पांवटा साहिब में वन विभाग के कर्मचारी का ऑडियो वायरल

पांवटा साहिब में वन विभाग के कर्मचारी का ऑडियो वायरल

 

वायरल ऑडियो में वन विभाग के कर्मचारी मांग रहा 30 हजार रुपए…

 

पांवटा साहिब में वन विभाग के कर्मचारी का एक ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें पैसे के लेनदेन को लेकर बातचीत की जा रही है ऑडियो सुनकर तो यही प्रतीत हो रहा है कि कर्मचारी ₹30000 | ट्रैक्टर चालक से मांग रहा है वह इस बारे में हमने | जांच पड़ताल शुरू की।

 

सबसे पहले ट्रैक्टर चालकों से हमारी टीम ने बातचीत की तो पता चला कि यह ऑडियो पांवटा साहिब के रामपुर घाट का है ट्रैक्टर चालकों ने मीडिया के कैमरे ऑन होते हुए बताया कि रामपुर घाट दिन रात मेहनत करके अपने परिवार का लालन पालन कर रहे मजदूरों का है जिनसे वन विभाग कर्मचारी ₹30000 लेन-देन की बात कर रहे हैं।

ट्रैक्टर चालकों ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारी अपनी ट्रैक्टर चालकों पर हकूमत जमा रहे हैं और ट्रैक्टर चालकों से रिश्वत मांगते हैं यदि समय पर पैसे नहीं दिए तो उनके ट्रैक्टरो चालान काट देते हैं इस बारे में वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाई लेकिन समस्या जस की तस रहेगी।

 

बीते रोज भी माइनिंग विभाग के कर्मचारी ट्रैक्टर चालकों पर एफ आई आर दर्ज कराई है कि उनके साथ मारपीट हुई है और उनकी वर्दी को फायदा गया है जबकि मौके की वीडियो हमने पुलिस को और मीडिया को साझा किया जिसमें स्पष्ट तौर पर देखा जा रहा है कि वन कर्मी के पास ड्रेस नहीं थी और अपनी हुकूमत ट्रैक्टर चालकों पर ठोक रहे थे।

हालांकि यह स्पष्ट तौर पर कहा नहीं जा सकता कि किस विषय को लेकर लेनदेन किया जा रहा है लेकिन वायरल ऑडियो में स्पष्ट तौर पर वन विभाग के कर्मचारी ₹30000 मांगने की बात कर रहे हैं।

 

वही हमारी टीम मैं पैसे मांग रहे वन विभाग के कर्मचारी से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि उनके कार्य क्षेत्र में रेत बजरी माफिया रोजाना जमकर खनन कर रहे हैं जब उन्हें रोका जाता है तो उनके साथ मारपीट भी की जाती है जिसकी शिकायत उन्होंने पांवटा थाने में भी दी है और ही पैसे मांगने की बात तो जिन ट्रैक्टर चालकों के चालान काटे थे उनसे पैसे मांगे जा रहे हैं।

 

कुल मिलाकर यह कहना गलत नहीं है कि वायरल वीडियो में तो वन कर्मी ही झूठा पाया जा रहा है साथ ही कोई भी वन विभाग का कर्मचारी चालान | काटने के बाद किसी ट्रैक्टर चालक को फोन नहीं कर सकता कि पैसे दिए जाए, इस मामले में वन विभाग के जिला अधिकारी को भी हमने ऑडियो होगा भेजी है देखते हैं इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।