महीने से कछुआ गति से चल रहा बागरण पुल का

 

Robin sharma

 

बागरण पुल के समीप गिरा फिर दूसरा ट्रॉला प्रशासन की आई बड़ी लापरवाही

6 महीने से कछुआ गति से चल रहा बागरण पुल का मरम्मत कार्य

बागरण पुल के समीप फिर ट्राला गिरने का मामला सामने आया है जहां पर खड़ी चढ़ाई चढ़ते समय ट्रॉला अचानक पलट गया गनीमत यह रही कि कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई और चालक ने सूझबूझ दिखाकर अपनी जान बचा ली दरअसल पावटा से आंज भोज और उत्तराखंड को जोड़ने वाले मुख्य सड़क पर बागरण पुल की मरम्मत का कार्य 6 महीनों से कछुआ गति से चल रहा है जिसके चलते हजारों लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है वहीं

मौके पर मौजूद लोगों ने वीडियो वायरल कर बताया कि यह दूसरा मामला सामने आया है इससे पहले भी एक सरकारी विद्यालय की अध्यापिका स्कूल जाते समय गिर गई थी और उन्हें भी काफी चोटें आई थी वही दूसरा मामला आज रविवार को सामने आया है जबकि स्थानीय प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी दफ्तरों में आराम फरमा रहे हैं।

मौके पर मौजूद लोगों ने वायरल वीडियो में बताया कि बागरण पुल का कार्य कर रही कंपनी को ब्लैक लिस्ट करना चाहिए पिछले कई महीनों से कछुआ गति से कार्य चल रहा है जिससे क्षेत्र के हजारों लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं, आने वाले समय में फिर मौसम विभाग में बारिश की संभावना बताइए ऐसे में फिर लोगों को फिर गिरी नदी के तेज बहाव में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

लोगों ने बताया कि कंपनी को 25 दिनों का टाइम दिया गया था लेकिन अब कई महीने हो चुके हैं लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई है नए उपायुक्त सिरमौर से भी उन्होंने मांग की है या तो इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा करवा दिया जाए या फिर ऐसे कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाए।

लोगों ने बताया कि यहां पर एक्सीडेंट हो चुके हैं एक अध्यापिका की स्कूल जाते समय बाल-बाल जान बची थी इतना ही नहीं बाइक चालक और कई गर्भवती महिलाओं को भी नदी पार करते समय परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है ऐसे कई मामले पिछले कई महीनों से सामने आ चुके हैं लेकिन कंपनी को कोई फिक्र नहीं है और अपना कछुआ गति से काम कर रही।

गौरतलब है कि लालची कंपनी की वजह से आंज भोज के 14 पंचायतों के लोगों और उत्तराखंड को जाने वाले लोगों को रोजाना वैली पुल को पार करके आवाजाही करनी पड़ रही है बारिश होने पर नदि का जल स्तर बढ़ जाता है ऐसे में लोगों को आवाजाही करने की कई चौंकाने वाली तस्वीरें भी सामने आई थी भले ही पीडब्ल्यूडी विभाग और स्थानीय प्रशासन समस्या का समाधान के लिए मौके पर पहुंचते हैं लेकिन कंपनी उनके आदेशों को भी ठेंगा दिखा रही है।

वही प्रदीप चौहान ने उपायुक्त सिरमौर से मांग की है कि काम करे कंपनी की मरम्मत का कार्य की गुणवत्ता को भी चेक किया जाए ताकि पुल टूटने से बच सके हाल ही में ही रेणुका विधानसभा क्षेत्र में भी पुल टूटने से जहां लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था