गेहूं का समर्थन मूल्य110 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा..

2,015 से बढ़ाकर 2023-24 के लिए 2,125 रुपये का किया…

हिमाचल में 10 अप्रैल से अब इतने रूपये प्रति क्विंटल होगी किसान से खरीद, जानिए कब खुलेगा रजिस्ट्रेशन पोर्टल….

 

इस बार गेंहू के समर्थन मूल्य में 110 रूपये प्रति क्विंटल बढ़ौतरी की गई है। पिछली बार यह मूल्य 2015 रूपये प्रति क्विंटल था जो केंद्र सरकार ने बढ़ाकर इस बार 2125 रूपये कर दिया है। हालांकि इस बार प्रति क्विंटल बढ़ौतरी अच्छी हुई है लेकिन बहुत कम बारिश के चलते फसल सामान्य ही है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को तो खुद ही दून क्षेत्र से गेंहू की खरीद करनी पड़ेगी ।

हिमाचल प्रदेश में इस बार खाद्य आपूर्ति निगम किसानों से गेहूं खरीदने रही है। गेहूं की खरीद 10 अप्रैल, 2023 से की जाएगी। इसके लिए खाद्य आपूर्ति निगम ने 10 मंडियों का चयन किया हैं। इसमें जिला कांगड़ा की अनाज मंडी फतेहपुर, रियाली और मिलवा, जिला सिरमौर के धौलाकुआं, कालाअंब, पाँवटा साहिब, मार्केट यार्ड नालागढ़, जिला सोलन के मलपुर बद्दी, जिला ऊना के मार्केट यार्ड टकारला और रामपुर शामिल है। प्रधान सचिव खाद्य आपूर्ति निगम आरडी नजीम ने कहा कि किसानों को hpappp.nic.in पोर्टल पर जाकर अपनी फसल का ब्योरा देने के लिए पंजीकरण कराना होगा। 1 अप्रैल, 2023 को पोर्टल खोल दिया जाएगा। किसानों को राशि 48 घंटे के भीतर आनलाइन बैंक खाते में आ जाएगी। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य 2125 प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद होगी।

 

पाँवटा साहिब रहता है अव्वल –

 

हिमाचल प्रदेश में गेहूं खरीद मामले में पाँवटा साहिब दून क्षेत्र अव्वल रहता है। कई बार तो जितनी खरीद पूरे प्रदेश में होती है उतनी अकैले पाँवटा साहिब क्षेत्र से हो जाती है। अब वर्ष 2021 की ही बात करें तो सिरमौर के पाँवटा साहिब के किसानो ने 7 करोड़ रूपये से अधिक का गेहू एफसीआई केन्द्र मे बेचा था। केन्द्र बंद होने तक किसानो ने अपना 37000 क्विंटल के करीब रिकार्ड गेंहू एफसीआई को बेचा था। क्योंकि कोरोना काल मे बाहरी राज्यो मे जाने पर पाबंदी थी इसलिए पांवटा के केंद्र मे रिकार्ड गेंहू पंहुची थी।

 

वहीं, वर्ष 2022 में खरीद का आंकड़ा 20 हजार क्विंटल भी नही छू पाया था। लगभग 18 हजार क्विंटल गेंहू की ही खरीद हो पाई है जिसमें लगभग 11 हजार क्विंटल गेंहू खरीद केवल हरिपुर टोहाना केंद्र पर हुई है। धोलाकुंआ केंद्र पर 7040 क्विंटल गेंहू की खरीद हुई। इस बार कम बारिश के चलते फसल पर असर पड़ा है, जिससे खरीद का आंकड़ा कम हो सकता है।