पांवटा में चल रहा बिना PMT के स्टोन क्रेशर

पांवटा में चल रहा बिना PMT के स्टोन क्रेशर

संबंधित विभाग को कोई खबर नहीं

सिरमौर जिला में स्टोन क्रेशर की मनमानी किसी से छुपी नहीं है पैसे की लालच में स्टोन क्रेशर प्रशासन के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं ऐसा ही ताजा मामला पांवटा साहिब के कई स्टोन क्रेशर का सामने आया है जहां पर बिना पीएमटी के क्रेशर चलाया जा रहे है। एनवायरमेंट का उल्लंघन किया जा रहा है लीज की जगह सरकारी भूमि पर खनन किया जा रहा है।

भाजपा सरकार में जिस तरह जमकर अवैध खनन हो रहा था उसी उसी तर्ज ओर जमकर खनन हो रहा है, प्रदेश सरकार ने खनन के साथ-साथ स्टोन क्रेशर के संचालन पर पाबंदी लगा रखी है, लेकिन पांवटा क्षेत्र में बिना PMT के स्टोन क्रेशर चलाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। गिरी ओर यमुना नदी में स्टोन क्रेशर पिछले कई दिन से प्रशासन के नियमों को ठेंगा दिखा रहा है ओर दिन रात काम में जुटा हुआ है।

संबंधित विभाग को सारी जानकारी होने के बावजूद भी प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं इस स्टोन क्रेशर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। पिछले दिनों प्रतिबंध के बावजूद प्रशासन की मिलीभगत से रात में स्टोन क्रेशरों से बजरी के स्टाक की सप्लाई की गई।

 

क्रेशर संचालक कि राजनीतिक पकड़ होने की वजह से प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई अमल में नहीं ला रहे हैं जिसके चलते रोजाना लाखों रुपए की चपत माइनिंग विभाग को लगाई जा रही है।

 

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार इमानदारी का बड़ा ढिगड़ा पीट रही है लेकिन सिरमौर जिला की बात की जाए तो यहां पर क्रशर संचालकों की लालच की वजह से ईमानदार सरकार पर भी दाग लगना शुरू हो रहा है यह बातें हम नहीं कह रहे हैं लेकिन क्षेत्र के कई लोगों द्वारा मीडिया को जानकारी देते हुए की लोगों ने बताया कि उनका नाम न छापने पर उन्होंने बताया कि लालची क्रेशर संचालकों की वजह से कई बार लोगों की जानें जा चुकी है माइनिंग इंस्पेक्टर को अघात तक किया गया है जानलेवा हमले तक हो चुके हैं लेकिन उसके बावजूद भी जिला माइनिंग अधिकारी AC कमरे में बैठकर आराम फरमा रहे हैं।

वही एक व्यक्ति ने मीडिया को जानकारी देते बताया कि माइनिंग विभाग के चीफ सेक्टरी को इस बारे में शिकायत भेजी जा रही है ताकि सोया हुआ माइनिंग विभाग के जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद से जा सके,ओर नियमों का उल्लंघन कर रहे क्रेशर संचालकों के ऊपर कार्यवाही करें और जो प्रदेश सरकार को नुकसान हो रहा है उसकी रोलती मिल सके।