Gogal adsense क्या है कैसे इसके इस्तेमाल करते हैं

Gogal adsense क्या है कैसे इसके इस्तेमाल करते हैं

गूगल ऐडसेंस से कैसे पैसे कमाए क्या है गूगल ऐडसेंस

मौजूदा समय में हर कोई गूगल का इस्तेमाल करता है गूगल से मिनटों में ही लोगों के हर समस्या का समाधान हो जाता है,अब गूगल ऐडसेंस जहां आपको भरपूर मनोरंजन देता है हर तरह की जानकारियां देता है ,तो वहीं अब गूगल ऐडसेंस का इस्तेमाल करने से आप मालामाल भी हो सकते हैं दरअसल सोशल मीडिया के जमाने में की वेबसाइट है कई ऑनलाइन बिजी चल रहे हैं उनके लिए गूगल ऐडसेंस वरदान बन सकता है सबसे पहले जानिए कि गूगल ऐडसेंस क्या है.

क्या आपने कभी सोचा हैं, की हम किस प्रकार गूगल से पैसे कमा सकते हैं, क्योंकि आज इस पोस्ट में हम जिस सर्विस के बारे में बात करने वाले हैं, वो गूगल का ही एक पैसा कमाने वाला प्रोडक्ट हैं, जिसकी मदद से आप अपने ऑनलाइन कंटेंट पर विज्ञापन ( Ads ) लगाकर पैसे कमा सकते हैं |

वैसे अगर आपने कभी गूगल पर ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए के बारे में सर्च किया हैं, तो आप गूगल ऐडसेंस से भली भाति परिचित होंगे, आपको बता दे की इन्टरनेट पर जितने भी लोग ऑनलाइन पैसे कमाते हैं, उनमे से करीब 60% लोग Google Adsense के द्वारा ही ऑनलाइन पैसे को कमा पाते हैं |

ऐसे में अगर आप भी गूगल के इस पैसा कमाने वाला प्रोडक्ट जिसका नाम गूगल ऐडसेंस  हैं, इसके बारे में पुरी जानकारी चाहते हैं, तो मुझे आशा नहीं पूरा विस्वास हैं, की आज का हमारा यह पोस्ट Google Adsense Kya Hai आपके लिए बहुत लग्भादायक होगा, क्योंकि इस पोस्ट में हम आपको Google Adsense क्या हैं से लेकर इससे पैसे कमाने तक का पूरा प्रोसेस बताया हैं |

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पीजीआई सैटेलाइट सेंटर के निर्माण के लिए केंद्रीय मंत्रालय से वन मंजूरी: मुख्यमंत्री

ऊना में पीजीआई सैटेलाइट सेंटर के निर्माण के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय ने वन मंजूरी प्रदान कर दी है, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण की बड़ी बाधा दूर हो गई है। यह जानकारी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने इस मामले को केंद्र सरकार के साथ मजबूती से उठाया और निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पीजीआई सैटेलाइट सेंटर ऊना के निर्माण से ऊना, कांगड़ा, हमीरपुर और बिलासपुर जिलों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्वास्थ्य संस्थान का शिलान्यास मार्च, 2018 में किया गया था, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है और केंद्रीय मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद अब शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न महत्वकांक्षी परियोजनाओं की वन मंजूरी के मामले केंद्र सरकार के समक्ष प्राथमिकता के आधार उठा रही है। राज्य सरकार ने एफसीए और एफआरए के मामलों में स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए फारेस्ट क्लीयरेंस कंसल्टेंट आर्गनाइजेशन (एफसीसीओ) के माध्यम से उपयोगकर्ता एजेंसियों को सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एफसीए और एफआरए क्लीयरेंस के मुद्दे को प्रभावी तरीके से सर्वोच्च न्यायाल के समक्ष उठाया था, जिसके बाद शीर्ष अदालत ने इसकी पूर्व अनुमति की शर्त को हटा दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के लोगों को उनके घर-द्वार पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उन्हें विशेष चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करने में किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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