाद की भतीजी और दूसरी एजेंट की पत्नी शामिल है। विजिलेंस ने इस पेपर में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले पोस्ट कोड 939 में विजिलेंस ने ओएमआर शीट भरने के आरोप में आयोग के दो चरासियों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपियों ने पोस्ट कोड 939 की परीक्षा के पेपर लेकर अच्छे अंक हासिल किए हैं। विजिलेंस ने आरोपियों से कई अहम दस्तावेज और साक्षय जुटाए हैं। पोस्ट कोड 939 की परीक्षा 24 फरवरी, 2022 को आयोजित की गई थी। विजलेंस की टीम ने अलग-अलग जगहों पर छापेमारी दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की है। विजिलेंस ने कर्मचारी चयन आयोग की जेओए आईटी पोस्ट कोड 965, 939, जूनियर एडिटर, कम्प्यूटर आपरेटर और ड्राइंग मास्टर पोस्ट कोड 980 एवं ट्रैफिक इंस्पेक्टर पोस्ट कोड 819 में एफआईआर दर्ज की हैं।
पेपर लीक मामले में विजिलेंस ने अभी तक आरोपियों के खिलाफ दो चार्जशीट दायर कर दी है। इसके बाद अब विजिलेंस तीन और एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है। कर्मचारी चयन आयोग की आरोपी महिला कर्मी ने और कौन-कौन सी परीक्षाओं केे पेपर लीक किए हैं, विजिलेंस इसका भी पता लगा रही है। एडीजीपी विजिलेंस सतवंत अटवाल त्रिवेदी का कहना है कि पोस्ट कोड 939 की परीक्षा मामले में विजिलेंस ने आरोपी महिला उमा आजाद की भतीजी और एजेंट की पत्नी को गिरफ्तार किया है। एडीजीपी ने बताया कि पोस्ट कोड 939 की परीक्षा से संबंधित चल रही पूछताछ के दौरानए एसआईटी को कई आपत्तिजनक साक्ष्य भी मिले हैं।

 

नहीं रोकी अध्यापिका की ट्रांसफर

प्रदेश हाई कोर्ट ने 20 सालों से शिमला और आसपास के इलाकों में सेवाएं देने वाली अध्यापिका के तबादला आदेशों में दखल देने से इनकार कर दिया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ढली में प्रवक्ता पद पर तैनात याचिकाकर्ता बबीता डोगरा की याचिका को खारिज कर दिया। मामले के अनुसार प्रार्थी का तबादला ढली से सिरमौर जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भनोग को किया गया है। प्रार्थी का आरोप था कि सरकार ने 27 मार्च को जारी आदेशों के तहत उसे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भनोग भेज दिया, जबकि उसका ढली स्कूल में कार्यकाल केवल डेढ़ वर्ष का ही है। कोर्ट ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन करने पर पाया कि प्रार्थी की नियुक्ति 2001 में जनेड़घाट स्कूल में टीजीटी पद पर तैनाती हुई थी। कई स्कूलों में सेवाएं देने के बाद उसे 24 अगस्त, 2021 को ढली स्कूल में तैनाती दी गई थी। प्रार्थी का कहना था कि उसने मौजूदा स्थान पर केवल डेढ़ वर्ष का कार्यकाल ही पूरा किया है, इसलिए उसका तबादला स्थानांतरण नीति के विपरीत है। कोर्ट ने इस आरोप को नकारते हुए कहा कि यह पहला मौका है, जब प्रार्थी को अभी तक के कार्यकाल में पहली बार उसके सुविधा क्षेत्र से बाहर भेजा जा रहा है।

धंगोटा में शराब का ठेका बंद करने पर अड़ी महिलाएं, 11वें दिन भी जारी रहा प्रदर्शन

शहरी गरीबों को मिलेगा घर कारोबारियों का किराया माफ, कांग्रेस ने जारी किया 14 सूत्रीय घोषणा पत्र

 

शिमला-मंडी के फेर में फंसे कालेज; बीएड प्रवेश परीक्षा न होने से असमंजस, सीएम से मांगी राहत

बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए छात्र व कालेज प्रबंधन एचपीयू शिमला और एसपीयू मंडी के चक्कर में उलझ गए हैं। एचपीयू ने अपने अधीन आने वाले कालेजों के लिए बीएड प्रवेश परीक्षा की तिथियां घोषित कर दी हैं, लेकिन एसपीयू ने अभी ऐसा नहीं किया। ऐसे में निचले हिमाचल के करीब 39 कालेजों के प्रबंधक परेशान हैं। बीएड कॉलेज एसोसिएशन ने अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से हस्तक्षेप की मांग की है। हिमाचल प्रदेश बीएड कॉलेज एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बलविंदर पठानिया ने बताया कि समय पर बीएड प्रवेश परीक्षा न होने पर छात्रों की शैक्षणिक प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
उन्होंने बताया कि एचपीयू ने बीएड प्रवेश परीक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। 39 बीएड कॉलेज एसपीयू मंडी के अधीन आते है लेकिन एसपीयू मंडी ने बीएड प्रवेश परीक्षा को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं कि है। उन्होंने बताया कि जब उपकुलपति से बात की गई तो उन्होंने बताया कि एसपीयू मंडी प्रवेश परीक्षा करवाने में असमर्थ है। इसके लिए संबंधित विभाग को मार्च महीने में लिख दिया है। समय पर प्रवेश परीक्षा न होने से बीएड चौथे सत्र की परीक्षाएं भी लेट हो जाती हैं और उच्च शिक्षा में बच्चों को प्रवेश में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
कौन लेगा प्रवेश परीक्षा
इस बार छात्र असमंजस में है कि बीएड कि प्रवेश परीक्षा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला लेगा या सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी द्वारा ली जाएगी। उन्होंने बताया की अन्य राज्यों की तर्ज पर हिमाचल में भी दोनों विश्वविद्यालयों में मिश्रित परीक्षा का आयोजन किया जाए, ताकि छात्रों पर आर्थिक बोझ न पड़े।

 

हिमाचल के वाटर सेस को केंद्र सरकार ने बताया असंवैधानिक, यह है बजह

 

केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कहा, उत्पादित बिजली पर टैक्स नहीं लगा सकते राज्य

अपने संसाधन बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार द्वारा उठाए गए एक बड़े कदम को केंद्र सरकार ने असंवैधानिक बता दिया है। यह मामला हिमाचल की नदियों के पानी से बनने वाली बिजली पर वाटर सेस लगाने का है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री की सहमति से एक पत्र सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजा है। हिमाचल के मुख्य सचिव को 25 अप्रैल को ही यह पत्र मिला। इसे ऊर्जा मंत्रालय के डायरेक्टर आरपी प्रधान ने लिखा है। इसमें कहा गया है कि राज्य बेशक यह तर्क दे रहे हों कि वे अपने यहां पानी पर टैक्स लगा रहे हैं, लेकिन यह टैक्स उत्पादित बिजली पर लग रहा है और बिजली पर टैक्स लगने के कारण दूसरे राज्यों या ग्रिड में बिजली की कीमत बढ़ रही है। यह संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ है। कोई भी राज्य ऐसा कदम नहीं उठा सकता, जिसका असर दूसरे राज्यों के लोगों पर हो। इस पत्र में हिमाचल के साथ-साथ उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पहले लिए गए इसी तरह के फैसले पर भी सवाल उठाए गए हैं।
ऐसे सभी राज्यों को वाटर सेस या एयर सेस लगाने जैसे फैसले वापस लेने के निर्देश भी इस पत्र में दिए गए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले ऊर्जा मंत्रालय ने ही बिजली या पानी पर लग रहे टैक्स को देखते हुए विद्युत आबंटन के लिए एक नया ऑर्डर ऑफ मेरिट बनाने का फैसला लिया था। उसमें उन राज्यों को बिजली बाद में देने का प्रावधान था, जो अपने यहां बिजली या पानी पर टैक्स लगाते हैं। पावर सरप्लस हिमाचल इस फैसले से ज्यादा प्रभावित नहीं हो रहा था, लेकिन अब ऊर्जा मंत्रालय द्वारा भेजी गई चि_ी से स्थिति विकट हो गई है। हिमाचल हाई कोर्ट में वैसे ही वाटर सेस लगाने के फैसले के खिलाफ केस चल रहा है। केंद्र सरकार के इस पत्र से यह केस करने वाली विद्युत उत्पादक कंपनी को भी बल मिलेगा। (एचडीएम)
अब कोर्ट में ही तय होगा वाटर सेस का झगड़ा
अब वाटर सेस का मामला कोर्ट में ही तय होता हुआ दिख रहा है। हिमाचल सरकार ने हाल ही में हुए बजट सत्र में इस बारे में कानून बनाया था और इसे राजभवन से मंजूरी भी मिल गई है। इसके बाद जल शक्ति विभाग के सचिव को वाटर सेस के लिए कमिश्नर घोषित कर दिया गया है, लेकिन अब भारत सरकार के इस पत्र से और बिजली प्रोजेक्टों को भी कोर्ट में जाने के लिए मोटिवेशन मिलेगी।

 

 

अमृतपाल पर बड़े एक्शन की तैयारी; एनएसए एडवाइजरी बोर्ड ने तलब किए दर्ज मामलों के रिकार्ड*

असम की डिब्रूगढ़ जेल में अपने नौ साथियों के साथ बंद खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के खिलाफ बड़े एक्शन की तैयारी शुरू हो गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) एडवाइजरी बोर्ड ने अमृतपाल के खिलाफ अब तक दर्ज मामलों का रिकार्ड तलब किया है। अमृतपाल के खिलाफ अजनाला थाना हिंसा समेत सात मामले दर्ज हैं, जिनका रिकार्ड अमृतसर पुलिस ने एडवाइजरी बोर्ड को दे दिया है। अमृतपाल सिंह पर आरोप है कि आईएसआई के साथ मिलकर वह पंजाब के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करना चाहता था।
अमृतपाल के खिलाफ एनएसए लगाने की सबसे प्रमुख वजह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ उसके रिश्ते बने। गौर हो कि अमृतपाल को कुल सात एफआईआर में आरोपी बनाया गया है। पहली प्राथमिकी फरवरी में अजनाला थाने में हुए बवाल से जुड़ी है। दूसरी प्राथमिकी आम्र्स एक्ट से जुड़े मामले में दर्ज की गई थी। इसके अलावा अमृतपाल पर लापरवाही से गाड़ी चलाने और सरकारी कर्मचारी के आदेश की अवहेलना करने का आरोप है। उसके खिलाफ फिरौती और अपहरण का मामला भी दर्ज किया गया है।

 

एयरपोर्ट विस्तार पर एक्सपर्ट देंगे राय; विशेष ग्रुप का गठन, भूमि अधिग्रहण पर दो महीने में मांगी रिपोर्ट*

 

प्रदेश सरकार ने किया विशेष ग्रुप का गठन, भूमि अधिग्रहण पर दो महीने में मांगी रिपोर्ट
राज्य ब्यूरो प्रमुख — शिमला
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने कांगड़ा एक गग्गल एयरपोर्ट के विस्तार के लिए एक कदम और आगे बढ़ाया है। सोशल इंपैक्ट एसेसमेंट की रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार ने अब इस बारे में एक्सपोर्ट ग्रुप का गठन कर दिया है। भूमि अधिग्रहण शुरू होने से पहले अगले दो माह में यह एक्सपर्ट ग्रुप अपनी रिपोर्ट सरकार को देगा। प्रधान सचिव टूरिज्म देवेश कुमार की ओर से जारी की गई अधिसूचना के अनुसार एक्सपर्ट ग्रुप में कुल सात सदस्य शामिल किए गए हैं। इसमें दो सोशल साइंटिस्ट केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के हैं। इनमें एजुकेशन विभाग के प्रोफेसर विशाल सूद और सोशल वर्कर विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ शशि पूनम शामिल हैं। गगल पंचायत के प्रधान और रछियालु पंचायत के प्रधान एक्सपर्ट ग्रुप के सदस्य होंगे। पुनर्वास के भी दो एक्सपर्ट इसमें शामिल किए गए हैं।
ये दोनों हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। इनमें डिप्टी कमिश्नर आर एंड आर राजा का तालाब संजय धीमान और संयुक्त सचिव राजस्व बलवान चंद शामिल हैं। टेक्निकल एक्सपर्ट के तौर पर विनोद कुमार उनियाल को शामिल किया गया है। यह एक्सपर्ट ग्रुप सोशल इम्पैक्ट असेस्मेंट रिपोर्ट को पढऩे के बाद दो महीने के भीतर इस पर अपनी रिपोर्ट देगा। गौरतलब है कि गगल एयरपोर्ट की लंबाई को 1900 मीटर से बढ़ाकर 3100 मीटर किया जा रहा है। तभी यहां पर बड़े जहाज उतर पाएंगे। वर्तमान में एयरस्ट्रिप छोटा होने के कारण यहां लोड पेनल्टी के साथ सिर्फ 90 सीटर विमान ही उतर पाता है। इस एयरपोर्ट के विस्तार पर राज्य सरकार करीब 4000 करोड़ खर्च करेगी। यह ब्राउनफील्ड कैटेगरी का एयरपोर्ट है।
मंडी एयरपोर्ट पर अभी फैसले का इंतजार
पूर्व भाजपा सरकार के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी के बल्ह में एयरपोर्ट बनाने का फैसला किया था। यह ग्रीनफील्ड कैटेगरी का एयरपोर्ट है, जिसमें सारा खर्चा राज्य को वहन करना है। इस प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए भी सोशल इम्पैक्ट असेस्मेंट की रिपोर्ट सरकार को मिल गई है, लेकिन अभी इस एयरपोर्ट को लेकर एक्सपर्ट ग्रुप का गठन नहीं हुआ है। हालांकि पर्यटन विभाग ने जिला प्रशासन मंडी से एक्सपर्ट ग्रुप के लिए नामों की सिफारिश ले रखी है।