अल्पसंख्यक समुदाय के 1382 लाभार्थियों में 34 करोड़ की राशि वितरित

मंगलवार पांवटा मिली जानकारी

उपायुक्त आर. के. गौतम ने उनके कार्यालय सभागार में अल्पसंख्यक वर्ग के कल्याणार्थ प्रधानमंत्री नया 15- सूत्रीय कार्यक्रम की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जानकारी दी कि जिला में वर्ष 2023 के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के 1382 लाभार्थियों को 34 करोड़ रुपये की राशि सरल ऋण के रूप में प्रदान की जा चुकी है। गत वर्ष 60 लाभार्थियों को 2.60 करोड़ रुपये की राशि स्वरोजगार के कार्यों के लिये प्रदान की गई थी। बैठक की कार्यवाही का संचालन जिला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा ने किया।

 

आर. के गौतम ने कहा कि जिला में अल्पसंख्यक वर्ग की कुल आबादी 53023 है और इनके सामाजिक व आर्थिक उत्थान के लिये सरकार ने अनेक योजनाएं कार्यान्वित की हैं। स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना, स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना, सम्पूर्ण रोजगार योजना के तहत पात्र अल्पसंख्यक समुदायों के व्यक्तियों के लिये भौतिक एवं आर्थिक लक्ष्य निर्धारित किये गए हैं। नये औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में से कतिपय संस्थान अल्पसंख्यक समुदायों की बहुलता वाले क्षेत्रों में स्थापित किये जाएंगे और उत्कृष्टता केन्द्रों के रूप में कुछ मौजूदा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का उन्नयन इसी आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के तहत केन्द्रीय पुलिस बल, रेलवे, राष्ट्रीयकृत बैंकों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में भर्ती हेतु अल्पसंख्यकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

 

बैठक में जानकारी दी गई कि जिला के कुल 1186 अल्पसंख्यक विद्यार्थियों में से 123 द्वारा छात्रवृति हेतु आवेदन करने के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई गई। मौलाना आजाद शिक्षा प्रतिष्ठान को सुदृढ़ बनाया जाएगा तथा इसकी गतिविधियों का सरकारी अनुदान से विस्तार किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि मदरसा शिक्षा का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इनमें सभी प्रकार के विषयों को पढ़ाया जाएगा ताकि बच्चे का सर्वांगीण विकास हो और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगारोन्मुखी बन सके।

 

शिक्षण संस्थानों में छूआछूत के मामलों पर कड़ी नजर

 

जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा कि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत गत तीन सालों में जिला में 53 मामले दर्ज हुए जिनमें 36 मामले न्यायालय में लंबित हैं। उन्हें अवगत करवाया गया कि 68 पीड़ितों को 74.50 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है। उपायुक्त ने कहा कि शिक्षण संस्थानों व आंगनवाड़ियों में किसी भी प्रकार के भेदभाव अथवा छुआछूत के मामलों पर कड़ी निगाह रखी गई। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को मासिक रिपोर्ट सौंपने को कहा।

 

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी व समितियों के गैर सरकारी सदस्य उपस्थित थे।