समाजसेवा ओर सम्मान का प्रतीक है डॉ श्रीकांत अकेला..

समाजसेवा ओर सम्मान का प्रतीक है डॉ श्रीकांत अकेला..

जिला सिरमौर के नाहन में शिक्षक के रूप में कार्यरत डॉ श्रीकांत अकेला जो अपने आप में बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यकित्व है जो एक शिक्षक के साथ साथ वरिष्ठ समाजसेवी,कवि,साहित्यकार,पत्रकार,सम्पादक, पर्यावरणविद् ओर राज्यस्तरीय शंखनाद मिडिया सामाजिक संगठन के निदेशक है मेरे अनुभव अनुसार डॉ श्रीकांत अकेला एक ऐसा नाम है जो अपने आप में एक पुस्तक है जिन्होंने समय समय पर अपनी शिक्षा,प्रतिभा, लग्न, जिज्ञासा, समाजसेवा, ओर निपुणता के बलबूते अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है और आज भी वह दस्तूर जारी है श्री कांत अकेला वर्तमान में जिला सिरमौर के एबीएन पब्लिक स्कूल नाहन में गणित अध्यापक के रूप में अनेकों वर्षों से अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं इससे पूर्व जवाहर नवोदय विद्यालय नाहन में भी अपनी बेहतरीन सेवाएं प्रदान की है डॉ श्रीकांत अकेला ने विभिन्न क्षेत्रों में अपना परचम लहराया है।
जिसमें की पर्यावरण जेसे गंभीर विषय पर इन्होंने स्कूल से लेकर नाहन के हर क्षेत्र में पौधारोपण ओर सफाई अभियान जैसे पुनीत कार्य समय समय पर करते आ रहे हैं जिसमें की शहर के तमाम बुद्धिजीवी वर्ग ओर विधार्थियों के साथ ये कारवां वर्षों से चलाएं हुए हैं साथ में इससे भी बढ़कर डॉ श्रीकांत अकेला ने वर्ष में दो बार मार्च माह ओर सितंबर माह में ऐसे ऐसे व्यक्तित्व को सम्मान देने के लिए पिछले 12 वर्षों से प्रयासरत हैं जिन्होंने अपने अपने क्षेत्र में समाज और क्षेत्र के लिए बेहतरीन कार्य किया है जिसमें की समाजसेवा,कला, संस्कृति,साहित्य, रचनाकार,लेखक,चित्रकार, इत्यादि विषयों में कार्य किया है उन विशेष व्यक्तित्व को श्रीकांत अकेला की पूरी टीम ओर उनकी ओर से राज्यस्तरीय शंखनाद मिडिया विशिष्ट सम्मान वर्ष में दो बार प्रदान किया जाता है जिसके मुख्यातिथि हर वर्ष बड़ी बड़ी हस्तियां जैसे आईपीएस,एचएएस ओर वरिष्ठ साहित्यकार, प्रशासनिक अधिकारी ओर विभिन्न विभागों के अधिकारी ओर राजनेता मंच की शोभा बढ़ाते हैं जिस सामाजिक संगठन के मार्गदर्शक गिरिपार के शिलाई के मिल्ला गांव के प्रसिद्ध समाजसेवी प्रो अमर सिंह चौहान है जो समय समय पर इस संगठन का मार्गदर्शन ओर मनोबल बढ़ाने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं और हर विशेष व्यक्तित्व के जीवन में गौरवमई पल रहते हैं जिस सम्मान के साथ साथ एक वरिष्ठ कवि, साहित्यकारो का कवि सम्मेलन का क्रम में लगातार जारी है जिसमें अलग-अलग जिलों के नवोदित कवियों ओर वरिष्ठ कवियों को मंच प्रदान करके कवि व
साहित्यकार अपनी रचनाओं ओर प्रतिभा का लोहा मनवाते है..
डॉ श्रीकांत अकेला एक ऐसा व्यक्तिव है जो हर वर्ष हिमाचल के तमाम जिलों से चुन चुन कर हर विधा में निपुण व्यक्तित्व का एक विशेष संगम करवाते हैं और क्षेत्र ओर समाज में अपनी ओर अपने सामाजिक संगठन के बदोलत समाज में अपनी अनूठी पहचान स्थापित करते जा रहे हैं इस प्रकार डॉ श्रीकांत अकेला कि ये निस्वार्थ सेवा भाव ओर समाजसेवा अपनी अनूठी पहचान ओर ऐतिहासिक बनती जा रही है जिनके बारे में जितना लिखा जाए जितना पढ़ा जाएं जितना समझा जाए उतना शायद कम होगा।

लेखक-हेमराज राणा