एनएच-707 पर कार्यरत मजदूरों ने जमकर की नारेबाजी

बिना नोटिस निकाले मजदूरों ने कंपनी के खिलाफ खोला मोर्चा

 

बिना अग्र्रिम नोटिस दिए बगैर काम से निकाले गए मजदूरों ने कंपनी प्रबंधक के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। मजदूर धरने पर बैठ गए हैं। निर्माणाधीन एनएच-707 पर कार्य कर रही फेज-3 की कंपनी द्वारा काम से निकाले गए मजदूरों ने सीटू के बैनर तले कंपनी के विरुद्ध धना पर बैठकर जमकर नारेबाजी की। यह धरना प्रदर्शन सीटू के जिला अध्यक्ष कामरेड लाल सिंह की अध्यक्षता में किया गया। धरना प्रदर्शन का मुख्य कारण कंपनी द्वारा बिना अग्रिम नोटिस दिए निकाले गए करीब 50 मजरों ने इस प्रदर्शन में भाग लिया। मजदूरों का कहना है कि कंपनी द्वारा पूर्व में कोई नोटिस नहीं दिया है। आरोप यह भी हैं कि कंपनी द्वारा श्रम अधिनियम का उल्लंघन कर गरीब मजदूरों का शोषण किया है। मजदूरों का कहना है कि पूर्व में कंपनी उनसे 10 से 12 12 घंटे काम लेती रही जिसके बदले में उन्हें न तो ओवरटाइम दिया गया और न ही आज तक न्यूनतम मजदूरी दी गई।

 

श्रम अधिनियम के तहत मजदूरों को मिलने वाला पीएफ, ईएसआई व अवकाश नहीं दिया जा रहा है। कंपनी द्वारा मजदूरों से तीन-चार महीने काम करवाने के बाद उन्हें उनकी न्यूनतम मजदूरी नहीं दी। जब मजदूरों ने कंपनी प्रबंधक से शिकायत की तो उन्हें बिना नोटिस दिए काम से निकाल दिया गया। मजबूरन उन्हें धरने पर बैठना पड़ा। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने समय-समय पर परियोजना निदेशक, मोरथ के अधिकारी, श्रम निरीक्षक, जिला श्रम अधिकारी, एसडीएम शिलाई को भी इस बाबत सूचना दी, लेकिन किसी ने गौर नहीं किया। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वह आंदोलन उग्र कर देंगे। उधर कंपनी के परियोजना प्रबंधक जगरनाथ ने बताया कि कार्य में बाधा उत्पन्न व अनुशासनहीनता की वजह से कुछ मजदूरों को काम से निकाला गया है। निकाले गए मजदूरों को एक माह का अग्रिम वेतन दिया गया है। उन्होंने कहा कि कंपनी के नियमों के विरुद्ध कार्य करने पर इन्हें कार्य पर नहीं रखा जा सकता।