टीबी के लक्षण दिखने वाले लोगों की होगी जांच: उपायुक्त

पांवटा रविवार दी जानकारी…

 

उपायुक्त सिरमौर आरके गौतम ने कहा कि टीबी मुक्त भारत, टीबी मुक्त सिरमौर और टीबी मुक्त पंचायतों के लिए जिला के सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि पंचायतों को भी ‘टीबी मुक्त पंचायत’ की दिशा में आगे बढक़र कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आगामी 25 फरवरी रविवार को होने वाली विशेष ग्राम सभा की बैठकों में टीबी मुक्त (क्षय रोग मुक्त) पंचायत विषय को चर्चा के लिए शामिल किया गया है। उपायुक्त नाहन में मुख्य चिकित्सा अधिकारी सिरमौर द्वारा आयोजित जिला क्षय रोग निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि 24 मार्च को विश्व टीबी मुक्त दिवस के अवसर पर पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी संभावित रोगियों की सैंपलिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान लक्षण दिखने वाले लोगों की जांच की जाएगी। पंचायत प्रतिनिधि टीबी उन्मूलन में अच्छा सहयोग प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से टीबी के रोगियों की सेवा और उन्हें सहयोग करने का आह्वान भी किया।

 

आरके गौतम ने कहा कि सभी औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिक, अनुबंध एवं अन्य संगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को टीबी रोग के बारें में विशेष कैंपों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से जागरूक किया जाएगा ताकि इस रोग के बारे में श्रमिकों में को सही जानकारी हासिल हो सके। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नाहन शहर के विभिन्न ढाबों और रेस्टोरेंट में कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों के टीबी के सैंपल लेना सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों का भोजन सम्बन्धी कार्य अत्यंत महत्त्वपूर्ण एवं संवेदनशील है और किसी एक कर्मचारी के भी टीबी संक्रमित होने पर अन्य लोगों की जान भी जोखिम में पड़ सकती है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिला में टीबी के रोगियों के उपचार और उनकी देखभाल में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। इस मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष सीमा कन्याल, प्रधानाचार्य मैडिकल कालेज नाहन डाक्टर श्याम लाल कौशिक, डाक्टर कक्कड, डाक्टर वीना संगल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र, स्वास्थ्य, शिक्षा, आयुर्वेद, उद्योग, खाद्य एवं आपूर्ति व अन्य विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।