हिमाचल प्रदेश में अगर हर पंचायत या खंड स्तर पर पुस्तकालय खुल जाएं तो प्रतिभाओं की ओर शिक्षा जगत में एक नई क्रांति आ सकती है… आज ऐसे चिंतनीय ओर

हिमाचल प्रदेश में अगर हर पंचायत या खंड स्तर पर पुस्तकालय खुल जाएं तो प्रतिभाओं की ओर शिक्षा जगत में एक नई क्रांति आ सकती है… आज ऐसे चिंतनीय ओर महत्वपूर्ण विषय पर विचार व्यक्त करना चाहूंगा जो हमारे वर्तमान ओर भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है वह है हर पंचायत या खंड स्तर पर एक पुस्तकालय खुल जाएं तो ग्रामीण स्तर के प्रतिभाओं को घर द्वार ऐसी महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध हो सकती है जिसको प्राप्त करने के लिए हमे शहरों की ओर रुखसत होना पड़ता है और अगर हिमाचल प्रदेश की नई सरकार इस महत्वपूर्ण विषय पर कुछ सकारात्मक क़दम उठाए तो निसंदेह भविष्य में ग्रामीण स्तर के बच्चों और प्रतिभाशाली बच्चों को एक बहुत ही आसान और नजदीकी क्षेत्र में पुस्तकालय का सुअवसर मिलेगा ओर जिसमें सभी इच्छुक प्रतिभागियों को शिक्षा का वातानुकूलित माहोल पंचायत व खंड स्तर पर मिल सकता है अगर हिमाचल प्रदेश की नई सरकार इस महत्वपूर्ण विषय पर भविष्य में खोलने और पहल करने की हामी भरती है तो क्योंकि आज समस्त हिमाचल प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हमारा प्रदेश अग्रणी भूमिका ओर उच्च पायदान पर खड़ा हे तो उसी को आधार बनाकर हमें भविष्य में पुस्तकालय जेसे कार्यक्षेत्र को भी विभिन्न पंचायतों व खंड स्तर पर खोलने की परम् आवश्यकता आज के परिप्रेक्ष्य में नज़र आतीं हैं ताकि भविष्य में हमारे जिले व प्रदेश से एक वातानुकूलित माहोल शिक्षा ग्रहण करने के लिए मिल पाएं ओर साथ ही जो अभिभावक आर्थिक समस्या के कारण अपने बच्चों को दूर शहरों में नहीं भेज पाते उन्हें सरकार घर द्वार यह सुविधा सुनिश्चित करवाएं तो हमारे देव भूमि हिमाचल में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में ओर भी बेहतर परिणाम भविष्य में देखने ओर सुनने को मिलेंगे ऐसी मुझे उम्मीद ओर आशा रखता हूं आज के आधुनिकता में जहां हमारे बच्चे दिशाहीन ओर नशे जैसी गंभीर समस्या के शिकार होते जा रहे हैं वहीं हमें उन्हें जीवन के मुख्यधारा में लाने के लिए पंचायत व खंड स्तर पर पुस्तकालय जेसे कार्यक्षेत्र को स्थापित करने की भी परम आवश्यकता बनी हुई है ताकि उन्हें किसी भी स्तर की तैयारी करने के लिए पुस्तक, मेगज़ीन, अखवार, इत्यादि ओर शान्त और वातानुकूलित माहोल पुस्तकालयों में प्राप्त हो आज हमे देखने को मिलता है कि जो भी जिला स्तर पर सरकारी पुस्तकालय खुलें है वहा बैठने की व्यवस्था कम पड़ती जा रही है क्योंकि समस्त जिला स्तर से एक ही सरकारी पुस्तकालय होने की वजह से समस्याओं का सामना करना पड़ता है और मजबूरी में उन्हें निजी पुस्तकालय में जाना पड़ता है जहां उन्हें आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ता है इस परिप्रेक्ष्य में आज हिमाचल प्रदेश की नई सरकार से आग्रह और निवेदन करना चाहूंगा कि इस गंभीर और भविष्य से जुड़े इस विषय पर सरकार जरूर कुछ बैहतरीन क़दम उठाएंगी ऐसी में कामना ओर आशा भविष्य में करता हूं .. लेखक- हेमराज राणा