हिमाचल प्रदेश: – नए शैक्षणिक सत्र के बीच में तबादले नहीं करने के प्रयास, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर………

राज्य सचिवालय में शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा करने के बाद मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में नए सत्र से स्कूल-कॉलेजों में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा है कि शैक्षणिक सत्र से साल के बीच में शिक्षकों के तबादले नहीं करने के प्रयास किए जाएंगे। तबादलों में अधिक समय लगने से अन्य काम प्रभावित होते हैं। अगले वर्ष लोस चुनाव होने हैं, दो-तीन माह चुनाव आचार संहिता लगने से तबादले वैसे भी नहीं हो सकेंगे। हमारा भी प्रयास रहेगा कि सत्र के बीच में शिक्षकों को नहीं बदला जाए। राज्य सचिवालय में शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा करने के बाद मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में नए सत्र से स्कूल-कॉलेजों में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने लोक निर्माण विभाग के माध्यम से किए जा रहे स्कूल-कॉलेजों के भवन निर्माण, विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों की बैचवाइज भर्ती और कोर्ट में चल रहे मामलों की समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश दिए।

शास्त्री भर्ती दोबारा शुरू करने के प्रयास

उन्होंने कहा कि शास्त्री शिक्षकों की बैचवाइज भर्ती की प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने को लेकर विचार हो रहा है। एनसीटीई के नियमों को देखा जा रहा है। प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती पर भी मंथन जारी है। इन सभी विषयों की विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कॉलेजों में प्रिंसिपलों के पद भर दिए हैं। कॉलेज और स्कूलों में प्रवक्ताओं की नियुक्तियां की हैं। नए शैक्षणिक सत्र से शिक्षण संस्थानों में स्टाफ की कमी नहीं होने देंगे

विवि और कॉलेजों में बर्दाश्त नहीं होगी हिंसा

शिक्षा मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीते कुछ दिनों से हो रही इस प्रकार की घटनाएं चिंतनीय हैं। इसको लेकर सरकार की नीति जीरो टालरेंस की है। दोषी विद्यार्थी चाहे किसी भी छात्र संगठन के होंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विवि और कॉलेजों में बर्दाश्त नहीं होगी हिंसा

शिक्षा मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीते कुछ दिनों से हो रही इस प्रकार की घटनाएं चिंतनीय हैं। इसको लेकर सरकार की नीति जीरो टालरेंस की है। दोषी विद्यार्थी चाहे किसी भी छात्र संगठन के होंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।