रेत बजरी माफियाओं ने माइनिंग विभाग एक कर्मचारी पर किया जानलेवा हमला का प्रयास

रेत बजरी माफियाओं ने माइनिंग विभाग एक कर्मचारी पर  जानलेवा हमला करने का प्रयास

सिरमौर में दिनोंदिन बढ़ रही रेत बजरी माफियाओं की गुंडागर्दी

रेत बजरी माफियाओं को पुलिस का कोई डर नहीं

जिला सिरमौर में रेत बजरी माफियाओं और टिपर चालकों की गुंडागर्दी किसी से छुपी नहीं है हर दूसरे दिन टिपर चालक हो या रेत बजरी माफिया लोगो के लिए जी का जंजाल बन रहे हैं वैसे ही ताजा मामला बगथन (पछात) मैं सामने आया है जहां पर में टिप्पर चालक को रोका गया तो विभाग के कर्मचारी पर हमलावर हो गया घटना शुक्रवार देर 10:00 बजे की है।

जानकारी मुताबिक माइनिंग विभाग के कर्मचारी अवैध खनन कर रहे रेत बजरी माफियाओं पर नकेल कसने के लिए लगातार दिन हो या रात प्रयास कर रहे हैं लेकिन टिपर चालकों की गुंडागर्दी सिरमौर जिला में इतनी बढ़ गई है कि ना तो इन्हें पुलिस का भय और नाही किसी और का, चंद सिक्कों के लालच में लोगों का खून करने के लिए उतारू हो जाते हैं ऐसे कई मामले सिरमौर में सामने आ चुके हैं टिपर चालकों की वजह से एक माइनिंग गार्ड को अपनी जान गंवानी पड़ी टिप्पर चालकों की वजह से कई एक्सीडेंट हो चुके हैं जिससे लोगों के घरों के चिराग बुझ चुके हैं हाल ही में ही पोंटा साहिब में भी एक प्रतिनिधिमंडल ने DC सिरमौर को शिकायत भेजी थी कि टिपर चालकों की मनमानी पर नकेल कसी जाए ताकि आम जनमानस सुरक्षित सके लेकिन उसके बावजूद भी चालकों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

इस मामले में माइनिंग विभाग के स्पेक्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि शिकायत स्थानीय थाना में दी गई है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि हिमाचल प्रदेश एक शांतिप्रिय क्षेत्र है और टिप्पर चालक हिमाचल के सिरमौर में गुंडागर्दी फैलाकर माहौल बना रहे हैं लोगों की सुरक्षा के लिए अब पुलिस को भी बड़ी चुनौती सामने आ गई है ऐसे में देखना होगा कि पुलिस गुंडागर्दी फैलाने टिपर चालकों पर आने वाले समय में नकेल कसते हैं या फिर वही लीपापोती का काम करते हैं।