बजट आने के बाद सुनील शर्मा अध्यक्ष एसएमसी यूनियन हिमाचल प्रदेश उठाई आवाज

ठगा ठगा सा महसूस कर रहे एसएमसी यूनियन…

सुनील शर्मा प्रदेश अध्यक्ष एसएमसी GIA यूनियन हिमाचल प्रदेश आज आपके चैनल के माध्यम से 2555 एसएमसी शिक्षकों की पीड़ा सरकार व सर्वसाधारण के समक्ष साझा करना चाहता हूं जैसा कि आप सभी जानते हैं कि पिछले कल हिमाचल प्रदेश के नई सरकार ने विधानसभा के पटल पर 2023-24 के लिए अपना पहला बजट पेश किया। इस बजट में सरकार ने विभिन्न कार्य योजना व कर्मचारियों के लिए विभिन्न घोषणा की लेकिन 11 सालों से पूर्ण निष्ठा व ईमानदारी के साथ सेवाएं देने वाले एमसी GIA अध्यापको को मात्र ₹500 की वेतन वृद्धि से रिझाने का कार्य इस बजट में किया गया। हमारी सरकार से सिर्फ और सिर्फ नियमितकारण की मांग है इसी मांग को हमने माननीय मुख्यमंत्री सूखविंद्र सिंह सुखू जी, माननीय उद्योग मंत्री हर्ष वर्धन चौहान जी और माननीय शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर जी के समक्ष रखा और उन्होंने आश्वस्त किया कि हम आपका कार्य बहुत जल्द करेंगे थोड़ा हमें समय दो। लेकिन सरकार से हमें इस बजट में सम्मानजनक सैलरी का प्रस्ताव हमने माननीय मुख्यमंत्री जी के समक्ष रखा और यूनियन के एक डेलिगेशन मंत्री जी मिला और हमे भरोसा दिया कि मैं इस बजट में सम्मानजनक सैलरी की मांग को पूरा करने की कोशिश करूंगा।

1. सबसे पहले में 2555 एसएमसी जिस शिक्षकों की चयन प्रक्रिया के बारे में आप सभी को बताना चाहता हूं की एमसी जिस शिक्षक हिमाचल प्रदेश सरकार की अपनी भारतीय हैं हमें किसी कंपनी या निजी संस्था ने नियुक्त नहीं किया है।

 

2 हमें सरकार ने एसडीएम की अध्यक्षता में बनी साक्षात्कार कमेटी द्वारा नियुक्त किया गया है सभी 2555 एसएमसी शिक्षक तट क्वालीफाई हैं और आरटीई 2009 के सभी मानकों को पूरा करते हैं।

 

3. हिमाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्र के कई स्कूल एमसी शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं जो कि पिछले 11 वर्षों से पूरी निष्ठा व ईमानदारी से बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन WA दे रही है और बेहतरीन शिक्षा परीक्षा परिणाम दे रहे हैं।

 

4 शिक्षा विभाग में बिना कमीशन के अब तक जितनी भी भर्तियां हुई हैं वह सभी काफी कम अंतरालों में नियमित किए जा चुके हैं पीटीए प्रधानों द्वारा साक्षात्कार से चयन पीटीए शिक्षकों को सरकार ने 7 सालों में ही कांटेक्ट पर ले लिया था जिन्हें कुछ पहले नियमित किया जा चुका था लेकिन एसडीएम कमेटी के अध्यक्षता में बनी साक्षात्कार कमेटी द्वारा पूर्ण पारदर्शिता से चयनित एमसी शिक्षकों को सरकार ने 11 साल के बाद भी सिस्टम में नहीं लाया है जो की अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

 

5. नियमितकारण की मांग को लेकर पिछली सरकार के दौरान भी हमारे डेलिगेशन कई बार सरकार से मिले लेकिन हमारे साथ सदैव सौतेला व्यवहार किया जाता रहा है।

 

6. हिमाचल प्रदेश के वर्तमान सरकार से हमें बड़ी उम्मीदें थी की नई सरकार अवश्य ही हमें इंसाफ दिलाएगी ऐसा इसलिए भी है क्योंकि SMC GIA की 80 पर्सेट भर्तियां कांग्रेस सरकार के दौरान हुई है हमने नई सरकार बनते ही माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुख शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर जी उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान जी से पिछली सरकार के द्वारा 2555 एसएमसी शिक्षकों का दर्द बयां किया और एसएमसी शिक्षकों को नियमितकारण की मांग रखी। लेकिन माननीय शिक्षा मंत्री जी ने आश्वस्त किया कि आप लोगों के नियमित कारण की मांग को तुरंत पूरा करना कठिन है अभी आपको सम्मानजनक वेतन और वन टाइम ट्रांसफर का कार्य हम कर रहे हैं लेकिन बजट भाषण में एमसी शिक्षकों के लिए मात्र ₹500 की वेतन वृद्धि की घोषणा से 2555 एसएमसी शिक्षकों के मनोबल आत्मसम्मान को गहरी चोट पहुंची है मेरा माननीय मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुखु जी से आग्रह है की आप हमारे इस नियमितकारण की मांग को जल्द से जल्द पूरा करेंगे ऐसी हम 2555 एसएमसी शिक्षक आपसे और आपकी सरकार से उम्मीद करते हैं धन्यवाद

 

बाइट सुनील शर्मा