विकास को तरसी शिलाई की जनता चंद्रमोहन ठाकुर

 

विकास को तरसी शिलाई की जनता चंद्रमोहन ठाकुर

उद्योग मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में कई कार्यालय बंद

भाजपा किसान मोर्चा के जिला सचिव चंद्रमोहन ठाकुर जी ने एक प्रेस नोट जारी किया है इस प्रेस नोट में उन्होंने उधोग मंत्री हर्षवर्धन चौहान पर आरोप लगाया है कि माननीय मंत्री जी जब से मंत्री बने हैं उन्होंने हिमाचल में व्यवस्था परिवर्तन की बात की थी लेकिन व्यवस्था परिवर्तन तो दूर की बात लेकिन अपनी विधानसभा में प्रतिशोध की भावना से काम कर रहे ।

 

 

सबसे पहले तो उनकी नकारात्मक सोच के कारण उन्होंने पूरे हिमाचल में एवम एक मात्र शिलाई विधानसभा में पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा खोले 21 से अधिक संस्थान बंद कर दिए । एवम पूरे हिमाचल में जो 1000 से अधिक संस्थान बन्द हुए हैं उसके पीछे की सोच भी उधोग मंत्री जी की रही है।

 

 

इसके साथ साथ शिलाई विधानसभा के दफ्तरों में पहले ही कमर्चारी की संख्या कम है। कर्मचारियों ने शिलाई विधानसभा में भाजपा को बढ़त दी थी परिणास्वरूप प्रतिशोध की भावना से तबादले कर रहे ।। आगे प्रेस नोट में जिला सचिव ने कहा कि पूरे हिमाचल में ये पहली बार हो रहा जब कोई नेता जीत पर भी प्रतिशोध की भावना से काम कर रहे है ।

 

 

शिलाई विधानसभा में विकास के काम ठप पड़े हैं । जल शक्ति विभाग हो या बिजली विभाग हो अन्य शिक्षा एवम स्वास्थ्य से जुड़े संस्थान हो, कर्मचारियों को अपनी विधानसभा से अन्य विधानसभा में भेज दिया है। किसान मोर्चा के सचिव ने आगे चेतावनी दी है मंत्री महोदय अपनी गरिमा में रहे नही आगामी समय मे घेराव किया जायेगा।

 

 

आपको प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मंत्री काम करने के लिए बनाया है न कि तबादला करने के लिए एवम संस्थान खाली करने के लिए बनाया है । पूर्व की भाजपा सरकार में माननीय पूर्व विधायक जी बलदेव तोमर जी के काम देख कर मंत्री महोदय विकास को पचा नही पाए हैं ।

 

 

मंत्री महोदय ने पूर्व की भाजपा सरकार में विकास कार्य के लिए जारी हुआ बजट भी वापिस मंगवा लिया है ऐसी नकारात्मक व्यवस्था परिवर्तन एवम प्रतिशोध की भावना से कार्य करना मंत्री जी को शोभा नही देता। शिलाई विधानसभा में मंत्री जी के परिवार का एक तरफ़ा 65 साल तक राज रहा है

 

 

जिसमे 35 साल उनके पिता जी स्वर्गीय गुमान सिंह जी एवम 30 साल हर्षवर्धन जी विधायक रहे हैं लेकिन पिछड़ी हुई विधानसभा में रखा। भाजपा सरकार में सिराज के बाद शिलाई का नाम आता था जबकि कांग्रेस सरकार में शिलाई को अंतिम पायदान पर पहुचाने का काम मंत्री जी ने किया है ।