निजी स्कूल में बच्चों के स्वास्थ्य के नाम पर पनप रहा धंधा…

निजी स्कूल में बच्चों के स्वास्थ्य के नाम पर पनप रहा धंधा…

स्वास्थ्य जांच के नाम पर लिए जा रहे सो रुपए

जिला सिरमौर के सबसे विख्यात स्कूल में बच्चों की स्वास्थ्य जांच चली हुई है इसमें तकरीबन 4000 बच्चों का स्वस्थ जांचा जाएगा इसके लिए परिजनों से सो सो रुपए भी इकट्ठा किए गए हैं।

 

वहीं अब अभिभावकों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ₹100 बच्चे की जांच के लिए मिशन स्कूल द्वारा मंगवाए गए है जिसमें बच्चों की आईज दांत और ब्लड ग्रुप चेक किया जाना था लेकिन अब ब्लड ग्रुप जांच के लिए ₹20 अलग से मांगे जा रहे हैं अभिभावकों ने आरोप लगाए कि स्कूल और साईं अस्पताल बच्चों के स्वास्थ्य के नाम पर ठगी कर रहा है मिशन स्कूल में तकरीबन 4000 बच्चे हैं प्रत्येक बच्चे के ₹120 स्वास्थ्य जांच के नाम पर मांगे जा रहे हैं जो लगभग ₹4,80000 बैठते हैं अभिभावकों पर यह बेकार का बोझ स्कूल द्वारा डाला जा रहा है

बता दें कि इससे पहले सरकारी अस्पतालों या डिस्पेंसरी से स्वास्थ्य जांच के लिए कैंप लगाए जाते थे जो बिल्कुल मुफ्त होते थे बच्चों को स्वास्थ्य को लेकर जानकारी भी बिल्कुल मुफ्त दी जाती थी वही अभिभावकों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि अभी तक तो सिर्फ शिक्षा का व्यापार था जिसमें बच्चों को किताबें और वर्दी स्कूल से खरीदने की मजबूरी रखी गई थी लेकिन अब स्वास्थ्य जांच के नाम पर भी बच्चों के परिजनों पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।

वही इस इस बारे में स्कूल के डायरेक्टर से गुरजीत सिंह ने बताया कि स्कूल द्वारा बच्चों के लिए फैसिलिटी दी जा रही है ताकि हॉस्पिटलों में छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े यहां पर बच्चों को एक ही जगह पर ओपीडी की सुविधा उपलब्ध हो सके वहीं उन्होंने बताया कि टेस्ट का खर्चा अन्य जगह कराने में भी इतना ही आता है
वहीं उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए बताया कि ऐसा नहीं है कि अभिभावकों को अपने बच्चों के टेस्ट स्कूल में ही करवाने हैं कहीं पर भी करवा सकते हैं।

वह इस बारे में SDM गुंजित सिंह चीमा से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि अभी तक लिखित रूप में कोई शिकायत नहीं आई है जैसे ही आएगी इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि वही इस बारे में उद्योग मंत्री तक भी शिकायत पहुंचाई जा रही है और आने वाले समय में क्या जांच होती है वह भी प्रकाशित किया जाए