सिरमौर को मिल सकता है पहले ही कैबिनेट बैठक में मंत्रीपद, दिल्ली रवाना हुए मुख्यमंत्री सुक्खू

सिरमौर को मिल सकता है पहले ही कैबिनेट बैठक में मंत्रीपद, दिल्ली रवाना हुए मुख्यमंत्री सुक्खू:

ड्राइवर का बेटा हिमाचल में रचेगा इतिहास बोले शिलाई की जनता

सिरमौर वासियों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर

 

बहुत जल्दी मुख्यमंत्री सुक्खू अपने पहले एवं मुख्य मंत्रिमंडल की घोषणा करने वाले हैं। और सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि मंत्री मंडल के सभी नाम फाईनल कर लिए गये हैं, और उन नामों को लेकर मुख्यमंत्री दिल्ली हाईकमान की मुहर लगवाने दिल्ली रवाना हो चुके हैं।

दरअसल Himachal pradesh के सिरमौर जिले के शिलाई विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी हर्षवर्धन चौहान जीत का सिक्सर लगाकर छठी बार यहां से विधानसभा पहुंच गए हैं। हालांकि यहां भाजपा व कांग्रेस के बीच मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। हर्षवर्धन महज 382 मतों से ही चुनाव जीतने में कामयाब रहे। मतगणना के अंतिम क्षणों तक सभी दलों के कार्यकर्ताओं की धड़कने तेज होती रही।

अंत में चुनाव परिणाम आने के बाद मात्र 382 वोटों का अंतर रहा और हर्षवर्धन विजयी हुए। यहां से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के करीबी माने जाने वाले भाजपा प्रत्याशी बलदेव तोमर चुनाव हार गए। लोगों का कहना था कि इतना कड़ा मुकाबला आज से पहले कभी यहां देखने को नहीं मिला। वहीं हर्षवर्धन चौहान ने जीतने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह जीत उनकी नहीं, बल्कि जनता की है। इस जीत के लिए उन्होंने शिलाई क्षेत्र के नेताओं व कार्यकर्ताओं को भी बधाई

 

सूत्रों की माने तो इन बड़े नामों में सिरमौर के शिलाई विधानसभा क्षेत्र से छठवीं बार विजेता रहे हर्षवर्धन चौहान का नाम मुख्य है और उन्हें कोई बड़ा मंत्री पद मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। वैसे भी हर्षवर्धन चौहान, बहुत सीनियर नेता हैं और उनके साथ के बहुत कम लोग इस समय एक्टिव राजनीति में रह गये हैं। उनकी सीनियोरिटी का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि वे 6ठी बार विधायक का चुनाव जीत कर विधानसभा में पंहुचे हैं और इस लिहाज से भी उनका मंत्री बनना तय माना जा रहा है। साथ में, जो अभी पहली बैठक हुयी थी उसमें भी हर्षवर्धन प्रमुख रुप से शामिल हुए थे।

 

 

सिरमौर को पिछली सरकार ने भी मंत्रीपद से नवाजा़ था, इसलिए एक पहलू यह भी कांग्रेस सरकार के लिए शोचनीय है, तीसरा हर्षवर्धन राजपरिवार ,प्रतिभा सिंह और सुक्खू दोनों के करीबी भी माने जाते हैं ।अतः ये तीनों पहलू देखें तो हर्षवर्धन चौहान को मंत्रीपद मिलना तय है। चाहे जो भी हो,

 

 

सिरमौरवासियों को मंत्रीपद से महरुम नही रहना पड़ेगा। सूत्र यह भी कह रहे हैं कि हर्षवर्धन चौहान के नाम की बस औपचारिक घोषणा होना बाकी है। सिरमौर को यह खुशख़बरी मिलना लगभग तय है, बस देखना ये है कि मंत्रिमंडल की औपचारिक घोषणा मुख्यमंत्री कब करते हैं।

 

 

वैसे नाहन से भाजपा के दिग्गज नेता राजीव बिंदल को हरा कर आए अजय सोलंकी भी मुख्यमंत्री सुक्खू के खास मित्रों में शुमार किए जाते हैं, परंतु यह उनकी पहली बार है तो यह बात उनके परिपेक्ष में नही बैठती । पर जो हो, सिरमौर के ये दोनों विधायक अगर काम करने में जुट गये तो, सिरमौर के चहुंमुखी विकास को कोई नही रोक पाएगा। सिरमौर फिर से हिमाचल का सिरमौर बन कर उभर सकता है।

 

 

अपुष्ट सूत्रों की माने तो, एक बात और निकल कर आ रही है कि कुछ नामों को लेकर प्रतिभा सिंह और मुख्यमंत्री में ठन गयी है, और शायद इसी कारण, प्रतिभा सिंह भी दिल्ली रवाना हो चुकी हैं। अब देखना ये है हिमाचल की बलखाती सड़कों पर एक ड्राइवर का बेटा जिसने इतिहास रच दिया , किस तरह से विकास की बस चलाता है।