सरकार पर अधिक कर्ज होने के बावजूद भी हर वर्गों का रखा जा रहा ध्यान -(हैदर अंसारी)

सरकार पर अधिक कर्ज होने के बावजूद भी हर वर्गों का रखा जा रहा ध्यान -(हैदर अंसारी)

पांवटा साहिब ब्लॉक कांग्रेस एवं जिला सोशल मीडिया सचिव मुसव्विर अंसारी (हैदर अंसारी)
ने ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा पेश किए गए बजट की तारीफ करते हुए कहा कि इस बार उन्होंने शानदार बजट पेश किया है उन्होंने में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अनुपूरक बजट पेश किया. मुख्यमंत्री ने साल 2022-23 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगों की पहली और अंतिम किस्त प्रस्तुत की. मुख्यमंत्री ने 13141 करोड़ 7 लाख का बजट पेश किया. इसमें 11707 करोड़ 68 लाख राज्य की योजनाओं और 1433 करोड़ 39 लाख केंद्रीय प्रायोजित स्कीमों के लिए प्राप्त किया गया.

कोई भी सरकार अनुपूरक बजट कब पेश करती है, जब उसका खर्च तय किए गए बजट से ज्यादा हो जाता है. हिमाचल प्रदेश के लिए साल 2022-23 में 50 हजार 192 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था. सरकार का ने इस वित्त वर्ष में जो अतिरिक्त बजट खर्च किया, उसके लिए अनुपूरक बजट पेश किया जाता है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विभिन्न योजनाओं के लिए इस अनुपूरक बजट को सदन के सामने पेश किया.

 

सुखाश्रय कोष के लिए 284 करोड़ 79 लाख रुपये

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन को बताया कि राज्य स्कीमों के अंतर्गत 6004 करोड़ 63 लाख Ways and Means और Overdraft के लिये 1 हजार 260 करोड़ 65 लाख रुपये पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ 551 करोड़ 48 लाख, बिजली सब्सिडी 444 करोड़ 3 लाख रुपये अस्पतालों के निर्माण, चिकित्सा उपकरणों की खरीद और हिमकेयर योजना, 435 करोड़, 8 लाख वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं, महाविद्यालयों के भवनों के लिए और कर्मचारियों के वेतन अदायगी, 289 करोड़ 38 लाख हिमाचल पथ परिवहन निगम को सहायता, 284 करोड़ 79 लाख रुपये मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष, सुख आश्रय भवन निर्माण और सामाजिक सुरक्षा पेंशन, 279 करोड़ 6 लाख जलापूर्ति और मल निकासी योजनाओं के लिए 226 करोड़ 51 लाख रुपये, प्राकृतिक आपदा राहत 209 करोड़ और 33 लाख मुख्य मन्त्री स्वावलम्बन योजना, प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना, ऑप्टिकल केबल फाईबर नेटवर्क के लिए प्रावधित किए गए हैं.

उद्यान विकास परियोजना 156 करोड 91 लाख रुपये

इसके साथ ही सरकारी विभागों के डिजिटल विस्तार 208 करोड़ 42 लाख रुपये फसल बीमा योजना, Crop Diversification, मंडी मध्यस्थता योजना के लंबित दायित्व और उद्यान विकास परियोजना के लिए 156 करोड़ 91 लाख, ग्रामीण स्थानीय निकायों को अनुदान, जिला परिषद् के स्टाफ के वेतन और 15वें वित्तायोग के अन्तर्गत अनुदान, 154 करोड़ 71 लाख रुपये सड़कों और पुलों के लिये, 128 करोड़ 71 लाख, रेल परियोजनाओं, 108 करोड़ 70 लाख रुपये स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम, 106 करोड़ और 8 लाख रुपये सरकारी भवनों, विश्राम और परिधि गृहों छात्रवासों के निर्माण एवं रख-रखाव के लिए रखा गया.

इसी तरह 67 करोड़ 73 लाख रुपये दीन दयाल अंत्योदय योजना के लिए राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन स्मार्ट सिटी मिशन, AMRUT, स्वच्छ भारत मिशन और शिमला जल प्रबन्धन निगम के लिए 55 करोड़ 48 लाख रुपये न्याय प्रशासन के लिए 53 करोड़ 93 लाख रुपये खाद्यान्न उपदान धान की खरीद और हिमाचल गृहणी सुविधा योजना के लिए 43 करोड़ और 33 लाख मनरेगा के लिए प्रावधित किए गए हैं.

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