प्राइवेट हॉस्पिटल से महंगा पांवटा सरकारी हॉस्पिटल में इलाज कराना

प्राइवेट हॉस्पिटल से महंगा पांवटा सरकारी हॉस्पिटल में इलाज कराना

 

सरकारी अस्पताल में 60 हजार लेकर गरीब मरीजों का हो रहा इलाज …..

 

हिमाचल प्रदेश का पांवटा सिविल हॉस्पिटल वैसे तो बड़ा सुर्खियों में रहता है वही एक ऐसा मामला सामने आया है वही एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाओगे

 

दरअसल पांवटा साहिब के सिविल अस्पताल में एक बड़ा मामला सामने आया है जहां डॉक्टरों द्वारा 60 हजार रुपए लेकर गरीब मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इस खुलासे में बाहर से • प्राइवेट डॉक्टर की संलिप्तता और मैडिकल स्टोर के बिल भी सामने आए हैं।

 

पांवटा साहिब का सिविल अस्पताल यूं तो हमेशा से ही विवादों में रहा है मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक यहां की शिकायतें पहुंचती रही है डाक्टरों के गोरखधंधे में पिस रहे गरीब लोगों का दर्द कोई नहीं सुन पाया, लेकिन इस बार कमीशन खोरी की सारी हदें लांघ कर डाक्टरों ने मरीजों की जेब पर | सीधे हाथ डाला है।

 

जिस अस्पताल में लोगों को मुफ्त सुविधा मिलनी चाहिए वहां पर मरीजों से मोटी रकम ऐंठी जा रही है सिर्फ इतना ही नहीं प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर और बाहरी जिला के मेडिकल स्टोर से मैंहगी दवाई और दूसरा सामान भी मंगवाया जा रहा है।

 

इस पूरे मामले को लेकर जब पत्रकारों द्वारा अस्पताल में मरीजों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पांवटा सिविल अस्पताल में हड्डी विशेषज्ञ 60 हजार रुपए लेकर आप्रेशन कर रहे हैं इतना ही नहीं बाहर से प्राइवेट डॉक्टरों को भी बुलाया जा रहा है उन्हें भी मोटी कमीशन बटोरने का मौका मिल रहा है ।

 

इस बारे में भजौन निवासी मरीज के पिता से जब बात की गई तो बेहद साधारण बात चीत में उन्होंने बताया कि 6 रोज पहले बेटे का एक्सीडेंट हो गया था टांग में फ्रैक्चर था डॉक्टर ने प्लेट और रोड डालने के लिए कहा था इस दौरान उन्होंने 60 हजार रुपए दिए जिसके बाद उनके बेटे का ऑपरेशन किया गया उन्होंने बताया कि बेटे के ऑपरेशन के लिए उन्होंने बड़ी रकम ब्याज पर उठाई है।

 

वही दूसरे मामले में एक मरीज की पत्नी ने बताया कि उनके पति की टांग का ऑपरेशन हुआ है जिसके लिए बाहर से रॉड और प्लेट्स मंगवाई गई है जिसके लिए डॉक्टरों को 60 हजार रुपए दिए हैं।

 

वही बता दें कि इन सभी ऑपरेशन में सोलन जिले की मेडिकल शॉप से ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाली दवाएं, रॉड और प्लेट के बिल भी मंगवाएं गए हैं।

 

वही एक चौंकाने वाली बात यह भी है कि सभी | मरीजों से 60 हजार लिए जा रहे हैं क्या ऐसा संभव है कि सभी को एक जैसी और एक जितनी चोट आई हो ऐसा भी संभव है कि बेवजह मरीजों पर रॉड और प्लेट्स का वजन डाला जा रहा हो। कई बार फैक्चर में प्लास्टर से भी काम चल सकता है।