मुख्यमंत्री ने कहीं यह बातें विरोधियों में मची खलबली

मुख्यमंत्री ने कहीं यह बातें विरोधियों में मची खलबली

 

 

पेयजल एवं स्वच्छता सेवाओं में सुधार के लिए सरकार के सशक्त प्रयास

जल एवं स्वच्छता, स्वास्थ्य और पोषण स्तर के मुख्य निर्धारक हैं। सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता, स्वास्थ्य के लिए नितांत आवश्यक और इनके दीर्घकालिक लाभकारी प्रभाव होते हैं।
हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के पांच शहरों मनाली, बिलासपुर, पालमपुर, नाहन और करसोग में स्वच्छता सेवाओं में सुधार लाने के लिए फ्रेंच डवेलेपमेंट एजेंसी, फ्रैकेइस डे डेवलपमेंट (एएफडी) के साथ 817.12 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया है। इसके माध्यम से इन शहरों में पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता में और सुधार लाया जाएगा।
इस परियोजना के तहत एएफडी द्वारा 612 करोड़ रुपये जबकि प्रदेश सरकार द्वारा 204.85 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए जाएंगे। इन पांच शहरों में परियोजना के लाभार्थियों को घरेलू सुविधा कनैक्शन दिए जाएंगे और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किए जाएंगे ताकि कृषि और औद्योगिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अपशिष्ट का पुनः उपयोग किया जा सके।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों में सुधार, जल जनित रोगों को कम करना, स्थानीय नियमों व अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण स्वच्छता सुविधाओं का संचालन करना और पेयजल एवं स्वच्छता को किफायती बनाना है।
इसके प्रथम चरण में कुल 485.85 करोड़ रुपये से एएफडी द्वारा 340 करोड़ रुपये का वित्त पोषण किया जाएगा। इसके दूसरे चरण में परियोजना की कुल लागत 371 करोड़ रुपये में से एएफडी 272 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस परियोजना को आगामी तीन वर्षों में कार्यान्वित किया जाएगा और इसका द्वितीय चरण पहले चरण के 18 महीने के बाद शुरू हो जाएगा।

2th news

भर्ती एजेंसी से संबंधित सुझाव प्रदान करने के लिए गठित समिति की बैठक आयोजित

प्रदेश सरकार द्वारा श्रेणी-3 के सभी पदों तथा सेवाओं में नियुक्ति की निष्पक्ष तथा पारदर्शी प्रक्रिया तथा भर्ती एजेंसी के लिए सुझाव प्रदान करने के उद्देश्य से गठित समिति की बैठक आज यहां दीपक शानन, भारतीय प्रशासनिक सेवा, (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में आयोजित की गई। समिति के सदस्य अजय शर्मा, भारतीय वन्य सेवाएं (सेवानिवृत्त), देव राज शर्मा, उप-महानिदेशक, भारतीय तटरक्षक (सेवानिवृत्त) तथा मुकेश रेपस्वाल (निदेशक, सूचना प्रौद्योगिकी एवं समिति के सचिव) भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
समिति ने इस संबंध में नियमों व शर्तों पर विस्तृत चर्चा की तथा समिति के कार्यक्षेत्र तथा कार्रवाई पर निर्णय लिया। समिति ऐसी प्रणाली पर बल देगी जिसमें आधुनिक तकनीक का उपयोग कर भावी उम्मीदवारों एवं राज्य सरकार दोनों पर ही दबाव कम कर भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके। समिति ने आवेदन अवधि से लेकर परीक्षाओं के आयोजन तथा भर्ती के लिए सुझावों तक नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न मुद्दों के लिए संपूर्ण समाधान निकालने का निर्णय लिया। समिति के उद्देश्यों में विभिन्न परीक्षा प्रणालियों की जटिलताओं को कम करना तथा भर्ती प्रक्रिया को समग्र रूप से सरल बनाना शामिल है। समिति के सुझावों में परीक्षाओं के आयोजन की प्रक्रिया को निष्पक्ष तथा पारदर्शी बनाने के साथ-साथ मितव्ययी बनाने पर बल दिया जाएगा।
समिति ने निर्णय लिया कि हिमाचल प्रदेश में भर्ती में विभिन्न विभागों तथा संगठनों द्वारा अपनाई जा रही भर्ती प्रक्रियाओं पर विस्तृत व गहन जानकारी एकत्रित की जाएगी। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्तर पर भर्ती एजेंसियों तथा देश भर में श्रेष्ठ प्रक्रियाओं के संबंध में भी जानकारी एकत्रित की जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रगतिशील राज्यों में अपनाई जा रही प्रणालियों का भी अध्ययन किया जाए ताकि प्रदेश में परीक्षाओं के आयोजन के लिए आधुनिक तकनीक तथा तरीकों को अपनाया सके। समिति वरीयता आधारित चयन के लिए वृहद् स्तर पर परीक्षाओं में उपयोग में लाए जा रहे अंतर्राष्ट्रीय प्रचलनों पर भी विचार करेगी।
समिति प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित समयावधि में अपनी रिपोर्ट देने के लिए प्रयासरत है। बैठक में निर्णय लिया गया कि समिति के कार्य के बारे अवगत करवाने तथा विभिन्न प्रकार की जानकारी एकत्रित करने की प्रगति की समीक्षा के लिए 23 मई, 2023 को दूसरी बैठक आयोजित की जाएगी।

3th news

उप-मुख्यमंत्री ने जाखू मंदिर में पूजा अर्चना की

उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज शिमला के प्रसिद्ध जाखू मंदिर में शीश नवाया और प्रदेश के लोगों की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर विधायक नीरज नैय्यर, केवल सिंह पठानिया, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के सचिव डॉ. तजिंदर पाल सिंह बिट्टू, प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष महेश्वर चौहान एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

4th news

राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने कालाअंब में तीन फर्मों का निरीक्षण किया
कर अदायगी में अनियमितताओं की जांच जारी

आयुक्त, राज्य कर एवं आबकारी, यूनुस ने आज यहां बताया कि विभाग द्वारा आज सिरमौर जिले के काला अंब क्षेत्र में तीन फर्मों का निरीक्षण किया जा रहा है। ये तीनों कंपनियां पांच राज्यों में फैली लगभग 300 फर्मों के नेटवर्क का हिस्सा हैं। इन 300 फर्मों ने 8300 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन कर 1500 करोड़ रुपये से अधिक के इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाया। इस नेटवर्क की फर्माें की नकद भुगतान के माध्यम से कर देनदारी लगभग नगण्य है और फर्मों ने बताया है कि उनके द्वारा की गई अधिकांश देनदारी इनपुट टैक्स क्रेडिट के माध्यम से अदा कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य कर एवं आबकारी विभाग की आर्थिक खुफिया इकाई (ईआईयू) ने विभिन्न डेटा स्रोतों के माध्यम से डेटा की जांच की और इस निष्कर्ष पर पहुंची कि इन 300 संस्थाओं के बीच लेन-देन में काफी जटिलताएं हैं और इन्होंने नकली/अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए ही यह जाल बुना था।
यूनुस ने बताया कि इस पैटर्न से यह भी सामने आया कि ये नई पंजीकृत इकाइयां बहुत कम समय में बड़ी मात्रा में लेन-देन की घोषण कर रही थीं और खुद ही रद्द करवा रही थीं। आपूर्ति शृंखला की शुरुआत में संस्थाओं ने कभी भी सरकार को कर का भुगतान नहीं किया। इसके अतिरिक्त, आपूर्ति शृंखला की शुरुआत में बड़ी संख्या में संस्थाओं को कर अधिकारियों द्वारा पूर्वप्रभावी रूप से रद्द कर दिया गया है जिससे पता लगता है कि इन फर्मों ने कागजों में जाली लेन-देन घोषित किया है। उन्होंने बताया कि इन फर्मों के कुछ भागीदार पहले भी कर चोरी की गतिविधियों में संलिप्त पाए गए थे।
उन्होंने बताया कि काला अंब में तीन अलग-अलग स्थानों पर तीन जिलों के 24 अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि तीसरी इकाई के सहयोग से दो संस्थाओं ने अन्य करदाताओं को 250 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट का अनुचित लाभ पहुंचाया। उन्होंने बताया कि इस नेटवर्क के विरुद्ध जीएसटी कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।