एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने ध्वजारोहण कर आकर्षक मार्चपास्ट की ली सलामी

 

गणतंत्र दिवस पर पांवटा साहिब के नगरपालिका परिषद मैदान में उपमंडल स्तरीय कार्यक्रम आयोजित

एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने ध्वजारोहण कर आकर्षक मार्चपास्ट की ली सलामी

पांवटा साहिब, 26 जनवरी – 74वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पांवटा साहिब में आयोजित उपमंडल स्तरीय समारोह में बतौर मुख्यातिथि उप मंडल दंड़ाधिकारी गुंजीत सिंह चीमा ने नगरपालिका परिषद मैदान में ध्वजारोहण कर आकर्षक मार्चपास्ट की सलामी ली।
मार्चपास्ट के दौरान परेड कमांडर रोहित शर्मा ने वरिष्ठ नागरिकों की टुकड़ी सहित 20 विभिन्न स्कूलों की टुकड़ीयों का नेतृत्व किया।
इससे पूर्व एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने शहीद स्मारक पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी ।
एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने अपने संबोधन में कहा कि हम राष्ट्रीय पर्व के रूप में 74 वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मना रहे है, जिसके लिए उन्होंने सभी को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 1950 को आधिकारिक रूप से संविधान के लागू होने के उपरांत हम गणतंत्र राष्ट्र के रूप में स्थापित हुए। जिसके उपरांत देश हर क्षेत्र में उन्नति कर रहा है ओर भारतवर्ष विश्व के श्रेष्ठ देशों की पंक्ति में खड़ा है।
उन्होंने कहा कि दर्जनों भाषाएं, सैंकड़ों विधियां हजारों विधान है जो जोड़कर हम सब को रखे वही तो सविधान है।
उन्होंने कहा कि 74 वर्षों में हमने अपनी सामरिक शक्ति, औद्योगिक क्षमता, कृषि संपन्नता, आर्थिक निर्भरता, वैज्ञानिक उपलब्धियों, खगोलीय अन्वेषण, प्रौद्योगिकी विकास और चिकित्सा सामर्थ्य के साथ-साथ धर्म संस्कृति कला और साहित्य में उन्नति की है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र को सुदृढ़ बनाने वाली सबसे छोटी इकाई उसका नागरिक होता है। नागरिक का आचरण परिवार और समाज को सुदृढ़ बनाता है, जिससे राष्ट्र मजबूत होता है।उन्होंने कहा कि पांवटा साहिब को कैसे सुंदर और स्वस्थ बना सकते हैं, यह प्रश्न प्रत्येक नागरिक से जुड़ा हुआ है। पांवटा साहिब की सड़कें, सफाई व्यवस्था सौन्दर्य करण, बिजली की व्यवस्था, यातायात संचालन, भौतिक विकास शासन प्रशासन से जुड़ा है, परंतु इसमें प्रत्येक नागरिक को अपने अपने तरीके से सहयोग देना होगा जिससे हम पांवटा साहिब को विकास की दिशा में ओर आगे बढ़ा सके।
उन्होंने कहा कि पांवटा साहिब में विकास की अपार संभावनाएं है।लघु धर्म नगरी में धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक संपन्नता आर्थिक निर्भरता, शैक्षणिक उपलब्धियों तथा सांस्कृतिक विरासत को ओर अधिक समृद्ध किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि गुरु की नगरी पांवटा साहिब में हम लघु भारत के दर्शन कर सकते हैं, सभी संप्रदाय बंधुत्व एवं सौहार्द के साथ पांवटा साहिब की सुंदरता को बढ़ाते हैं। प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला यह राष्ट्रीय पर्व एक ओर हमारी उपलब्धियों का आकलन करता है, वहीं दूसरी ओर हमारे लिए विकास के अगले चरण के लिए मार्ग प्रशस्त करता है।
उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए भी प्रेरित किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, पांवटा साहिब में धरातल पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों तथा मीडिया प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया।
इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए जिसमें वन्दे मातरम्, देश भक्ति गीत, तिब्बतियन लोक नृत्य, पंजाबी भंगड़ा और पहाड़ी गीत की प्रस्तुति दी गई। मुख्य अतिथि द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम व मार्चपास्ट में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया।
इस अवसर पर तहसीलदार वेद प्रकाश अग्निहोत्री, नगर पालिका परिषद की अध्यक्षा निर्मल कौर, उपाध्यक्ष ओम प्रकाश कटारिया, विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवम् कर्मचारियों सहित स्थानीय गणमान्य व्यक्ति व विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य तथा अध्यापक मौजूद रहे ।