स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को होली मेले में मिला में डबल फायदा

पहाड़ी पकवान को बेचकर महिलाएं हो रही है मालामाल

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को होली मेले में मिला में डबल फायदा

राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत महिलाएं बन रही

आत्मनिर्भर..

पावटा होली मेले में पहाड़ी पकवान बनाकर महिलाएं मालामाल हो रही है दरअसल पांवटा साहिब मैं चल रहे दस दिवसीय होली मेले में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत काम कर रही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा प्राकृतिक खेती से उत्पाद किए गए पहाड़ी व्यंजनों के स्वाद ने मेले में लोगों का दिल जीत लिया है जिससे महिलाओं की आमदनी में बढ़ोतरी हो रही है और महिलाओं के चेहरे पर खुशी है।

 

होली मेले में पहुंची महिला ने बताया कि उन्होंने पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद चक्कर बहुत खुश हुए हैं महिलाओं ने चार प्रकार की खीर बनाई हैं जिसमें चावल की खीर गोभी की खीर केले की खीर व अन्य कई प्रकार की खीर के साथ-साथ पहाड़ी व्यंजन जैसे पटवाडे, पुणे झंगुरे की खीर अरसा चैसोणी भांग की चटनी, बाड़ी कंडाली का साग आदि पहाड़ी पकवान बनाए गए

होली मोहल्ला में पहली बार स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने कई प्रकार के स्टाल लगाए वही राधा ने बताया कि मेले में फूड वैन लगाकर पहाड़ी व्यंजन वाह मोमोज चौमिन इत्यादि लोगों को परोसे जा रहे हैं दाम कम होने होने की वजह से लोग पहाड़ी व्यंजनों को बहुत पसंद कर रहे हैं जिससे महिलाओं की इनकम में भी बढ़ोतरी हो रही है इसके अलावा साथ में कई प्रकार के अचार का स्टॉल लगाया है जिससे भी महिलाओं को इनकम हो रही है।

 

बाइट ग्राहक

 

महिलाओं ने मेले में स्टॉल लगाया गया है जिसमें महिलाओं द्वारा तैयार की गई वस्तु रखी गई है। वहीं स्वयं सहायता समूह को बढ़ावा देने और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर भी काफी प्रयास कर रही हैं। वही ब्लॉक क्षेत्र की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपने उत्पादों का स्टाल लगाए हैं।

बाइट राधा मेले में पहाड़ी पकवान स्टॉल लगाया महिला ने बताया कि पहाड़ी डिश घी के साथ लोगों को परोसी जा रही है और लोग जमकर पहाड़ी व्यंजन का स्वाद चख रहेvहैं जिससे स्वयं सहायता समूह की महिलाएं महिलाएं मालामाल हो रही है रोजाना 10 से 15000 के इनकम महिलाएं कमा रही है उन्होंने बताया कि महिलाओं द्वारा निर्मित कपड़े, खिलौने, घरेलू सामान, आचार, मुरब्बा सहित अन्य सामान शामिल होंगे। स्वयं सहायता समूह को आर्थिक रूप से मजबूत करने और उनके उत्पादों की ब्रांडिंग करने के लिए महिलाओं को एक अच्छा बाजार मिलने के साथ ही उनके उत्पादों को नई पहचान भी मिलेगी। साथ ही लोगों को एक ही जगह कई प्रकार के सामान्य बाजार से सस्ते दर पर उपलब्ध हो सकेंगे।

बाइये महिलाएं