हिमाचल की राजनीतिक और मौसम विभाग की जानकारी एक क्लिक में

 

नगर निगम चुनाव खत्म होते ही कैबिनेट, मुख्यमंत्री सुक्खू ने तीन मई को बुलाई मंत्रिमंडल की बैठक

भारतीय कुश्ती संघ को चलाएगा तीन सदस्यीय पैनल, पहलवानों के धरने के बीच आईओए का फैसला

पेहलवानों के धरने के बीच आईओए का फैसला, पैनल में हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज भी 

 

 

भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों के लगातार पांच दिन से जारी धरने के बीच भारतीय ओलंपिक संघ ने तीन सदस्यीय एडहॉक कमेटी गठित की है, जो रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के हर दिन के काम को सुचारू रूप से चलाने का काम करेगी। आईओए ने पूर्व निशानेबाज सुमा शिरूर, वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बाजवा को इस तीन सदस्यीय एडहॉक पैनल में शामिल किया है। तीसरा मेंबर हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज होंगे। इनका नाम अभी तय नहीं है। आईओए ने जो कमेटी गठित की है उनको एथलीटों के चयन, इंटरनेशनल चैंपियनशिप के आवेदन जमा करना जैसे काम करने होंगे। उधर, पहलवानों के धरने का समर्थन करने हरियाणा और पश्चिमी यूपी की कई खाप पंचायतें जंतर-मंतर पहुंचीं है। पहलवानों का पक्ष लेते हुए पंचायतों ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है।
उधर, दंगल गर्ल इंटरनेशनल रेसलर गीता फोगाट भी पहलवानों के समर्थन में आ गई हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि सत्य परेशान हो सकता है, पर पराजित नहीं। उनकी बहन बबीता फोगाट भी यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए बनी कमेटी पर सवाल खड़ी कर चुकी हैं। इसी बीच केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि जंतर-मंतर पर बैठे पहलवानों के साथ मैं 12 घंटे बैठा। उनकी बात सुनी, कमेटी बनाई, हम निष्पक्ष जांच चाहते थे। पहलवानों के कहने पर ही बबीता फोगाट को कमेटी में शामिल किया गया। हर किसी को अपनी बात रखने का मौका दिया गया। किसी भी थाने में कोई भी एफआईआर दर्ज करा सकता है। पुलिस ने कहा कि प्राथमिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। मोदी सरकार हमेशा खिलाडिय़ों के साथ खड़ी रही है। हमारे लिए खेल प्राथमिकता है, जिसके साथ हम कोई समझौता नहीं करेंगे।
फिजियो बोले, रात में बुलाई जाती थीं लड़कियां
नई दिल्ली। वर्ष 2014 में लखनऊ में पहलवानों के लिए आयोजित राष्ट्रीय शिविर में मौजूद रहे फिजियोथेरेपिस्ट परमजीत मलिक ने बृजभूषण शरण सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मलिक के मुताबिक, उस नेशनल कैंप में कम से कम तीन जूनियर महिला पहलवानों ने कथित रूप से उन्हें बताया कि उन्हें ‘रात में बृजभूषण से मिलने के लिए कहा गया था।

 

जनता को बरगला रही कांग्रेस, नगर निगम चुनाव के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का जोरदार प्रहार*

भाजपा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज शिमला में धुआंधार प्रचार किया। इस दौरान इंजन घर में प्राचार के दौरान उन्होंने कहा कि अगर इन नगर निगम चुनावों में कोई प्रचार कर रहा है, तो असल में भाजपा कर रही है। हमारे कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर संपर्क किया है और छोटी बड़ी बैठकों के माध्यम से जनता तक अपना विचार पहुंचाया है। उन्होंने कहा केवल ध्यान भटकाकर कांग्रेस के नेता जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी का असली चेहरा सत्ता में बैठते ही सामने आ गया है। इस बार नगर निगम शिमला में भाजपा को जनता का भरपूर साथ प्राप्त होने जा रहा है और हमें पूर्ण विश्वास है कि एक बार फिर नगर निगम शिमला में भाजपा अपना परचम लहराएगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा नगर निगम में आते ही खतरनाक पेड़ों को समयबद्ध ढंग से हटाने का अधिकार नगर निगम में लाएगी। हमारी सरकार ने बिजली के मीटरों को बिना एनओसी के मीटर लगाने का निर्णय लेकर लाखों लोगों को सुविधा दी है, उसी आधार पर पानी के मीटरों के लिए भी एनओसी नहीं होगी। दुकानों के लाइसेंस की फीस की विषमताओं को समाप्त करेंगे एवं एक दुकान एक युनिट की व्यवस्था लागू होगी और एक ही लाइसेंस होगा। नशामुक्ति पर जनता को जागरूक करेंगे।

 

मेडिकल टूरिज्म के लिए हिमाचल बेस्ट, दिल्ली में कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री शांडिल ने की पैरवी*

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. कर्नल धनी राम शांडिल ने नई दिल्ली में आयोजित एडवांटेज हेल्थ केयर इंडिया के छठे संस्करण के अंतर्गत संवाद सत्र में भाग लिया। इस सत्र में विभिन्न मंत्रालयों, औद्योगिक क्षेत्र और स्टार्टअप्स से जुड़े विशेषज्ञ एवं हितधारक शामिल हुए। भारत जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री फिक्की के साथ मिलकर ‘वन अर्थ वन हैल्थ, एडवांटेज हेल्थकेयर इंडिया 2023’ के इस छठे संस्करण का आयोजन कर रहा है। आयोजन के दौरान बुधवार सायं मेडिकल वैल्यू ट्रैवल अवाड्र्स-2023 को संबोधित करते हुए डा. शांडिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को प्रकृति ने अपार सौंदर्य से नवाजा है और यहां का शांत एवं स्वच्छ वातावरण भारत में चिकित्सा सेवाओं के लिए आने वाले विभिन्न रोगियों के लिए एक उपयुक्त गंतव्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, खान-पान, सुंदर वादियां, खूबसूरत पर्यटन स्थल, मंदिर, गोम्पा व मठ बड़ी संख्या में घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा पर्यटन से राज्य की आर्थिकी को बढ़ावा मिलने से यहां के लोगों के लिए बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इस सम्मेलन में 125 प्रदर्शक और 70 देशों के लगभग 500 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

 

नगर निगम चुनाव खत्म होते ही कैबिनेट, मुख्यमंत्री सुक्खू ने तीन मई को बुलाई मंत्रिमंडल की बैठक

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कैबिनेट की बैठक बुला ली है। दो मई को शिमला नगर निगम चुनाव की वोटिंग होने के बाद तीन मई को मंत्रिमंडल की बैठक होगी। इसलिए मंत्रिमंडल की बैठक चुनाव आचार संहिता का प्रभाव खत्म होते ही रखी गई है। संभव है सरकार कोई बड़े फैसले लेना चाह रही हो। कैबिनेट बैठक के अगले दिन चार मई को शिमला नगर निगम के नतीजे आने हैं, जबकि इसके बाद मुख्यमंत्री कर्नाटक में चुनाव प्रचार के लिए भी जा सकते हैं। इस कैबिनेट में एनपीएस कर्मचारियों की एसओपी से संबंधित फैसला भी संभव है। हो सकता है मंत्रिमंडल के सामने नए पेंशन रूल्स का ड्राफ्ट फिर से रखा जाए। हालांकि कैबिनेट ने पिछली बैठक में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी थी। मंत्रिमंडल में दो साल पूरे कर चुके कांट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करने पर भी इसमें फैसला हो सकता है।
यहां यह भी गौरतलब है कि कांट्रैक्ट नियुक्तियों से संबंधित एक फैसला पिछले कैबिनेट में हो चुका है और उसकी नोटिफिकेशन का अब इंतजार हो रहा है। कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं से संबंधित मामलों में भी नए फैसले हो सकते हैं। इन घोषणाओं पर काम करने के लिए विभागों को सरकार ने पहले ही निर्देश दिए थे। वाटर सेस लगाने के फैसले पर भारत सरकार की प्रतिक्रिया को देखते हुए भी इस मामले में कोई चर्चा कैबिनेट कर सकती है। (एचडीएम)
एसडीएम बदलने से चुनाव आयोग नाराज
उपचुनाव के बीच एसडीएम का तबादला करने से राज्य चुनाव आयोग नाराज हो गया है। चुनाव आयुक्त की ओर से मुख्य सचिव को इस बारे में नोटिस भेजा गया है। हाल ही में हुए एसडीएम के तबादले के दौरान राजगढ़ के एसडीएम को भी राज्य सरकार ने बदल दिया था, जबकि नगर पंचायत के एक वार्ड के चुनाव के कारण वह रिटर्निंग ऑफिसर थे। इसी घटना के आधार पर राज्य चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है।

 

 

 

हिमाचल प्रदेश में बारिश-ओलावृष्टि का दौर जारी, अभी तीन दिन दिक्कतें बरकार*

शिमला में दिन में छाया अंधेरा; जनी पड़ी लाइटें, अभी तीन दिन दिक्कतें बरकार

हिमाचल प्रदेश में बारिश व ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा हिमाचल में बारिश व बर्फबारी का यलो अलर्ट जारी किया गया है। यलो अलर्ट के बीच मैदानी एवं मध्यम पर्वतीय क्षेत्रों में जहां बारिश एवं ओलावृष्टि का दौर चल रहा है, तो वहीं प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों बर्फबारी भी दर्ज की गई है। वहीं राजधानी शिमला में गुरुवार को दिन के समय तेज हवाएं चलने और बारिश का दौर जारी रहा। शिमला में मौसम ने दिन के समय ही विकराल रूप धारण कर लिया। दिन में ही अंधेरा छा गए है। सडक़ो में चलने वालोंं वाहनों को दिन के समय ही लाइटों का प्रयोग करना पड़ा। राजधानी शिमला के अलावा कुल्लू में भी बारिश हो रही है। लाहुल, पांगी-भरमौर की ऊंची चोटियों में बर्फबारी का दौर जारी है। कुल्लू में घियागी और सोझा के बीच भूस्खलन होने से नेशनल हाईवे-305 अवरुद्ध हो गया है।
चंबा जिले में भरमौर-पठानकोट हाईवे समेत आधा दर्जन मांर्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है। चुराह विधानसभा क्षेत्र के झझाकोठी में पहाड़ी दरक गई। सडक़ किनारे खड़ी 108 एंबुलेंस मलबे की चपेट में आने से सडक़ पर ही पलट गई। मंडी में बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। इससे किसान परेशान हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। हिमाचल प्रदेश में 30 अपै्रल तक मौसम के खराब रहने का अनुमान है। इस दौरान प्रदेश के 10 जिलो में बारिश एवं बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है।
दस जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
हिमाचल प्रदेश भारी बारिश एवं ओलावृष्टि के अलर्ट के बीच बुधवार को कांगड़ा जिला में बारिश व ओलावृष्टि हुई है। कुल्लू में भी बारिश व ओलावृष्टि के कारण किसानों-बागबानों की फसलों को नुकसान हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र की मानें, तो ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी भी दर्ज की गई है। प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ फिर से सक्रिय हो गया है। चार दिनों तक प्रदेश के 10 जिलो में भारी बारिश व ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। लाहौल स्पीति व किन्नौर जिला को छोडक़र बाकी सभी जिलो में इस दौरा बारिश व ओलावृष्टि की संभावना है।

 

फर्जी दस्तावेजों पर दो लाख का लोन; सोलन में पेश आया मामला, जोगिंद्रा बैंक प्रबंधक पर केस दर्ज*

सोलन जिला के दाड़लाघाट थाने के अंर्तगत फर्जी दस्तावेजों से लोन जारी करने व फर्जी खाता खोलने पर जोगिंद्रा बैंक के प्रबंधक पर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज हुआ है। दाड़लाघाट पुलिस ने अर्की अदालत के आदेश के बाद बैंक प्रंबधक के खिलाफ 420, 120बी, 467, 471, 34, 415 के तहत मामला दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला बैंक की सेवड़ा चंडी शाखा का 13 वर्ष पुराना है। जानकारी के अनुसार दाड़लाघाट पुलिस ने अर्की अदालत के आदेश सीआरपीसी 156(3) पर मामला दर्ज किया है, जिसमें बसंत लाल पुत्र राम सिंह निवासी ग्राम बहल (हनुमान बड़ोग) ने शिकायत की है कि तत्कालीन बैंक प्रबंधक ने सेवड़ा चंडी शाखा में 17 फरवरी, 2010 को केसीसी ऋण संबंधित लोन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर करीब दो लाख का ऋण जारी कर दिया था और ऋण का ब्याज सहित 493000 रुपए रकम बन गई।
इसका खुलासा तब हुआ, जब ऋणधारक ने लोन किस्त नहीं भरी और व्यक्ति को बैंक से नोटिस जारी होने के बाद मालूम हुआ। शिकायतकर्ता ने 21 मार्च, 2023 को एफआईआर को प्रतिवादी आरोपी के खिलाफ एसपी सोलन को भी मामले की सूचना दी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कुछ दिनों तक इंतजार किया, लेकिन आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कोई उचित कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद अर्की अदालत के आदेश के बाद दाड़लाघाट थाने में मामला दर्ज हुआ। उधर, डीएसपी दाड़लाघाट संदीप शर्मा ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अदालत के आदेश पर दाड़लाघाट पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

 

 

 

*सिलेंडर फटने से 60 लाख का सामान खाक*

 

आईजीएमसी की 11वीं मंजिला पर बनी डाक्टर कैंटीन में अग्रिकांड से मरीजों-तीमारदारों में मची अफरा-तफरी, जानी नुकसान नहीं

शिमला के आईजीएमसी अस्पताल की डॉक्टर कैंटीन में सिलेंडर फटने से आग लग गई है। आग लगने से मरीज़ों और तीमारदारों में भगदड़ मच गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर लगभग काबू पा लिया है। इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ हैं, लेकिन 60 लाख से ज्यादा का सामान राख हो गया। बताया जा रहा है कि आग कैंटीन में गैस सिलेंडर में ब्लास्ट से लगी। सिलेंडर फटने से जोर का धमाका हुआ और चिंगारी ने आग पकड़ ली। धमाके की आवाज सुनते ही मरीजों और तीमारदारों में भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि सभी मरीज अस्पताल से बाहर की ओर दौडऩे लगे। वहीं अस्पताल सिक्योरिटी गार्ड मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। इसके अलावा प्रशासन एवं पुलिस की टीमें भी आईजीएमसी कैंपस में पहुंच गई। बताया जा रहा है कि आग आईजीएमसी की 11वीं मंजिल पर बनी कैंटीन में लगी है। आग की लपटें उठने और धुंए के कारण चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। मुख्य संसदीय सचिव स्वास्थ्य, लोक निर्माण एवं सूचना एवं जन संपर्क संजय अवस्थी ने आईजीएमसी में पहुंचकर आग लगने के कारणों की जानकारी हासिल की। मरीजों की सुरक्षा के साथ-साथ अग्रिकांड से हुए नुकसान का जायजा भी लिया।

लगभग 50 से 60 लाख रुपए की अनुमानित राशि के नुकसान की आशंका जताई गई है, जिसमें कैफेटेरिया के साथ-साथ लिफ्ट को भी नुकसान की आशंका है। संजय अवस्थी ने अस्पताल प्रशासन को लापरवाही बरतने के लिए कैफेटेरिया संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबध में चिकित्सा अधीक्षक को निर्धारित समय अवधि के भीतर जांच पूर्ण कर रिपोर्ट सरकार को भेजने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को कोई परेशानी न हो, इसलिए नए भवन की सभी ओपीडी को पुराने भवन में स्थानांतरित कर सुचारू रखा गया है और दो-तीन दिनों के भीतर इस ओपीडी को पुन: नए ओपीडी भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इस संबंध में एफआईआर पंजीकृत कर दी गई है। वहीं भाजपा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने आईजीएमसी का दौरा किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि आईजीएमसी में आग लगने के कारण अस्पताल की संस्था को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को इस प्रकरण पर गंभीरता से एक्शन लेना चाहिए और इसके लिए एक जांच समिति भी तय करनी चाहिए।

 

 

स्वैच्छिक सेवानिवृत्त होंगे अंबुजा के 61 कर्मी*

 

फिर सामने आया नया विवाद, कंपनी ने नौकरी या अपने ट्रक को परिवहन कार्य में चुनने का दिया था विकल्प

अदाणी समूह के अंबुजा सीमेंट प्लांट दाड़लाघाट में माल ढुलाई मालभाड़े को लेकर 68 दिनों तक चलने वाले विवाद के सुलझने के बाद एक बार फिर नया विवाद सामने आ गया है। दाड़लाघाट के अंबुजा उद्योग में कार्यरत कर्मचारी 30 अप्रैल को स्वैच्छिक सेवानिवृत्त होंगे। उद्योग में कार्यरत कामगारों में करीब 200 से अधिक नियमित कामगार व कर्मचारी कार्य कर रहे हैं, इनमें से उद्योग के 61 कामगार कर्मचारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्त योजना वीआरएस लेने का फैसला लिया है। वही दूसरी ओर 61 कर्मचारियों में 34 कर्मचारी स्थानीय लैंड लूजर्स हंै। अदाणी समूह की ओर से गत दिनों एक पत्र में कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों से कहा कि ट्रक को परिवहन कार्य या कंपनी में नौकरी का विकल्प चुनें। कंपनी प्रबंधन ने नवंबर माह को एक सहमति पत्र जारी किया और ट्रक को उनके या उनके परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाले ट्रकों का विवरण प्रस्तुत करने के लिए 90 दिनों का समय दिया, जो इसके साथ परिवहन कार्य में लगे थे।
कंपनी की नीति के अनुसार कर्मचारी एक निश्चित अवधि के भीतर या तो इस्तीफा दें या अपने ट्रक को कंपनी से हटा दें। इसी बीच माल ढुलान के विवाद के चलते अदाणी समूह की अंबुजा सीमेंट कंपनी प्रबंधन व ट्रक आपरेटर्स के बीच विवाद उलझ गया। विवाद को सुलझने का 68 दिनों का समय लग गया। इन दिनों में कंपनी की ओर से विवाद के अलावा इन कर्मचारियों को जारी फरमान की प्रक्रिया भी चलती रही और अब स्वैच्छिक सेवानिवृत्त योजना को नियमित कामगारों को दिया गया, जिनमें से 61 कर्मचारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्त लेने के लिए आवदेन किया, जिनकी 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो जाएगी। इसके अलावा 29 अप्रैल को 61 कर्मचारियों के लिए विदाई समारोह का आयोजन होगा। (एचडीएम)
कंपनी प्रबंधन का फैसला गलत
जिला सोलन ट्रांसपोर्टर ट्रक ऑपरेटर को-ऑपरेटिव सोसाइटी दाड़लाघाट (एसडीटीओ) के प्रधान जयदेव कौंडल ने कहा कि प्रबंधन का इस तरह का फैसला गलत है। सीमेंट उद्योग के लिए जमीनों का अधिग्रहण किया, तो परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का वादा किया। उद्योग में नौकरी करना लैंड लूजर्ज का हक है। कंपनी के कहने पर ही ट्रक डाले गए थे।

 

 

*जलशक्ति विभाग में बहाल हो बाहर हुए आउटसोर्स कर्मी*

 

उपमुख्यमंत्री अग्निहोत्री से मिला महासंघ

जलशक्ति विभाग से बाहर हुए आउटसोर्स कर्मचारियों ने उन्हें बहाल करने का आह्वान किया है। इस क्रम में गुरुवार को आउटसोर्स कर्मचारियों ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री से मुलाकात की। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि जलशक्ति विभाग में वर्ष 2008 से स्कीमें आउटसोर्स होनी शुरू हो गई थी और जहां-जहां सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्त होने लगे या पद खाली होने लगे वहां आउटसोर्स के माध्यम से कर्मचारियों की भर्तियां फुल टाइम पर कांट्रेक्टर के माध्यम से होना शुरू हो गई। भाजपा की सरकार में 1571 आउटसोर्स कर्मचारी, बेलदार फिटर पंप ऑपरेटर 2018 में रखने शुरू हुए जो शिमला क्लीन वेज कंपनी के माध्यम से पार्ट टाइम पर रखे गए और कागजों पर इनकी ड्यूटी मात्र छह घंटे थी। यह भर्ती 2321 पोस्ट्स की थी। शिमला क्लीन वेज कंपनी के साथ सरकार का करार समाप्त होने की वजह से विभाग ने इन कर्मचारियों को ड्यूटी पर आने से मना कर दिया। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जल्द ही जलशक्ति विभाग में पांच हजार पदों पर भर्तियां निकाली जाएंगी और इन भर्तियों में सबको बराबर मौका मिलेगा

 

 

 

वन विभाग में 150 कर्मियों का तबादला*

 

वन विभाग में प्रोमोशन के बाद बड़े पैमान पर तबादले हुए हैं। विभाग ने डिप्टी रेंजर के तौर पर पदोन्नत हुए कर्मचारियों को दूसरी जगह भेजने का फैसला किया है। इन्हें डिप्टी रेंजर के पद पर पदोन्नति के बाद अब पोस्टिंग दी गई है। वन विभाग ने डिप्टी रेंजर के तौर पर पदोन्नत हुए 150 कर्मचारियों का तबादला कर दिया है। इस संबंध में आदेश प्रधान मुख्य अरण्यपाल ने जारी किए हैं। वन विभाग में 351 वनरक्षकों को पदोन्नति मिल चुकी है। गौरतलब है कि प्रदेश भर में वन विभाग के पास 2082 बीट हैं। इसके अलावा 58 चैकपोस्ट हैं। इसके अलावा जू और बंदर नसबंदी केंद्रों पर भी वन रक्षकों की तैनाती की गई है।
शिक्षा मंत्री से आश्वासन के बाद लौटे बेरोजेगार
शिमला । शिक्षक भर्ती का ड्राफ्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हजारों बेरोजगार युवा सडक़ों पर उतर गए हैं। यह अधिकतर वही बेरोजगार युवा है जिन्होंने कमीशन फाइट करते हुए विभिन्न परीक्षाएं दी हुई है। गुरुवार को सचिवालय का घेराव कर युवाओं ने प्रदर्शन किया। वहीं, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इन छात्रों से बात की और कहा कि जो सूचनाएं सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है उसमें सच्चाई नहीं है। खुद मुख्यमंत्री यह स्पष्ट कर चुके हैं कि शिक्षकों की भर्ती अस्थाई तौर पर नहीं की जाएगी और न ही बैक डोर भर्ती के पक्ष में सरकार है। ऐसे में इन युवाओं को घबराने की जरूरत नहीं है।
एनपीएस कटौती बंद होने से कर्मचारी खुश
मंडी। प्रदेश में कर्मचारियों को एनपीएच कटौती बंद होने पर खुशी की लहर है। यह बात नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कही। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा उनके सहयोगी उपमुख्यमंत्री, जगत सिंह नेगी हर्षवर्धन चौहान, धनीराम शांडिल, विक्रमादित्य सिंह, रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह, चंद्र कुमार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि एनपीएस कटौती की अधिसूचना एक साहसिक निर्णय है। प्रदीप ठाकुर ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली संबंधित अन्य सभी अधिसूचना भी जल्द होगी।

 

 

कर्मचारियों पर दर्ज मामले वापस ले रही सरकार डिप्टी सीएम बोले, पिछली सरकार ने किया शोषण*

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि भाजपा के समय कर्मचारियों पर दर्ज मामलों को राज्य सरकार वापस ले रही है। इन मामलों को वापस लेने पर फैसला हो चुका है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने कर्मचारियों का शोषण किया था और इस शोषण के बाद जब उन्होंने प्रदर्शन किया तो कर्मचारियों पर मामले दर्ज करवा दिए गए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के उस बयान को भी कर्मचारी भूल नहीं पाए हैं। जिसमें उन्होंने ओल्ड पेंशन लेने के लिए चुनाव लडऩे की नसीहत दे दी थी। राज्य सरकार ने ओपीएस को लागू कर दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास कर्मचारियों के आठ हजार करोड़ रुपए फंसे हैं। इन्हें जल्द से जल्द जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने दस गारंटियां दी हैं। इनमें सबसे पहले ओपीएस को लागू किया है। एक लाख 76 हजार कर्मचारियों को इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि निगम चुनाव में ट्रिपल इंजन को तीसरी बार फेल करेंगे।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर धन का दुरुपयोग हुआ है। यदि इसकी शिकायतें सामने आती है तो इसकी जांच की जाएगी। मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि सरकार शिमला में 1546 करोड़ रुपए से रोप-वे प्रोजेक्ट शुरू करेगी। इस प्रोजेक्ट में 80 फीसदी केंद्र जबकि 20 फीसदी राज्य की भागीदारी होगी। इसकी लंबाई 14.69 किलोमीटर होगी और हवा में ही 15 स्टेशन होंगे। राज्य सरकार संघाई की एक कंपनी के साथ बात कर रही है। रोपवे पर 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफर हो सकेगा। यह रोपवे तारादेवी से शुरू होकर जाखू तक रहेगा। इसके अलावा शहर के सभी मुख्य स्थलों को इससे जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि शिमला में ट्रैफिक कम होगा और लोग आसानी से हवा में ही सफर कर पाएंगे। इस बारे में हाल ही में उन्होंने आस्ट्रिया का दौरा किया है और यहां चार कंपनियों से बात की है।

 

 

 

मई से मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी, कर्मचारियों-पेंशनरों को तीन फीसदी महंगाई भत्ते की अधिसूचना जारी*

सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को तीन फीसदी महंगाई भत्ते की अधिसूचना जारी
हिमाचल के सरकारी कर्मचारियों को तीन फीसदी महंगाई भत्ता और पेंशनरों को इतनी ही महंगाई राहत जारी करने के आदेश हो गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यह घोषणा 15 अप्रैल को काजा में की थी। हिमाचली कर्मचारियों का डीए अब 31 फीसदी से बढक़र 34 फीसदी हो जाएगा। महंगाई भत्ते की किस्त पहली जनवरी, 2022 से लागू होगी और ऑल इंडिया सर्विस, ज्यूडिशियल सर्विस और यूजीसी पे-स्केल वाले कर्मचारियों को भी मिलेगी। सरकार की ओर से जारी आदेशों के अनुसार मई में मिलने वाली अप्रैल की सैलरी से महंगाई भत्ता कैश में मिल जाएगा, जबकि पहली जनवरी, 2022 से 31 मार्च, 2023 तक का एरियर कर्मचारियों के जीपीएफ अकाउंट में जाएगा। जो कर्मचारी रिटायर हो गए हैं या जिनके जीपीएफ अकाउंट बंद हो गए हैं, उन्हें कैश में ही भुगतान होगा।
एनपीएस कर्मचारियों का एरियर भी जीपीएफ खाते में जाएगा, जो अभी खुलने बाकी हैं। एनपीएस कर्मचारियों के लिए कंट्रीब्यूशन की कटौती फिलहाल बंद हो गई है, लेकिन अब नए पेंशन रूल्स की अधिसूचना का इंतजार हो रहा है। इसके साथ ही इनके जीपीएफ अकाउंट खोलना शुरू हो जाएंगे और फिर एरियर उसमें ट्रांसफर होगा। पेंशनरों के लिए डीयरनेस रिलीफ जारी करने की अधिसूचना अलग से हुई है। ऑल इंडिया सर्विस के पेंशनरों के साथ राज्य सरकार के पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों को भी तीन फीसदी अतिरिक्त महंगाई राहत मिलेगी। यह भुगतान पेंशन में ही होगा। इन्हें पहली जनवरी, 2022 से 31 मार्च, 2023 का एरियर एक किस्त में ही दिया जाएगा। चूंकि सैलरी और पेंशन के बिल पहले चले गए थे,|

 

 

लोगों से झूठे वादे कर सत्ता में आई कांग्रेस; केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर बोले, होगा गारंटियों का हिसाब*

कांग्रेस पार्टी हिमालच प्रदेश में झूठे वादे कर सत्ता में आई है। पांच महीने में ही कांग्रेस का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। यह कहना है केंद्रीय युवा सेंवाएं एवं खेल व सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर का। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 10 गारंटियों के नाम पर प्रदेश की जनता को ठगने का काम किया है। गुरुवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने यह बात कही है। भाजपा ने पूर्व में जो संस्थान और दफ्तर खोले थे, कांग्रेस ने उन्हें बंद करने का काम किया है। अगर आप दे नहीं सकते, तो कम से कम छीनने का काम न करें। उन्होंने कहा कि सिर्फ पांच महीने में ही कांग्रेस की सारी गारंटियां फेल हो गई हैं। शिमला कारपोरेशन के चुनाव में इनकी गारंटियां काम नहीं आईं। झूठे वादे कर सत्ता में आई कांग्रेस से जनता इनकी 10 गारंटियों का हिसाब मांग रही है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार में आने से पहले कांग्रेसी बोलते थे कि हम क़र्ज़ नहीं लेंगे, बल्कि क़र्ज़ चुकाएंगे। रोज़ का 40 करोड़  यानी लगभग 6000 करोड़ का कजऱ्ा ये सरकार पिछले पांच महीनों में ले चुकी है।

कांग्रेस पार्टी हिमाचल प्रदेश को कर्ज में डुबाने का काम कर रही है। इनके विधायक जन्मदिन मना रहे हैं और मंत्री विदेशों में घूम रहे हैं। कोई जनता से मिलने को तैयार नहीं है। जनता आज ठगा हुआ महसूस कर रही है और इन चुनावों में कांग्रेस पर वोट से चोट कर उनके झूठे वादों के लिए उन्हें सबक़ सिखाने जा रही है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने शिमला सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में बिजली की समस्या का निवारण किया। नई तारों का बिछना हो या ट्रांसफार्मर्स हो, ये सब लगवाने का काम किया है।

 

नगर निगम चुनाव खत्म होते ही कैबिनेट, मुख्यमंत्री सुक्खू ने तीन मई को बुलाई मंत्रिमंडल की बैठक*

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कैबिनेट की बैठक बुला ली है। दो मई को शिमला नगर निगम चुनाव की वोटिंग होने के बाद तीन मई को मंत्रिमंडल की बैठक होगी। इसलिए मंत्रिमंडल की बैठक चुनाव आचार संहिता का प्रभाव खत्म होते ही रखी गई है। संभव है सरकार कोई बड़े फैसले लेना चाह रही हो। कैबिनेट बैठक के अगले दिन चार मई को शिमला नगर निगम के नतीजे आने हैं, जबकि इसके बाद मुख्यमंत्री कर्नाटक में चुनाव प्रचार के लिए भी जा सकते हैं। इस कैबिनेट में एनपीएस कर्मचारियों की एसओपी से संबंधित फैसला भी संभव है। हो सकता है मंत्रिमंडल के सामने नए पेंशन रूल्स का ड्राफ्ट फिर से रखा जाए। हालांकि कैबिनेट ने पिछली बैठक में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी थी। मंत्रिमंडल में दो साल पूरे कर चुके कांट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करने पर भी इसमें फैसला हो सकता है।
यहां यह भी गौरतलब है कि कांट्रैक्ट नियुक्तियों से संबंधित एक फैसला पिछले कैबिनेट में हो चुका है और उसकी नोटिफिकेशन का अब इंतजार हो रहा है। कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं से संबंधित मामलों में भी नए फैसले हो सकते हैं। इन घोषणाओं पर काम करने के लिए विभागों को सरकार ने पहले ही निर्देश दिए थे। वाटर सेस लगाने के फैसले पर भारत सरकार की प्रतिक्रिया को देखते हुए भी इस मामले में कोई चर्चा कैबिनेट कर सकती है।
एसडीएम बदलने से चुनाव आयोग नाराज
उपचुनाव के बीच एसडीएम का तबादला करने से राज्य चुनाव आयोग नाराज हो गया है। चुनाव आयुक्त की ओर से मुख्य सचिव को इस बारे में नोटिस भेजा गया है। हाल ही में हुए एसडीएम के तबादले के दौरान राजगढ़ के एसडीएम को भी राज्य सरकार

 

*मेडिकल टूरिज्म के लिए हिमाचल बेस्ट, दिल्ली में कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री शांडिल ने की पैरवी*

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. कर्नल धनी राम शांडिल ने नई दिल्ली में आयोजित एडवांटेज हेल्थ केयर इंडिया के छठे संस्करण के अंतर्गत संवाद सत्र में भाग लिया। इस सत्र में विभिन्न मंत्रालयों, औद्योगिक क्षेत्र और स्टार्टअप्स से जुड़े विशेषज्ञ एवं हितधारक शामिल हुए। भारत जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री फिक्की के साथ मिलकर ‘वन अर्थ वन हैल्थ, एडवांटेज हेल्थकेयर इंडिया 2023’ के इस छठे संस्करण का आयोजन कर रहा है। आयोजन के दौरान बुधवार सायं मेडिकल वैल्यू ट्रैवल अवाड्र्स-2023 को संबोधित करते हुए डा. शांडिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को प्रकृति ने अपार सौंदर्य से नवाजा है और यहां का शांत एवं स्वच्छ वातावरण भारत में चिकित्सा सेवाओं के लिए आने वाले विभिन्न रोगियों के लिए एक उपयुक्त गंतव्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, खान-पान, सुंदर वादियां, खूबसूरत पर्यटन स्थल, मंदिर, गोम्पा व मठ बड़ी संख्या में घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा पर्यटन से राज्य की आर्थिकी को बढ़ावा मिलने से यहां के लोगों के लिए बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इस सम्मेलन में 125 प्रदर्शक और 70 देशों के लगभग 500 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

 

 

प्रदेश की सडक़ों को लेकर दिल्ली में चर्चा, प्रदेश में PMGSY के पैकेज को केंद्र सरकार ने देनी है मंजूरी*

प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के पैकेज को केंद्र सरकार ने देनी है मंजूरी
केंद्र आधारित बड़ी योजनाओं पर महामंथन अब दिल्ली में हो रहा है। हिमाचल से प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के भारी-भरकम पैकेज पर केंद्र सरकार को मंजूरी देनी है। इस कड़ी में लोक निर्माण विभाग के अधिकारी पीएमजीएसवाई की संभावनाओं को तलाश रहे हैं। हिमाचल में पीएमजीएसवाई में राज्य सरकार ने दूसरे चरण की डीपीआर केंद्र को भेजी है। इस डीपीआर में 2813 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है। इस डीपीआर में लोक निर्माण विभाग ने करीब 2700 किलोमीटर सडक़ों की जीर्णाेद्धार का लक्ष्य निर्धारित किया है। हिमाचल को पहली किस्त में 440 करोड़ रुपए की मंजूरी मिल चुकी है। अब दूसरी डीपीआर में जिन सडक़ों को शामिल किया गया है, उन पर लगातार मंथन राज्य और केंद्र सरकार के बीच चल रहा है। प्रदेश में औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अब प्रस्ताव राज्य को भेज दिया है।
दरअसल राज्य सरकार पीएमजीएसवाई में मंजूरी के मद्देनजर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी मुलाकात कर चुके हैं। केंद्र सरकार ने पीएमजीएसवाई की मंजूरी की प्रक्रिया को सख्त कर दिया है। इसमें जिन सडक़ों का चयन किया जाता है। वहां की जीआईएस रिपोर्ट और फोटो केंद्र सरकार को भेजने होते हैं। इसके बाद केंद्र सरकार के अधिकारी यह तय करते हैं कि सडक़ को पीएमजीएसवाई में मंजूर किया जाएगा या नहीं। राज्य सरकार ने प्रदेश भर के सभी ब्लॉक से सडक़ों का चयन पीएमजीएसवाई के लिए किया है। इस साल के लिए प्रदेश के हिस्से करीब 3100 किलोमीटर सडक़ें आई हैं। इनमें से 400 किलोमीटर की मंजूरी पहले ही मिल चुकी|

 

 

*हमने जो वादा किया, वह पूरा किया, राजधानी के रण में सीएम सुक्खू ने संभाला मोर्चा, फिर गिनाई गारंटियां*

राजधानी के रण में मोर्चा अब खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संभाल लिया है। पहले ही दिन सात वार्डों में नुक्कड़ सभाओं के जरिए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार किया। यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री ने प्रचार की कमान अपने हाथ में संभाली है। इससे पहले संगठन के पदाधिकारी और उसके बाद मंत्री और विधायकों को प्रचार में उतारा गया था। मुख्यमंत्री के मैदान में आने के साथ ही शिमला में प्रचार पूरे शबाब पर पहुंच गया है। राजधानी में 34 वार्ड हैं और इन वार्डों में कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि आप, माकपा और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी कई वार्डों में अपनी पकड़ के बूते धुरंधरों का रास्ता रोक रखा है।
यही वजह है जो अब राजनीति के बड़े चेहरे राजधानी की गलियों में वोट मांग रहे हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को अपने अभियान के दौरान लोअर बाजार से प्रचार शुरू किया। इसके बाद राम बाजार, समरहिल, भराड़ी, कुफ्टाधार, कैथू और अनाडेल में प्रचार को धार दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सत्ता में आने से पहले दस गारंटियां दी थीं। इन गारंटियों को अब सिलसिलेवार लागू किया जा रहा है। इस कड़ी में सबसे पहले ओपीएस को लागू किया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में शिमला के विकास के लिए कदम उठाए जाएंगे। शुद्ध पानी के लिए नई तकनीक को शुरू किया जा रहा है। भाजपा के समय में स्मार्ट सिटी के बजट का दुरुपयोग हुआ है।

 

वन विभाग में 150 कर्मियों का तबादला*

वन विभाग में प्रोमोशन के बाद बड़े पैमान पर तबादले हुए हैं। विभाग ने डिप्टी रेंजर के तौर पर पदोन्नत हुए कर्मचारियों को दूसरी जगह भेजने का फैसला किया है। इन्हें डिप्टी रेंजर के पद पर पदोन्नति के बाद अब पोस्टिंग दी गई है। वन विभाग ने डिप्टी रेंजर के तौर पर पदोन्नत हुए 150 कर्मचारियों का तबादला कर दिया है। इस संबंध में आदेश प्रधान मुख्य अरण्यपाल ने जारी किए हैं। वन विभाग में 351 वनरक्षकों को पदोन्नति मिल चुकी है। गौरतलब है कि प्रदेश भर में वन विभाग के पास 2082 बीट हैं। इसके अलावा 58 चैकपोस्ट हैं। इसके अलावा जू और बंदर नसबंदी केंद्रों पर भी वन रक्षकों की तैनाती की गई है।
शिक्षा मंत्री से आश्वासन के बाद लौटे बेरोजेगार
शिक्षक भर्ती का ड्राफ्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हजारों बेरोजगार युवा सडक़ों पर उतर गए हैं। यह अधिकतर वही बेरोजगार युवा है जिन्होंने कमीशन फाइट करते हुए विभिन्न परीक्षाएं दी हुई है। गुरुवार को सचिवालय का घेराव कर युवाओं ने प्रदर्शन किया। वहीं, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इन छात्रों से बात की और कहा कि जो सूचनाएं सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है उसमें सच्चाई नहीं है। खुद मुख्यमंत्री यह स्पष्ट कर चुके हैं कि शिक्षकों की भर्ती अस्थाई तौर पर नहीं की जाएगी और न ही बैक डोर भर्ती के पक्ष में सरकार है। ऐसे में इन युवाओं को घबराने की जरूरत नहीं है।
एनपीएस कटौती बंद होने से कर्मचारी खुश
मंडी। प्रदेश में कर्मचारियों को एनपीएच कटौती बंद होने पर खुशी की लहर है। यह बात नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कही। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा उनके सहयोगी उपमुख्यमंत्री, जगत सिंह नेगी हर्षवर्धन चौहान, धनीराम शांडिल, विक्रमादित्य सिंह, रोहित ठाकुर,

 

हिमाचल प्रदेश में बारिश-ओलावृष्टि का दौर जारी, अभी तीन दिन दिक्कतें बरकार*

शिमला में दिन में छाया अंधेरा; जनी पड़ी लाइटें, अभी तीन दिन दिक्कतें बरकार
हिमाचल प्रदेश में बारिश व ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा हिमाचल में बारिश व बर्फबारी का यलो अलर्ट जारी किया गया है। यलो अलर्ट के बीच मैदानी एवं मध्यम पर्वतीय क्षेत्रों में जहां बारिश एवं ओलावृष्टि का दौर चल रहा है, तो वहीं प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों बर्फबारी भी दर्ज की गई है। वहीं राजधानी शिमला में गुरुवार को दिन के समय तेज हवाएं चलने और बारिश का दौर जारी रहा। शिमला में मौसम ने दिन के समय ही विकराल रूप धारण कर लिया। दिन में ही अंधेरा छा गए है। सडक़ो में चलने वालोंं वाहनों को दिन के समय ही लाइटों का प्रयोग करना पड़ा। राजधानी शिमला के अलावा कुल्लू में भी बारिश हो रही है। लाहुल, पांगी-भरमौर की ऊंची चोटियों में बर्फबारी का दौर जारी है। कुल्लू में घियागी और सोझा के बीच भूस्खलन होने से नेशनल हाईवे-305 अवरुद्ध हो गया है।
चंबा जिले में भरमौर-पठानकोट हाईवे समेत आधा दर्जन मांर्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है। चुराह विधानसभा क्षेत्र के झझाकोठी में पहाड़ी दरक गई। सडक़ किनारे खड़ी 108 एंबुलेंस मलबे की चपेट में आने से सडक़ पर ही पलट गई। मंडी में बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। इससे किसान परेशान हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। हिमाचल प्रदेश में 30 अपै्रल तक मौसम के खराब रहने का अनुमान है। इस दौरान प्रदेश के 10 जिलो में बारिश एवं बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है।
दस जिलों में भारी बारिश की चेतावनी