स्वयं सहायता समूह के ग्रुप बनाकर महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर

स्वयं सहायता समूह के ग्रुप बनाकर महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर

 

 

पांवटा ब्लाक अंतर्गत बने 991 स्वयं सहायता समूह के ग्रुप

 

हिमाचल प्रदेश में पांवटा ब्लॉक नंबर वन पर

 

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर करने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं वही पावटा ब्लॉक की बात की जाए तो महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके चलते महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है मौजूदा समय में पूरे हिमाचल में पौंटा साहिब ब्लॉक नंबर वन पर है जिसका कारण है कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बेहतरीन कार्य कर रही है और कई प्रोजेक्ट तैयार कर रही है बहुत अच्छा मुनाफा कमा रही है।

 

जिला सिरमौर पांवटा साहिब विकासखंड के अंतर्गत 961 स्वयं सहायता समूह बने हैं जिसमें 8000 से अधिक महिलाएं काम कर रही है आंकड़ों की बात की जाए तो बीओ 81 ClF 4 बन चुके है

 

कैसे रोजगार मिलता है

 

स्वयं सहायता समूहों की कई महिलाएं पहले ही कई उत्पाद तैयार करती है और फिर उन्हें बाजार में या स्टॉल लगाकर भेजा जाता है पांवटा साहिब में कई प्रोजेक्ट महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हैं जिसमें कई प्रकार के स्वादिष्ट अचार, स्वादिष्ट पकवान ,पहाड़ी व्यंजन, मिट्टी से कई सुंदर ब्राइटी की वस्तुएं, कई ब्राइटों के घरेलू उत्पादक सजावटी सामान, गुलदस्ते मास्क आदि बनाकर रोजगार कम आ रही है

 

वही पांवटा साहिब ब्लॉक में बॉबी शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह बनाने पर महिला को सरकार कई किस्तों में पैसा देते है एवं रोजगार शुरू करने के लिए बहुत कम ब्याज में लोन प्रदान करते है। और भी बहुत से सरकारी योजना का लाभ महिला समूह ले सकते है मगर इन सभी का लाभ लेने के लिए आपका स्वयं सहायता समूह सरकार के पास पंजीकृत होना चाहिए। अगर आप भी जानना चाहते है स्वयं सहायता समूह को कितना पैसा मिलता है तो इस आर्टिकल के अंत तक अवलोकन जरूर करे।

 

 

स्वयं सहायता समूह बनाने के 3 महीने बाद सरकार पैसा देना शुरू कर देते है मगर अधिकांश महिला को पता नहीं होता है कि सरकार कितना पैसा देता है एवं। स्वयं सहायता समूह की नई लिस्ट देखने की प्रक्रिया को भी नहीं जानते है जिससे पैसा प्राप्त नहीं कर पाते है। इसलिए सरकार ने वेबसाइट शुरू किया है ताकि देश के सभी महिला समूह घर बैठे अपना समूह का विवरण देख सके।

 

 

 

स्वयं सहायता समूह को कितना पैसा मिलता है चेक करने के लिए स्वयं सहायता समूह गठन के 3 महीने बाद 2500 रूपए मिलते है समूह संबधित सामान खरीदने के लिए फिर समहू गठन के 6 महीने बाद 15000 ओर 25 हजार रूपए मिलते है जिसे आप किसी भी कार्य के लिए खर्च कर सकते है इस पैसा को वापस करना नहीं पड़ेगा फिर स्वयं सहायता समूह को CIF का पैसा 50000 से लेकर 110000 रूपए बहुत कम ब्याज में रोजगार शुरू करने के लिए लोन मिलते है।

 

 

 

स्वयं सहायता समूह को कितना लोन मिलता है ?

स्वयं सहायता समूह 50 हजार से लेकर 1लाख10 हजार रूपए तक घर बैठे लोन प्राप्त कर सकते है वो भी बहुत कम ब्याज में।

 

स्वयं सहायता समूह ऑनलाइन लोन कैसे मिलेगा ?

लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया को ऊपर में विस्तार से बताया गया है अगर आप ऑफलाइन लोन लेना चाहते है तो बैंक जाकर संपर्क कर सकते है।

 

 

वही बॉबी शर्मा ने बताया कि मौजूदा समय पांवटा साहिब की बात की जाए तो यहां पर 2022- 23 का 3 करोड का बजट है 2022 -23 में 45 SHG पर 2,.27 करोड खर्च हुआ है इसके अलावा 5 एस एच डी पर 7 लाख का खर्चा हुआ वही एक हिम आई आर ए शॉप बनाई गई है फ़ूड वेन एक, ELDER SHG 15

ELDER SHG MIS 20

 

बाइट बॉबी शर्मा

 

बाइट बॉबी शर्मा विडिओ कार्यलय