अमीरों पर मेहरबानी गरीबों की अनदेखें प्रधान सालवाला

अमीरों पर मेहरबानी गरीबों की अनदेखें प्रधान सालवाला
70 वर्षीय महिला दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर
खाने के एक निवाले के लिए तरसी महिला
वोट ना मिला प्रधान ने काटा विधवा महिला का बीपीएल नाम
इन तस्वीरों के पीछे की हकीकत हकीकत सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे दरअसल मामला जिला सिरमौर पांवटा साहिब सालवाला पंचायत का है वैसे तो पंचायत सुर्खियों में रहती है यहां की भ्रष्टाचार कि कई मामले उजागर हो चुके हैं प्रधान प्रधान का घमासान आज भी किसी से छुपा नहीं हैं वहीं अब प्रधान का तानाशाही रवैया सामने आ गया है
यहां पर एक विधवा महिला पंचायत प्रधान और ब्लॉक की अनदेखी की वजह से दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है एक महीने में 3 किलो चावल से अपना गुजारा कर रही है  आधे समय भूख कर जीवन यापन कर रही है।
वही महिला ने बताया कि पंचायत प्रधान वार्ड मेंबर और अमीरों पर मेहरबान हो रहे हैं वार्ड मेंबरों के नाम बीपीएल में शामिल किए जा रहे हैं और उन्हीं बीपीएल के द्वारा उनके घर भी बनाए जा रहे हैं लेकिन यह बुजुर्ग महिला टूटे-फूटे आशियाना में रहने को मजबूर है गैस के जगह पर चूले पर आज भी भोजन बनाती है।
वहीं कुछ बुद्धिजीवियों का तो यह कहना है साल वाला पंचायत में प्रधान और फैक्टरी मिलकर जमकर भ्रष्टाचार फैला रहे हैं गरीबों पर अत्याचार और अमीरों पर मेहरबान हो रहे हैं आज भी घर में गाड़ियां ट्रैक्टर आदि को बीपीएल श्रेणी में डाला जाता है जबकि गरीब लोगों को डिप्रेशन से बाहर निकाला जा रहा है इससे या तो प्रधान की अमीरों के साथ सेटिंग है या फिर उन पर मेहरबानी जताई जा रही है
आंसू बहाती महिला का कसूर बस इतना था कि वह गरीब है जिस वजह से उनके साथ प्रधान और उनके चहेते वार्ड मेंबर सौतेला व्यवहार कर रहे हैं महिला दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है अपनी आवाज उठाने के लिए महिला ने पंचायत प्रधान से लेकर ब्लॉक तक कई चक्कर काटे लेकिन महिला को निराशा ही हाथ लगी ऐसे में महिला ने हिम्मत हार कर अपने घर में अपने जिंदगी रो रो कर गुजार रही है और हमेशा केंद्र प्रदेश सरकार को कोस रही है कि ऐसे भ्रष्ट प्रधानों की वजह से आज भी महिलाएं गरीब है।