हिमाचल में बनी 27 दवाएं घटिया, सब-स्टैंडर्ड पाए जाने पर सीडीएससीओ ने जारी किया ड्रग अलर्ट

हिमाचल में बनी 27 दवाएं घटिया, सब-स्टैंडर्ड पाए जाने पर सीडीएससीओ ने जारी किया ड्रग अलर्ट…

 

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की पड़ताल में हिमाचल के उद्योगों में निर्मित 27 दवाओं के सैंपल गुणवता मानकों पर खरा नहीं उतर पाए है। जिन दवाओं व सिरप के सैंपल फेल हुए है उनमें हृदय रोग, अल्सर, उच्च रक्त चाप, बुखार, बैक्टीरियल संक्रमण, जुकाम, विटामिन की कमी के उपचार की दवाएं शामिल है। सब-स्टैंडर्ड पाई गई दवाओं इन दवाओं का निर्माण बद्दी, कालाअंब, नालागढ़, पावंटा साहिब स्थित इकाईयों में हुआ है। बद्दी कीमेडेन फार्मा उद्योग में अगस्त 2021 में निर्मित कफ सिरप के पांच अलग-अलग बैच के सैंपल जांच में फेल हो गए है, इनके सैंपल हिमाचल के दवा नियंत्रक प्राधिकरण ने जुटाए थे। इसके अलावा मध्यपद्रेश, गुजरात, उतराखंड, चैन्नई, बिहार, कोलकाता, तेलंगाना, दिल्ली, ओडिशा, हैदराबाद, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश के दवा उद्योगों में निर्मित 43 तरह की दवाएं भी सब-स्टेंडर्ड पाई गई है। बतातें चलें कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने दिसंबर माह में देश के अलग अलग राज्यों से 1375 दवाओं के सैंपल एकत्रित किए थे, जिनमें से जांच के दौरान 70 दवाएं सब-स्टेंडर्ड पाई गई है। सब-स्टेंडड पाई गई इन दवाओं के सैंपल राज्य दवा नियंत्रक प्राधिकरण हिमाचल, ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट मिजोरम, झारखंड, नागालैंड, मेघालय, बिहार, सीडीएससीओ इस्ट जोन कोलकाता, चैन्नई, कटक, बंगलूरू, इंदौर, मुंबई, बद्दी, दिल्ली, अहमदाबाद, नोर्थ जोन ने जांच के लिए जुटाए थे। केंद्रीय नियामक ड्रग अर्लट के जरिए ऐसे तमाम दवा उत्पादों जो दवा उत्पाद मानक गुणवत्ता की कसौटी पर खरे न उतरे हो, नकली, मिलावटी या मिसब्रांडेड पाए गए। डिप्टी ड्रग कंट्रोलर मनीष कपूर ने बताया कि सीडीएससीओ द्वारा जारी