पांवटा साहिब: पावंटा के पत्रकारों में है जनसेवा का जुनून, मौत की दहलीज से खींच लाये प्रीति ढिल्लो..

पांवटा साहिब: पावंटा के पत्रकारों में है जनसेवा का जुनून, मौत की दहलीज से खींच लाये प्रीति ढिल्लो..

 

पांवटा साहिब मौत की दहलीज पर खड़ी दिल्ली की 43 वर्षीय प्रीति ढिल्लो के लिए समाज का चौथा स्तंभ कह जाने वाले पावंटा साहिब के पत्रकार संजय कुमार, प्रीति चौहान व नीलम ठाकुर किसी देवदूत से कम नहीं है । जिन्होंने पत्रकारिता के साथ-साथ इंसानियत का धर्म भी बखूबी निभाया है।

 

इनके साथ समाजसेवी योगिता गोयल व हेमंत शर्मा का भी सराहनीय योगदान दिया है। जिनकी बदौलत आज उक्त पीड़ित महिला मौत के खतरे से बाहर दिल्ली में उपचार के लिए पहुंच चुकी है।

 

सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में बीते दिनों उपचारित रही प्रीति ढिल्लो (43) का आगामी उपचार दिल्ली सरकार करवाएगी।

 

दिल्ली निवासी महिला पांवटा में सड़क किनारे गुरुद्वारे के गेट पर बहुत ही बुरी स्थिति में लावारिस पाई गई थी। जिसके बाद वह करीब 15 दिनों से पावंटा अस्पताल में उपचाधीन थी । क्षेत्र के एक दर्जन समाजसेवी व अस्पताल के डॉक्टरों ने भी महिला की सेवा व उपचार मे कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।

 

दरअसल, महिला अपना उपचार दिल्ली में ही करवाना चाहती थी इसके बाद एसडीएम पांवटा साहिब विवेक महाजन के माध्यम से दिल्ली महिला आयोग को एक पत्र भेजा गया। अब महिला को उपचार के लिए एलएनजीपी अस्पताल दिल्ली शिफ्ट कर दिया गया है।

 

बता दें कि पांवटा में सड़क के किनारे मिली महिला विगत 26 नवंबर को 108 एंबुलेंस की सहायता से बहुत ही बुरी दशा में सिविल अस्पताल पांवटा साहिब लाई गई थी। पिछले 15 दिनों से समाजसेवी योगिता गोयल, हेमंत शर्मा, अफलातून, संगीता, पत्रकार संजय कंवर, प्रीति चौहान, नीलम ठाकुर, रविना व गीता सहित सिविल अस्पताल का पूरा स्टाफ दिन रात महिला की सेवा कर रहा था।

 

बीमार महिला ने दिल्ली के अस्पताल में उपचार करवाने की इच्छा जाहिर की। इसके उपरांत सेवा में जुटी टीम ने एसडीएम विवेक महाजन के

 

माध्यम से दिल्ली महिला आयोग को पत्र लिखा। मामला दिल्ली सरकार के संज्ञान में आया। दिल्ली सरकार ने उपचार का जिम्मा लिया है। अब बीमार प्रीति ढिल्लों का उपचार दिल्ली एलएनजीपी अस्पताल में होगा।

 

शनिवार सुबह ही समाजसेवी हेमंत शर्मा, संजय कंवर व अस्पताल की सफाई कर्मी गीता देवी उक्त महिला को लेकर दिल्ली रवाना हो गए। पत्रकार संजय कंवर ने बताया कि बीमार महिला प्रीति के उपचार की जिम्मेवारी अब दिल्ली सरकार ने ले ली है। प्रीति को वह दिल्ली छोड़ आये हैं।

 

उन्होंने अब तक महिला के उपचार में सहयोग करने वाले पांवटा अस्पताल प्रबंधन व समस्त समाजसेवियों का आभार जताया है। गौरतलब हो कि पत्रकार संजय कंवर इससे पहले भी कई असहाय लोगों का सहारा बन चुके है। पिछले लगभग दो सप्ताह से अधिक समय से वह इस महिला की देखरेख में रात 1 बजे तक हाजिर रहे हैं।