झमाझम बारिश से 18 पंचायतों को जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग क्षतिग्रस्त

झमाझम बारिश से 18 पंचायतों को जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग क्षतिग्रस्त..

छह महीनों से जान जोखिम में डालने को मजबूर ग्रामीण

बारिश शुरू होते ही बारिश ने अपना तांडव मचाना शुरू कर दिया था गिरिपार क्षेत्र के दो तीन इलाकों से बेलीपुल क्षतिग्रस्त के मामले सामने आए हैं जिसके बाद आवाजाही कुछ समय के लिए बिल्कुल बाधित हो गई थी

पहला मामला के नाया से कुंठ को जाने वाली सड़क का है जहां पर बरसात का पानी इतना आ गया कि सड़क का नामोनिशान खत्म हो गया जिसके चलते 3 गांव के लोगों की आवाजाही ठप हो गई वहीं दूसरा मामला बागरण पुल का सामने आया है जहां पर गिरी नदी के पानी से बेलि पुल क्षतिग्रस्त हो गया।

जानकारी मुताबिक पांवटा साहिब विधानसभा की 18 पंचायतों को जोड़ने वाला बांगरण पुल का आधा अधूरा काम से जनता परेशान हो चुके हैं।

बता दें कि इस पुल के मरम्मत कार्य के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को जनवरी महीने से पुल का मरम्मत कार्य के लिए मात्र 1 महीने का ही समय दिया गया था लेकिन 5 महीने बीत जाने के बाद भी इस पुल का काम अभी भी आधा अधूरा है।

जिसके चलते गिरी नदी को क्रॉस करने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग भी बनाया गया है इस वैकल्पिक मार्ग पर लगभग 5 से ज्यादा बार हादसे हो चुके हैं लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

बरसात का मौसम शुरू होने वाला है लोगों का सब्र का बांध टूटता हुआ नजर आ रहा है बारिश होने के कारण नदी में पहले भी पानी आने से वैकल्पिक मार्ग बंद हुआ था लेकिन फिर पीडब्ल्यूडी विभाग की टीम मौके पर पहुंची और 2 दिन के भीतर ही यातायात फिर से पुनः चालू किया।

स्थिति कुछ 31 मई को भी ऐसे ही नजर आए जब वैकल्पिक मार्ग के दोनों ओर सड़क पर वहां खड़े रहे और नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने लगा जिसके चलते पुलिस जवानों के लिए बनाई गई एक झोपड़ी भी पानी में ही जलमग्न होती हुई नजर आई।

लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि बांगरण पुल के मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाए और शीघ्र ही पुल को जनता को समर्पित किया जाए ताकि जनता को हो रही परेशानियों से छुटकारा मिल सके।

वहीं नाया से कुंठ सड़क को बहाल करने का ग्रामीणों ने गुहार लगाई है साथ ही ग्रामीणों ने 100 मीटर सड़क का कार्य जो रुका हुआ है उसे गति देने के लिए भी मांग की है