नशा ले रहा युवाओं की जान…पांवटा साहिब के 25 वर्षीय युवक की मौत के बाद, नशा बेचने वालों पर भड़के लोग…

नशा ले रहा युवाओं की जान…पांवटा साहिब के 25 वर्षीय युवक की मौत के बाद, नशा बेचने वालों पर भड़के लोग… 

 

 

25 वर्षीय युवा की मौत के बाद बौखलाए परिवार और दर्जनों लोगों ने नशा बेचने वालों को चेतावनी दी है कि नशा बेचना बंद करें उन्होंने चेतावनी के साथ नशा माफिया का घेराव भी किया इस दौरान मौके पर पुलिस पहुंची और किसी तरह मामले को शांत करवाया गया।

 

पांवटा साहिब के वार्ड नंबर 10 में 25 वर्षीय ग्रुपप्रीत सिंह के जोकि अपने घर के आस-पास बिक रहे नशे की चपेट में आ गया था उसका यमुना नदी से शव बरामद हुआ, गुरप्रीत के परिवार के साथ-साथ आसपास रहने वाले दर्जनों परिवार इस मौत से गुस्से में बोखला गए और वार्ड नंबर 10 में स्मैक और दूसरे गलत नशे बेचने वाले लोगों के घरों में जा पहुंचे इस दौरान सैकड़ों लोगों ने 8 से 10 नशा बेचने वाले परिवारों को चेतावनी दी कि अगर कोई भी युवक नशा खरीदते नजर आया तो इस बार वह कतई नहीं बख्शेंगे।

 

वही इस बारे में इंदरजीत सिंह मिका जो की पहले भी नशे के खिलाफ बोलते रहे हैं उन्होंने कहा कि वार्ड नंबर 10 में 8 से 10 परिवार स्मैक बेचने का कारोबार करते हैं हाल ही के दिनों में एक 25 वर्षीय युवक की मौत नशे की चपेट में आने के कारण हो गई आसपास के लोग काफी गुस्से में थे हमने उन्हें इस बार शांत किया और उनके कहने पर नशा बेचने वाले लोगों के घरों में जाकर उन्हें चेतावनी दी या तो वह नशा बेचने से बाज आएं या फिर भविष्य में लोगों के गुस्से की आग में जलने के लिए तैयार रहे।

 

उन्होंने कहा कि बेहद छोटी छोटी उम्र के बच्चे नशे के कारण तबाह हो रहे हैं जिस परिवार में एक भी बच्चा नशे की जद में आ जाता है वह पूरा परिवार तबाही की ओर निकल जाता है पांवटा साहिब की अगर बात करें तो सैकड़ों ऐसे परिवार हैं जहां छोटे-छोटे उम्र के बच्चे नशे की चपेट में है।

 

उन्होंने कहा कि वार्ड नंबर 10 के लोग धीरे-धीरे संयम छोड़ रहे हैं अगर इसी तरह नशा खुलेआम बिकता रहा तो आने वाले समय में लोगों का गुस्सा किस तांडव के रूप में बाहर आए यह कहा नहीं जा सकता।

 

वही लोगों ने आरोप लगाए कि रेड़ के लिए जब पुलिस थाना से चलती है तो माफिया को कहीं ना कहीं से उसकी पूरी इंफॉर्मेशन मिल जाती है जिसके बाद घरों से पुरुष इधर उधर भाग जाते हैं और केवल महिलाएं रह जाते हैं ऐसे में उन पर कार्रवाई करना या घर में घुस कर रेड करना पुलिस के लिए काफी मुश्किल हो जाता है।

 

वही नशा माफिया को लेकर अक्सर लोग सवाल पूछते हैं कि वार्ड नंबर 9 और 10 में केवल एक दर्जन परिवार स्मैक चरस अफीम कच्ची शराब का कारोबार कर रहे हैं इन पर लगातार कड़ी कार्रवाई पुलिस क्यों नहीं करती ?

 

नंबर 2. महज 10 साल में करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित करने वाले इन परिवारों की संपत्ति की जांच और आय-व्यय का हिसाब क्यों नहीं लिया जाता ?

 

नम्बर 3. बाहरी राज्यों में जिन नशा तस्करों पर लाखों रुपए स्मैक के साथ गिरफ्तारी के मामले हैं उनकी संपत्ति की जांच क्यों नहीं करवाई जाती ?

 

नंबर 4. जिन रास्तों पर स्मैक बेची और खरीदी जाती है उन जगहों पर सीसीटीवी कैमरे क्यों इंस्टाल नहीं किए जाते ?