स्पेशल स्टोरी – पांवटा किसान भवन के समीप डरावनी बिल्डिंग

स्पेशल स्टोरी – पांवटा किसान भवन के समीप डरावनी बिल्डिंग

विकास को तरसा किसान भवन का रेन बसेरा

पावटा प्रशासन और नेताओं की अनदेखी के चलते बिल्डिंग की हालत खस्ता

इन डरावनी तस्वीरों को देखकर आप भी चौंक गए होंगे दरअसल यह तस्वीरें पोंटा साहिब के एसडीएम कार्यालय से मात्र 100 मीटर की दूरी किसान भवन के रैन बसेरा की है  जिस बिल्डिंग को देखकर आपके रोंगटे खड़े हो गए हैं जहां टूटी फूटी दीवारें लटका हुआ छत चीक चीक के विकास की राह के लिए तरस रहा है लेकिन पिछले 5 वर्षों से प्रशासन सहित नेता इस और कोई ध्यान नहीं दे पाए

डरावनी बिल्डिंग

धार्मिक स्थल पांवटा साहिब में किसान भवन के रेन बसेरा में गरीब लोग ठहरा करते थे दूरदराज इलाकों के लोग कोई यहां पर अच्छी सुविधा मिलती थी लेकिन नेता और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी कहे या लापरवाही की वजह से बिल्डिंग की हालत बद से बदतर हो गई है बिल्डिंग खंडहर बन चुकी है प्लस्टर का नामोनिशान खत्म हो गया है फिटिंग कहीं नजर नहीं आ रही है खिड़कियां दरवाजे टूटे-फूटे हैं दीवारों में दरारें हैं तो छत से शरिये लटक रहे हैं।

विकास को तरसा रेन बसेरा

मौके पर मिले एक व्यक्ति ने बताया कि लगभग 40 साल पूर्व  बिल्डिंग बनाई गई थी। इसके पीछे उद्देश्य आसपास के इलाकों से पहुंचे लोगों को सस्ते दामों पर ठहरने के लिए कमरा में सके लेकिन पिछले कई साल से बिल्डिग देखरेख के अभाव में खस्ता हालत हो चुकी है। सरकार द्वारा लाखों रुपए की लागत से तैयार की गई बिल्डिंग पर पानी फिर गया है

डर डर के जी रहे हैं कर्मचारी

जिसकी तरफ ना तो सरकारें ध्यान दे रही है और ना ही जिला प्रशासन देखरेख कर रहा है। जिस वजह से यह बिल्डिंग आने वाले दिनों में ध्वस्त की कगार पर पहुंच गई है। बिल्डिंग के आसपास एग्रीकल्चर ,कृषि विज्ञान आदि के दफ्तरों में बैठे लोग भी डर डर के जी रहे हैं

नई सरकार से उम्मीदे

वही मौके पर मौजूद व्यक्ति ने बताया कि अब नई सरकार हिमाचल में आ गई है उम्मीद है कि वह इन बिल्डिंग पर ध्यान देकर आने वाले समय पर यहां पर एक भव्य नई बिल्डिंग बनाई जाएगी ताकि गोंडा के विकास को चार चांद लगे और यहां पर लोगों को अच्छी सुविधा मिल सके।