टिपर चालको के आतंक से ग्रामीण परेशान

टिपर चालको के आतंक से ग्रामीण परेशान

टिप्पर चालक एसडीएम के आदेशों को भी दिखा रहे ठेंगा

जिला माइनिंग अधिकारी टिप्पर चालकों पर मेहरबान

पांवटा साहिब के बरोटीवाला के ग्रामीण जिला माइनिंग अधिकारी के झूठे वादों से तंग आ चुके हैं ग्रामीणों द्वारा मांग उठाई गई थी कि यहां से टिपर चालको की आवाजाही पर बिल्कुल विराम लगाया जाए 28 मई को SDM कार्यालय में भी बैठक की गई थी और जिसमें स्पष्ट तौर पर आश्वासन दिया था कि समस्या का समाधान हो जाएगा लेकिन एक महीना होने वाला है लेकिन अभी तक समस्याएं जस की तस बनी हुई।

गांव के लोगों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जिला माइनिंग अधिकारी की टिपर चालको पर मेहरबानी जता रहे हैं जिससे अब क्षेत्र के लोगों को जिला माइनिंग अधिकारी की कार्यशैली पर भी कई सवाल पैदा हो रहे हैं भले ही माइनिंग इंस्पेक्टर अपने स्तर पर मामले को सुलझाने का प्रयास करते हैं लेकिन जिला माइनिंग अधिकारी का क्रेशर संचालकों और टिपर चालकों पर आशीर्वाद होने की वजह से इनके हौसले बुलंद हो गए हैं जिसके खामियाजा लोगों को झेलनी पढ़ती है।

 

बताते चलें कि पांवटा साहिब में लोग सुकून की नींद नहीं सो पा रहे हैं दरअसल पांवटा साहिब के रामपुर घाट में टिपर चालकों के आतंक से लोग परेशान हैं रात हो या दिन सुकून की नींद नहीं सो पा रहे हैं यह बात हम नहीं कह रहे हैं बरोटीवाला लोगों ने मीडिया से कहि।

मीडिया के कैमरे ऑन होते ही संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष कहा कि टिप्पर चालकों की मनमानी बढ़ती जा रही है जिनकी वजह से जल शक्ति विभाग को लाखों की चपत लग चुकी है बिजली विभाग को भी चपत लग चुकी है इतना ही नहीं टूटी-फूटी सड़कों पर भी लोगों को आवाजाही करने पड़ रही है और इसकी सबसे बड़ी लापरवाही जिला माइनिंग अधिकारी की है एक बार भी वह मौके पर आकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया हमेशा अपने दफ्तर में बैठकर आराम फरमा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि शहर में अवैध खनन माफिया की गुंडागर्दी थमने का नाम नहीं ले रही है।
रात के समय रेत बजरी माफिया अनाप-शनाप गालियां देते हैं जिससे युवा पीढ़ी पर इसका असर हो रहा है उन्होंने कहा कि रेत बजरी माफियाओं की वजह से एक माइनिंग गार्ड को अपनी जान गंवानी पड़ी माइनिंग इंस्पेक्टर को अगवा तक इन रेट बजरी माफियाओं ने किया लेकिन जिला माइनिंग अधिकारी ने अभी तक एक भी कार्रवाई इन सभी विषयों में अमल में नहीं लाई ,रेत बजरी माफिया सरकार को भी चपत लगा रहे हैं रॉयल्टी एक चक्कर की देर है बल्कि उनके जगह पर तीन-तीन चक्कर लगाए जा रहे हैं।

ऐसे में सवाल खड़े होते हैं कि जिला माइनिंग अधिकारी क्यों लोगों के साथ झूठे वादे कर रहे हैं क्या जिला माइनिंग अधिकारी बड़े अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं|