डांडा में स्वयं सहायता समूह के दो ग्रुपों ने मनाया अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस

डांडा में स्वयं सहायता समूह के दो ग्रुपों ने मनाया अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस

 

अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस पर सिरमौर जिला के विभिन्न विधानसभाओं में योगा दिवस मनाया जा रहा है वही पांवटा विधानसभा क्षेत्र की बात की जाए तो यहां पर पावटा ब्लाक के अंतर्गत डांडा में दो स्वयं सहायता समूह देविका और दुर्गा की महिलाओं ने अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस मनाया।

 

इस दौरान रविंदर कौर और सीता देवी ने बताया कि महिलाओं ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर गांव वासियों और गांव की महिलाओं को संदेश दिया कि योग करने से शरीर की तंदुरुस्ती रहती है और कई बीमारियां से छुटकारा मिलता है।

 

योग करने से क्या फायदे हैं

मांसपेशियों के लचीलेपन में सुधार शरीर के आसन और एलाइनमेंट को ठीक करता है बेहतर पाचन तंत्र प्रदान करता है आंतरिक अंग मजबूत करता है अस्थमा का इलाज करता है मधुमेह का इलाज करता है दिल संबंधी समस्याओं का इलाज करने में मदद करता है त्वचा के चमकने में मदद करता है शक्ति और सहनशक्ति को बढ़ावा देता है एकाग्रता में सुधार मन और विचार नियंत्रण में मदद करता है चिंता, तनाव और अवसाद पर काबू पाने के लिए मन शांत रखता है तनाव कम करने में मदद करता है रक्त परिसंचरण और मांसपेशियों के विश्राम में मदद करता है वजन घटाना चोट से संरक्षण करता है

महिलाओं ने  बताया कि मौजूदा समय में स्वास्थ्य विभाग एवं आयुष विभाग के अंतर्गत 44 सेंटर चल रहे हैं। इसके अलावा गवर्नमेंट कालेज आफ योग एजुकेशन एंड हेल्थ सेक्टर -23 में सुबह से लेकर शाम तक योग कक्षाएं आयोजित हैं। इन कक्षाओं में भी आम लोग हिस्सा ले सकते हैं। बच्चों व खिलाड़ियों के लिए स्पेशल योग अभ्यास करवाया जाता है।

योग ऐसे बनाता है निरोग

महिलाओं ने बताया कि योग स्वस्थ व्यक्ति को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा बीमारियों से संबंधित योग करने पर मरीजों का राहत मिलती है। खास बात यह है कि कई ऐसी बीमारियां जिनका एलोपैथी में कोई इलाज नहीं है, योग साधना से उनका इलाज हो सकता है। यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है और मानसिक तनाव को दूर करता है।

खिलाड़ियों के लिए योग का महत्व शरीर को लचीला मजबूत बनाता है। खिलाड़ियों में एकाग्रता बढ़ाता है। शरीर और मन का तालमेल बनाता है। स्टैमीना बढ़ाता है। हार जीत के दौरान स्वीकार भाव को बढ़ाता है। शरीर को फूर्तीला बनाता है। चोट को सहने की व चोट से बचने की क्षमता बढ़ाता है। मानसिक व शारीरिक तनाव को कम करता है। प्राण शक्ति को सक्रिय रखता है।