झुगी झोपड़ियों में जीवन ज्ञापन करने के उपरांत भी हमारा देश केसे महान् हो सकता है ?..आज का ज्वलंत प्रश्न..

झुगी झोपड़ियों में जीवन ज्ञापन करने के उपरांत भी हमारा देश केसे महान् हो सकता है ?..आज का ज्वलंत प्रश्न..

 

आजादी के 75वे वर्षों के उपरांत भी हमारा भारत देश हर जरुरतमंद परिवार को घर देने के लिए मोहताज है सरकारे समय समय पर अपने बड़े बड़े वादे करती है कि हम हर जररूरतमन्द लोगों को घर बनाकर देंगे परन्तु आज हमारे प्रदेश और देश में अभी भी जरूरतमंद लोगों को घर नसीब नहीं हो पा रहा है जिसका ताजा उदाहरण हिमाचल के (अम्ब) ऊना में एक भयानक हादसा हुआ जिसमें एक ही परिवार के चार बच्चे एक झुग्गी झोपड़ी में रात को आग के लपेट में आने से तड़प तड़प कर अपने मां बाप के सामने सामने ही राख हो गए और मां बाप के प्रयास ओर जद्दोजहद के बाद भी अपने ज़िगर के कलेजे को बचा नहीं पाए और उम्र भर के लिए गहरे जख्म छोड़ गए अगर सरकार ओर प्रशासन की ओर से उन जरुरतमंद परिवार को एक पक्का घर मिल गया होता तो आप शायद वह इस दर्दनाक मौत के शिकार नहीं होते और अपने ज़िगर के टुकड़े को सलामत पाते आज सबसे बड़ी बिडबना ओर दुःख का विषय यह है कि हमारे भारत महान देश में आज भी खुले आसमान तले एक ऐसा तबका सोने को मजबूर हैं जो अपने आर्थिक समस्या के कारण ओर सरकार की विभिन्न योजनाओं और सहायता से महरूम हैं क्योंकि उन्हें किन्ही जागरूकता के अभाव और आर्थिक समस्याओं के कारण बुनियादी सुविधाओं से आज भी बन्चित है आखिर कब हमारे देश और प्रदेश में हर जरुरतमंद लोगों को घर नसीब होगा और अपने परिवार सहित हर ग़रीब व्यक्ति अपने आप को महफूज़ महसूस करेगा ताकि (अम्ब) ऊना जेसे भयानक ओर दर्द भरे हादसे फिर किसी प्रदेश व देश में ना हो, आज बहुत सारे ऐसे गंभीर विषय है जो आम जनमानस के बुनियादी सुविधाओं से जुड़े हैं परन्तु 21वी सदी में भी हम बुनियादी सुविधाओं के लिए मोहताज है जबकि दुनिया चांद तक पहुंच चुकी है और नए नए आविष्कार ओर निर्माण हमारे देश में हो रहे हैं परन्तु आज फिर भी आम आदमी के लिए सुविधाएं का अपार अभाव हर क्षेत्र में देखने को मिल रहा है, परन्तु जिस देश को हम महान देश की संज्ञा देते हैं उसी देश में आज भी जरुरतमंद लोगों को खुले आसमान तले ओर झुग्गी झोपड़ी में जिने को बैवश है तो हमारा प्यारा भारत देश महान् केसे हो सकता है सरकार को आज भी इन गंभीर विषय पर अपनी गंभीर इच्छा शक्ति दिखाने की सख्त जरूरत है ताकि भविष्य आम जनमानस के जीवन में बुनियादी सुविधाओं और हर जरुरतमंद लोगों को एक पक्का घर मिल पाएं ओर झुग्गी झोपड़ियों में अपना जीवन यापन ना करना पड़े उसके उपरांत ही हम अपने भारत देश को एक महान देश समझ पाएंगे जब हर वर्ग को सरकार जीवन के मुख्यधारा में लाने का प्रयास करेगी, आज समाज में कुछ ऐसे तबके है जो पूंजीपतियों की तरह बुलंदियों पर पहुंच रहा है और कुछ ऐसा तबका है जो समाज और देश के निम्न स्तर पर अपना जीवन यापन करने को वैवश है जो सपना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी, शहिद भगतसिंह जी, शहीद चन्द्रशेखर आजाद जी, शहीद सुभाष चन्द्र बोस जी इत्यादि वीर ओर स्वतन्त्रता सैनानियों ने देखा था कि आजादी के उपरांत हर वर्ग का समान विकास और सुशासन देखने को मिलेगा ओर इन तमाम शहीदों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया परन्तु आजादी के इतने वर्षों बाद भी देश में एक गहरी खाई बनती जा रही है जिसमें उच्च ओर सम्पन्न समाज दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है और जो समाज में निम्न स्तर का व्यक्ति ओर तबका है वह आज भी उसी दलदल में नीचे की ओर जा रहा है जिसमें वर्तमान सरकार को इस गंभीर समस्या ओर विषय पर अपनी इच्छा शक्ति दिखाने की सख्त जरूरत वर्तमान में बनी हुई है…… लेखक हेमराज राणा