पांवटा साहिब के भगानी से निकला भव्य नगर कीर्तन देर शाम पहुंचा पांवटा साहिब

पांवटा साहिब के भगानी से निकला भव्य नगर कीर्तन देर शाम पहुंचा पांवटा साहिब

भव्य नगर कीर्तन के साथ पांवटा में मनाई गई साहिबजादा अजीत सिंह की जयंती

गुरु भूमि पांवटा साहिब में शुक्रवार श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के बड़े पुत्र साहिबजादा अजीत सिंह की जयंती है. गुरू की नगरी पांवटा साहिब में साहिबजादा अजीत सिंह का जन्मदिवस मनाया गया और भव्य नगर कीर्तन निकाला गया. यह भव्य नगर कीर्तन गुरुद्वारा श्री भंगानी साहिब से गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब पहुंचेगा. इस दौरान नगर कीर्तन में शामिल सभी गुरु भक्तों के लिए शहर में जगह-जगह चाय व जलपान की व्यवस्था की गई।

इस दौरान मैनेजर जगीर सिंह, मीत प्रधान जत्थेदार सरदार हरभजन सिंह, प्रबंधन कमेटी के सदस्य हरप्रीत सिंह, कर्मवीर सिंह व कोषाध्यक्ष गुरमीत सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे. उन्होंने बताया कि गुरू नानक पातशाह की 10वीं ज्योत श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के बड़े पुत्र साहिबजादा अजीत सिंह का जन्म संवत् 1743 (देसी महीने माघ की 23 तरीख) मुताबक 26 जनवरी 1687 ई0 को हिमाचल प्रदेश के रमणीय स्थान पांवटा साहिब में हुआ था।

छोटी उम्र में बड़ी कुर्बानी के कारण सिख इतिहास उनका सम्मान बाबा अजीत सिंह के नाम से भी करता है. जब बाबा अजीत सिंह 5 महीनों के हुए तो, उस समय दसवें पातशाह श्री गुरू गोबिंद सिंह की पहाड़ी राजाओं से भंगानी के मैदान में घमासान लड़ाई लड़ी और इस लड़ाई में गुरू के साथियों ने महान जीत हासिल की थी जिस की खुशी के कारण साहिबजादे का नाम अजीत सिंह रखा गया।

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मैनेजर जगबीर सिंह ने बताया कि नगर कीर्तन का ऐतिहासिक गुरुद्वारा पांवटा साहिब में भव्य स्वागत किया जाएगा यहां पर पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के लिए लंगर की पूरी व्यवस्था रखी गई है इसके अलावा यहां पर कई आयोजन किए जाएंगे शनिवार को यहां पर पूरे दिन भर पाठ चलेगा तो शाम को कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया जाएंगे जिसमें फेमस कवियों को बुलाया जा रहा है।