उत्तराखंड से भटक कर पांवटा पहुंचा हाथी, वन विभाग ने जंगल की ओर खदेड़ा

उत्तराखंड से भटक कर पांवटा पहुंचा हाथी, वन विभाग ने जंगल की ओर खदेड़ा…

पांवटा साहिब में एक हाथी भटक कर पांवटा शहर क्षेत्र की तरफ यमुना नदी की और आ गया है। जानकारी के अनुसार वीरवार देर शाम एक हाथी पांवटा की यमुना नदी के पास देखा गया। जिसके बाद वन विभाग की टीम हरकत में आयी वह मौके पर जा कर हाथी को उत्तरखंड की और खदेड़ा। वन विभाग ने बताया कि पहले यह हाथी उत्तराखंड के कुल्हाल कुल्हाल में नहर के साथ जाता दिखाई दिया। जहां से लोगों ने इसे डरा कर दौड़ा दिया जिसके बाद हाथी ने पांवटा शहर की ओर रुख किया जहां यमुना नदी पार कर यह भटकते हुए शहर की ओर आ रहा था। जिसे वन विभाग की टीम ने उत्तरखंड जंगल की और खदेड़ा। बता दे की पांवटा साहिब में अक्सर हिमाचल के साथ लगते उत्तराखंड के जंगलो से हाथी के झुंड आ जाते है। इस दौरान पांवटा के डीएफओ ऐश्वर्या राज ने पुष्टि करते हुए बताया कि उत्तराखण्ड से एक हाथी पांवटा की और आया था जिसे वन विभाग ने खदेड़ कर उत्तराखंड के तिमली वन रेंज के जंगल की और खदेड़ दिया है। गौर हो कि विकासनगररू कालसी वन प्रभाग की तिमली व देहरादून वन प्रभाग की मल्हान रेंज के घने जंगल के नजदीक ही कई दर्जन गांव बसे हैं।

 

इसके अतिरिक्त कई आबादी क्षेत्र जंगल के बीच में भी स्थित हैं। इसके अलावा ऐसे तमाम ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी रोजमर्रा की जरुरतों के लिए संरक्षित वन क्षेत्र पर निर्भर होने के कारण रात दिन जंगल में आते जाते रहते हैं। ऐसे में जंगल में हाथियों की मौजूदगी काफी खतरनाक साबित हो सकती है।जिसके चलते पांवटा क्षेत्र के इस जंगल के पास होने के कारण हाथी कई बार पांवटा की और आ जाते है। वन विभाग की कोशिश यही है कि जब तक वन क्षेत्र में हाथियों का मूवमेंट चल रहा हैए तब तक ग्रामीण जंगल की तरफ न जाएं।तिमली व मल्हान वन रेंज का जंगल प्रदेश के पांवटा साहिब कि सीमा से सटे कुल्हालए उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे दर्रारीट से लेकर देहरादून के आशारोडी तक घनी आबादी के साथ लगा हुआ है। डीएफओ ऐश्वर्या राज ने कह कि हाथी जंगल के किनारों या किनारों पर स्थित आबादी क्षेत्रों तक सामान्य रुप से आ जाते हैं। े बचाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम सावधानी ही है। लोगों को चाहिए कि वह जंगलों में अधिक भीतर तक न जाएं