Paonta Sahib: 4,300 करोड़ इंडियन टेक्नोमैक कंपनी की आज होगी नीलामी घोटाले में फंसी इंडियन टेक्नोमैक कंपनी की आज होगी नीलामी

Paonta Sahib: 4,300 करोड़ के घोटाले में फंसी इंडियन टेक्नोमैक कंपनी की आज होगी नीलामी…

 

इंडियन टेक्नोमैक कंपनी की नीलामी आज होगी। सुबह 11:00 बजे से यह प्रक्रिया शुरू होगी। राज्य कर एवं कराधान विभाग के अधिकारी नीलामी संबंधी प्रक्रिया को पूरी करेंगे।

4,300 करोड़ रुपये के बहुचर्चित कर एवं बैंक कर्ज घोटाले में फंसी इंडियन टेक्नोमैक कंपनी की नीलामी आज होगी। सुबह 11:00 बजे से यह प्रक्रिया शुरू होगी। राज्य कर एवं कराधान विभाग के अधिकारी नीलामी संबंधी प्रक्रिया को पूरी करेंगे। इसे लेकर विभाग ने सारी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सभी दस्तावेजों को भी तैयार कर लिया गया है। कंपनी की नीलामी का रिजर्व प्राइज (आरक्षित मूल्य) 165 करोड़ रुपये है। तीन सेक्टरों में बंटी यह कंपनी कुल 265 बीघा भूमि में फैली हुई है। इसमें 189, 46 और 30 बीघा भूमि के सेक्टर शामिल हैं। विभाग ने कंपनी की हरेक संपत्ति का अलग-अलग मूल्य निर्धारित किया है। भूमि से लेकर भवन और शेड, प्लांट और मशीनरी, वाहन, स्विच यार्ड, ब्रिक लाइन आदि लोट शामिल हैं।

 

पिछले करीब तीन वर्षों से कंपनी की संपत्ति की नीलामी को लेकर कई प्रयास किए गए, लेकिन तकनीकी कारणों और कानूनी अड़चनों के बीच हर बार प्रक्रिया बाधित होती रही। लिहाजा, उच्च न्यायालय के आदेशों पर कंपनी की नीलामी के लिए 18 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार नीलामी प्रक्रिया को सिरे चढ़ाने में विभाग को कामयाबी मिलेगी।

 

घोटाले में फंसी कंपनी को 2014 में सील किया था

घोटाले में फंसी कंपनी को वर्ष 2014 में सील किया गया था। उस वक्त इसकी कीमत 5,000 करोड़ रुपये के करीब थी। वर्तमान में इसका आरक्षित मूल्य 165 करोड़ रुपये तय किया गया है। लिहाजा वर्तमान कीमत के अनुसार ही नीलामी प्रक्रिया होगी। राज्य कर एवं आबकारी विभाग के संयुक्त आयुक्त जीडी ठाकुर ने बताया कि कंपनी की नीलामी प्रक्रिया की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।

 

2008 से 2014 तक किया था 2,175 करोड़ का वैट चोरी

इंडियन टेक्नोमैक कंपनी ने 2008 से 2014 तक 2,175 करोड़ रुपये का वैट (मूल्य वर्द्धित कर) चोरी किया था। इसका खुलासा 2014 में राज्य कर एवं आबकारी विभाग की इंटेलिजेंस यूनिट की टीम ने किया था। कंपनी प्रबंधकों ने करीब एक दर्जन बैंकों से धोखाधड़ी कर 1,600 करोड़ रुपये का कर्ज भी लिया हुआ था।